भारत को आंख दिखाने वाले चीन को झटका! अंतरिक्ष में नहीं पहुंच सका पहला मीथेन ईंधन रॉकेट, 14 सैटेलाइट्स खत्‍म

China Rocket Failed : इन सैटेलाइट्स को दुनिया के पहले मीथेन-ईंधन से भरे रॉकेट की मदद से लॉन्‍च किया गया था। ऐसा लगता है कि रॉकेट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 15 दिसंबर 2022 13:03 IST
ख़ास बातें
  • रॉकेट को बीजिंग बेस्‍ड कंपनी लैंडस्पेस ने बनाया था
  • बुधवार को रॉकेट ने उड़ान भरी थी
  • कहा जा रहा है कि यह ऑर्बिट तक सैटेलाइट्स नहीं पहुंचा सका

China Rocket Failed : Zhuque-2 (ज़ुक -2) नाम के इस रॉकेट को बीजिंग बेस्‍ड कंपनी लैंडस्पेस ने डेवलप किया था।

Photo Credit: Landspace

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में भारत को आंख दिखाने वाले चीन (China) को बड़ा झटका लगा है। कहा जा रहा है कि एक बड़े अंतरिक्ष मिशन के कामयाबी की उम्‍मीद लगाए चीन ने उसके 14 सैटेलाइट्स को गंवा दिया है। इन सैटेलाइट्स को दुनिया के पहले मीथेन-ईंधन से भरे रॉकेट की मदद से लॉन्‍च किया गया था। ऐसा लगता है कि रॉकेट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया। Zhuque-2 (ज़ुक -2) नाम के इस रॉकेट को बीजिंग बेस्‍ड कंपनी लैंडस्पेस ने डेवलप किया था। बुधवार को रॉकेट ने उड़ान भरी थी, जो कमर्शल रूप में डेवलप हुआ चीन का पहला लिक्‍विड प्रोपलैंट रॉकेट लिफ्टऑफ था। 

रिपोर्टों के अनुसार, Zhuque-2 रॉकेट को गोबी रेगिस्तान में चीन के जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से ऑर्बिट में भेजा गया था। इसका मकसद साथ ले जाए जा रहे सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाना था। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि रॉकेट का सेकंड स्‍टेज फेल हो गया, जिसकी वजह से सभी सैटेलाइट्स नष्‍ट हो गए। 

चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने इस लॉन्‍च के बारे में अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। हालां‍कि ट्विटर फुटेजों के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि लॉन्‍च के बाद रॉकेट के सेकंड स्‍टेज में कोई गड़बड़ी थी, जिसने उसे ऑर्बिट तक नहीं पहुंचने दिया। 
 

स्पेसन्यूज के अनुसार, रॉकेट को बनाने वाली कंपनी एक और Zhuque-2 रॉकेट पर काम कर रही है। हालांकि यह नहीं पता कि सैटेलाइट्स भेजने की अगली कोशिश कब की जाएगी। Zhuque-2 विफल हो भी गया हो, इसके बावजूद चीन अपने अंतरिक्ष मिशनों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इस साल चीन करीब 60 सफल लॉन्‍च करने के करीब है। हाल में इसने अपने स्‍पेस स्‍टेशन (Tiangong space station) के निर्माण का काम भी पूरा किया है। 
Advertisement

चीन की योजना तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर कम से कम एक दशक तक टिके रहने की है। वह वहां कमर्शल मिशनों और पर्यटकों के लिए ऑर्बिटल फैसिलिटी शुरू करना चाहता है। कहा जाता है कि स्‍पेस स्‍टेशन का काम पूरा होने के बाद यह विजिटिंग कार्गो, चालक दल और डॉकिंग स्‍पेसक्राफ्ट के साथ इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन से लगभग 20 गुना बड़ा होगा। इसका वजन करीब 460 टन होगा। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Reno 14 Pro 5G को Rs 10500 से सस्ता खरीदें, 6200mAh बैटरी, 50MP के तीन कैमरा!
  2. OPPO K14x 5G भारत में आ रहा 6500mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ, 10 फरवरी को है लॉन्च!
#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो एक्सचेंज से हुई बड़ी चूक, यूजर्स को गलती से भेजे 40 अरब डॉलर के Bitcoin
  2. अंतरिक्ष से आफत! एकसाथ आ रहे 5 एस्टरॉयड, नासा का अलर्ट
  3. Upcoming Smartphones This Week: Samsung Galaxy F70e, OPPO K14X 5G, Tecno Pova Curve 2 5G जैसे फोन इस हफ्ते होंगे लॉन्च
  4. OPPO K14x 5G भारत में आ रहा 6500mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ, 10 फरवरी को है लॉन्च!
  5. Tecno Pova Curve 2 5G भारत में 13 फरवरी को होगा लॉन्च, 8000mAh की बैटरी!
  6. 200W पावर बैंक एकसाथ 4 डिवाइस करता है चार्ज! Ugreen Nexode Pro 25000mAh बैटरी के साथ लॉन्च
  7. Google Gemini मंगाएगा खाना, कैब भी करेगा बुक, बिना फोन को हाथ लगाए!
  8. Oppo Reno 14 Pro 5G को Rs 10500 से सस्ता खरीदें, 6200mAh बैटरी, 50MP के तीन कैमरा!
  9. Samsung Galaxy A57 5G के भारत में लॉन्च की तैयारी, Bluetooth SIG से मिला सर्टिफिकेशन
  10. Honor X80 में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी, अफोर्डेबल हो सकता है प्राइस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.