गजब! स्‍पेस मिशन लॉन्‍च करने के लिए नहीं चाहिए होगा रॉकेट! चीन बना रहा नई चीज, जानें

इस सिस्‍टम को ‘रेल गन’ (rail gun) कहा जाता है, जिसका डिजाइन तैयार है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 मार्च 2024 13:58 IST
ख़ास बातें
  • विद्युत चुंबकीय लॉन्‍च ट्रैक पर काम कर रहे चीनी वैज्ञानिक
  • विशाल स्‍पेसप्‍लेन को लॉन्‍च करने में करेगा मदद
  • नासा भी कर चुकी है कोशिश, नहीं मिली थी व्‍यापक सफलता

चीन इस प्रोजेक्‍ट पर काम करने वाला पहला देश नहीं है। साल 1990 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने इस पर काम शुरू किया था।

दुनिया की सभी स्‍पेस एजेंसियां ‘अंतरिक्ष' में अपने मिशन लॉन्‍च करने के लिए पावरफुल रॉकेट का इस्‍तेमाल करती हैं। हाल ही में एलन मस्‍क की स्‍पेस कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स' (SpaceX) ने दुनिया की सबसे भारी रॉकेट को तीसरी बार टेस्‍ट किया। लेकिन चीनी वैज्ञानिक एक नई दिशा में काम कर रहे हैं। भारी-भरकम पावरफुल रॉकेट के बजाए वो एक विशाल विद्युत चुंबकीय लॉन्‍च ट्रैक (electromagnetic launch track) पर काम कर रहे हैं। इसकी मदद से बोइंग 737 से भी लंबे 50 टन के विशाल स्‍पेसप्‍लेन को लॉन्‍च करने की कोशिश की जाएगी। 

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्‍टम को ‘रेल गन' (rail gun) कहा जाता है। सिस्‍टम का डिजाइन तैयार है। इसकी मदद से हाइपरसोनिक विमान को मैक 1.6 तक की स्‍पीड तक ले जाया जा सकता है, जिससे ऑब्‍जेक्‍ट को स्‍पेस में भेजने का टार्गेट पूरा किया जा सकता है। 

दिलचस्‍प यह है कि चीन इस प्रोजेक्‍ट पर काम करने वाला पहला देश नहीं है। साल 1990 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने इस पर काम शुरू किया था। लेकिन फंडिंग में कमी और तकनीकी चुनौतियों के कारण प्रोजेक्‍ट को बीच में ही बंद कर दिया गया। 

बाद में अमेरिकी सेना ने एयरक्राफ्ट कैरियर्स से विमानों को लॉन्च करने के लिए कम स्‍पीड वाले विद्युत चुंबकीय लॉन्‍च ट्रैक डेवलप किए। यह शुरुआती कोशिश थी, जिसमें तकनीकी समस्‍याएं आती रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने विद्युत चुंबकीय लॉन्‍च पैड तैयार करने की ज्‍यादातर कोशिशें बंद कर दी हैं, लेकिन चीन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। 
Advertisement

अबतक किए गए टेस्‍टों में चीनी वैज्ञानिकों को पता चला है कि रॉकेट के फर्स्‍ट स्‍टेज की जरूरत को खत्‍म करने के लिए उन्‍हें एयरक्राफ्ट की स्‍पीड को तेज करने की जरूरत है। अगर वैज्ञानिक अपनी कोशिश में कामयाब हो जाते हैं तो स्‍पेसक्राफ्ट को कम फ्यूल के साथ स्‍पेस में पहुंचाया जा सकेगा। इससे पैसों की काफी बचत होगी। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹18,999 में लॉन्च हुए थे, अब ₹34,999 तक पहुंची कीमत; प्राइस हाइक लिस्ट में Vivo T5x 5G और iQOO Z11x 5G की एंट्
  2. Redmi सस्ते में ला रही नई स्मार्टवॉच, 1200 निट्स AMOLED डिस्प्ले, IP68 रेटिंग, ग्लोबल लॉन्च जल्द
#ताज़ा ख़बरें
  1. Lava Virat V1 5G भारत में लॉन्च हुआ 128GB वेरिएंट के साथ, 6000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग!
  2. Redmi सस्ते में ला रही नई स्मार्टवॉच, 1200 निट्स AMOLED डिस्प्ले, IP68 रेटिंग, ग्लोबल लॉन्च जल्द
  3. Philips लेकर आया अपना नया फोन S7221 5G, 64MP कैमरा, 5700mAh बैटरी जैसे फीचर्स से लैस, जानें कीमत
  4. घीमे लैपटॉप-PC को फास्ट बना देगा JioPC, बिना नया कंप्यूटर खरीदे मिलेगी 16GB RAM और 1TB स्टोरेज
  5. अगर गुम गया है TV रिमोट, तो न हों परेशान, ऐसे अपने एंड्रॉयड फोन को बना सकते हैं रिमोट
  6. Vivo T5 5G भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल कैमरा, 7050mAh बैटरी के साथ गजब फीचर्स से लैस, जानें सबकुछ
  7. हैंडहेल्ड गेमिंग का सीन पलटने आ रहा भारतीय स्टार्टअप ARC! Qualcomm से मिलाया हाथ, जल्द आएगा X1 डिवाइस
  8. AI से रोज बात करते हैं? कहीं आप भी तो नहीं बन रहे रोबोट, नई रिसर्च उड़ा देगी होश!
  9. Instagram पर AI Profile वालों के लिए बुरी खबर, Meta ने बदले नियम, रीच पर हो सकता है असर!
  10. URBN के इस नए 25,000mAh Power Bank में मिलेगा 100W आउटपुट, एक साथ फास्ट चार्ज होंगे कई फोन; जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.