इंसान अपने शरीर के इस अंग से भी ले सकते हैं सांस, जानकर रह जाएंगे दंग

इससे काफी हद तक यह साबित होता है कि चूहे और सूअर सही परिस्थितियों में आंतों के जरिए सांस लेने में सक्षम हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 21 जून 2022 18:58 IST
ख़ास बातें
  • MED में पब्लिश हुई है ये रिसर्च
  • कछुओं के धीमे मेटाबॉलिज्म के आधार पर सूअरों और और चूहों पर किए गए प्रयोग
  • भविष्य में इस रिसर्च के जरिए इंसानों की जान बचाए जाने की उम्मीद

वैज्ञानिकों के एक समूह ने कछुओं के धीमे मेटाबॉलिज्म के आधार पर सूअरों और चूहों पर कई प्रयोग किए

Photo Credit: iStockphoto.com/ Skynesher

वैज्ञानिकों द्वारा तरह-तरह की स्टडी की जाती है, जिसमें कई ऐसे तथ्य सामने आते हैं, जो आपको चौंका सकते हैं। एक लेटेस्ट स्टडी में भी ऐसी जानकारी निकलकर सामने आई है, जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे, या यूं कहो की आप उसे मानने के लिए शायद राजी भी न हो। वैज्ञानिकों की एक टीम ने पता लगाया है कि गुदा से सांस लेना संभव है। जी हां, आपने सही पढ़ा, इस स्टडी में दावा किया गया है कि यह खोज भविष्य में इंसानों की भी जान बचाने के काम आएगी।

Science Direct ने MED में पब्लिश एक रिसर्च का हवाला देते हुए बताया कि गुदा से सांस लेना भी संभव है। वैज्ञानिकों के एक समूह ने कछुओं के धीमे मेटाबॉलिज्म के आधार पर सूअरों और चूहों पर कई प्रयोग किए। इसमें म्यूकोसल लाइनिंग को पतला करने के लिए जानवरों की आंतों को साफ किया गया, जिससे खून के प्रवाह में बाधा को कम किया जा सके। इसके बाद उन जानवरों को एक ऐसे कमरे में रखा गया जहां ऑक्सीजन नहीं थी।

ऐसा माना जाता है कि क्योंकि कछुओं के पास इस तरह की परत होती है, वे अपने गुदा के जरिए सांस लेने में सक्षम होते हैं, जिसकी वजह से वो सर्दियों में जीवित रहने में सक्षम होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, “जिन जानवरों को सांस लेने से रोका गया और उनकी आंत वेंटिलेशन से वंचित थी, वो जानवर लगभग 11 मिनट के बाद मर गए। वहीं, "जिन जानवरों को आंतों की सफाई के बिना आंतों का वेंटिलेशन मिला, वे लगभग 18 मिनट तक लगभग जीवित रहे।" यह दर्शाता है कि उस जगह से थोड़ी ऑक्सीजन ऊपर उठ रही थी।

रिसर्च आगे बताती है कि उन जानवरों में से 75 प्रतिशत, जिनकी आंतों को साफ किया गया था और दबाव में ऑक्सीजन प्राप्त हुआ था, एक घंटे तक जीवित रहे।

इससे काफी हद तक यह साबित होता है कि चूहे और सूअर सही परिस्थितियों में आंतों के जरिए सांस लेने में सक्षम हैं।
Advertisement

रिसर्चर्स का मानना है कि अन्य स्तनपायी, जैसे कि इंसान भी अपने गुदा के जरिए आवश्यक सांस लेने से जीवित रह सकते हैं। हालांकि उसके लिए आंतों को साफ करने की जरूरत होगी, जो फिलहाल संभव नहीं है। इसलिए फिलहाल समान परिणाम प्राप्त करने के लिए कम से कम खतरनाक तरीकों को देखा जा रहा है, जैसे कि ऑक्सीजन युक्त तरल पदार्थ जैसे पेरफ्लूरोकार्बन का इस्तेमाल।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Research, research on Human Life

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Apple लॉन्च इवेंट होगा 4 मार्च को आयोजित, iPhone 17e से लेकर नए MacBook देंगे दस्तक, जानें सबकुछ
  2. Vivo V60 Lite 4G फोन 6,500mAh बैटरी, 50MP Sony सेंसर और 120Hz डिस्प्ले के साथ लॉन्च
  3. Poco X8 Pro में हो सकता है MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. Xiaomi 17, Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, लीक हुई प्राइसिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. India AI Impact Summit 2026: भारत में इस जगह बनेगी पहली 'AI सिटी'
  2. Samsung Galaxy A27 5G के जल्द लॉन्च की तैयारी, IMEI पर हुई लिस्टिंग
  3. WhatsApp पर अपनी चैट को कैसे करें रिस्टोर, फोन चोरी होने और नया फोन खरीदने पर है जरूरी
  4. Xiaomi 17, Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, लीक हुई प्राइसिंग
  5. Amazon Mega Electronic Days सेल लाई तगड़ा मौका, 80% डिस्काउंट पर खरीदें स्मार्टवॉच, लैपटॉप और हेडफोन
  6. 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी से लैस होगा Infinix GT 50 Pro, जानें सबकुछ
  7. Apple लॉन्च इवेंट होगा 4 मार्च को आयोजित, iPhone 17e से लेकर नए MacBook देंगे दस्तक, जानें सबकुछ
  8. Samsung Galaxy S26 Ultra में मिल सकता है 12 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा
  9. Lava Bold N2 भारत में लॉन्च: Rs 8 हजार से कम कीमत में 5000mAh बैटरी, 90Hz डिस्प्ले और क्लीन सॉफ्टवेयर!
  10. Infosys और Anthropic की बड़ी AI डील, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.