छोटे रॉकेटों की बड़ी उड़ान… SSLV के बाद ‘विक्रम’ और ‘अग्निबाण’ दिखाएंगे भारत की ताकत

भारत में सैटेलाइट लॉन्‍च मार्केट साल 2022 में 720 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 19 अगस्त 2024 13:38 IST
ख़ास बातें
  • कमर्शल सैटेलाइट लॉन्‍च के क्षेत्र में दबदबा बनाएंगे छोटे रॉकेट
  • SSLV के बाद विक्रम और अग्निबाण को उड़ाने की तैयारी
  • प्राइवेट कंपनियां भी उतरने की तैयारी में इस क्षेत्र में

भारत के अंतरिक्ष संगठन इसरो (ISRO) ने हाल ही में एसएसएलवी (SSLV) रॉकेट के जरिए पहली बार एक सैटेलाइट को कक्षा में पहुंचाया।

Photo Credit: ISRO

भारत के अंतरिक्ष संगठन इसरो (ISRO) ने हाल ही में एसएसएलवी (SSLV) रॉकेट के जरिए पहली बार एक सैटेलाइट को कक्षा में पहुंचाया। SSLV को खासतौर पर छोटे सैटेलाइट्स को लॉन्‍च करने के लिए बनाया गया है। माना जा रहा है कि इस रॉकेट की मदद से भारत कमर्शल लॉन्‍च के क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ा सकता है। प्राइवेट कंपनियां भी इस मार्केट को उम्‍मीदों से देख रही हैं। बहुत जल्‍द SSLV को स्काईरूट के 'विक्रम' (Vikram) और अग्निकुल कॉसमॉस के अग्निबाण (Agnibaan) रॉकेट से चुनौती मिलेगी। ये सभी रॉकेट छोटे सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्‍ट्री का अनुमान है कि भारत में सैटेलाइट लॉन्‍च मार्केट साल 2022 में 720 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इंटरनेट कनेक्टिविटी देने से लेकर पृथ्वी के ऑब्‍जर्वेशन से जुड़े कई प्रयोगों के लिए छोटे सैटेलाइट सबसे कारगर होने की संभावना है। 

रिपोर्ट कहती है कि पिक्सल (Pixxel) और सैट्स्योर (Satsure) जैसी स्‍पेस स्टार्ट-अप कंपनियां पहले ही अपनी सर्विसेज के लिए छोटे सैटेलाइट्स का ग्रुप बनाने की योजना का ऐलान कर चुकी हैं। भारतीय कंपनियों की कोशिश है कि छोटे सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए देसी रॉकेट्स दुनिया की पसंद बनें।   

भारतीय अंतरिक्ष संघ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट्ट (रिटायर्ड) ने पीटीआई-भाषा को बताया किा बड़े रॉकेट मौजूद हैं, लेकिन ज्‍यादा संख्‍या में सैटेलाइट लॉन्‍च की वजह से कंपनियां इंतजार नहीं करना चाहतीं। वो जल्‍द से जल्‍द सैटेलाइट लॉन्‍च करना चाहती हैं। इसी वजह से छोटे रॉकेट्स को तैयार किया गया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, पिक्सल इस साल के आखिर तक में अपने हाइपर-स्पेक्ट्रल सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में स्थापित करने के लिए इसरो के लॉन्‍च वीकल्‍स का इस्‍तेमाल करने के बारे में सोच रही है। पिक्सल के सीईओ अवैस अहमद ने जुलाई में पीटीआई को बताया था कि कंपनी जो 6 सैटेलाइट बना रही है, उनमें से 3 स्पेसएक्स और तीन इसरो के साथ लॉन्‍च किए जाएंगे। 
Advertisement

हैदराबाद बेस्‍ड स्काईरूट एयरोस्पेस ने हाल में ही स्टेज 2 इंजन को टेस्‍ट किया है। यह विक्रम-1 रॉकेट को पावर देगा। इस साल के आखिर तक रॉकेट को लॉन्‍च करने की योजना है। उसी तरह से आईआईटी-मद्रास द्वारा डेवलप अग्निकुल कॉसमॉस भी अगले साल अपना कक्षीय रॉकेट ‘अग्निबाण' को लॉन्‍च कर सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. RBI ला सकता है प्लास्टिक के नोट? जानें क्या होते हैं पॉलीमर नोट और कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
#ताज़ा ख़बरें
  1. Redmi Headphones Neo हुए लॉन्च 72 घंटे बैटरी, 42dB धांसू ANC फीचर के साथ, जानें कीमत
  2. 27 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का धांसू फोन, 50MP डुअल कैमरा से लैस, आया धमाका ऑफर
  3. Call of Duty: Modern Warfare 4 का इंतजार खत्म! जानें रिलीज डेट, स्टोरी और सपोर्टेड डिवाइस
  4. दिल्ली में फिर हुआ AC ब्लास्ट, ओवरहीटिंग बन सकती है जानलेवा; जानें कारण और सेफ्टी टिप्स
  5. RBI ला सकता है प्लास्टिक के नोट? जानें क्या होते हैं पॉलीमर नोट और कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
  6. 10,000mAh बैटरी के साथ Honor Win Turbo हुआ लॉन्च, 16GB रैम, 50MP कैमरा, जानें कीमत
  7. Aadhaar में ऑनलाइन कैसे बदले एड्रेस, नहीं पड़ेगी सेंटर में जाने की जरूरत
  8. Tata Tiago EV 2026 vs पुराना मॉडल: कीमत घटी, रेंज बदली, जानें दोनों में कितना अंतर
  9. Honor X80 में होगी 10000mAh से भी बड़ी बैटरी! जून में हो सकता है लॉन्च
  10. Acer Predator Atlas 8 लॉन्च, 8 इंच डिस्प्ले के साथ गजब के फीचर्स, गेमिंग में आएगा अलग ही मजा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.