मोबाइल टावरों के सिग्‍नलों के जरिए हम तक पहुंच सकते हैं एलियंस, स्‍टडी में चौंकाने वाला खुलासा!

Aliens : बीते एक दशक में पृथ्‍वी पर मोबाइल फोन नेटवर्क का जाल बिछाया गया है। हर देश ने अपने यहां लाखों की संख्‍या में रेडियो ट्रांसमिशन टावर इंस्‍टॉल किए हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 5 मई 2023 15:41 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला दावा
  • हाइटेक एलियंस हमें खोज सकते हैं
  • मोबाइल टावरों के सिग्‍नल हो सकते हैं मददगार

Aliens : क्‍योंकि हमारी पृथ्‍वी पर लाखों की संख्‍या में मोबाइल टावरों की मौजूदगी है, इसलिए इनसे निकलने वाले रेडियो सिग्‍नलों का कुछ हिस्‍सा अंतरिक्ष में भी चला जाता है।

एलियंस (Aliens) का नाम सुनते ही जेहन में ऐसी आकृति उभरती है, जो इंसानों जैसी तो बिलकुल भी नहीं। इस विषय को हमेशा सनसनीखेज तरीके से पेश किया जाता है, जबकि हम यह नहीं जानते कि एलियंस कैसे दिखते हैं? हमारे प्रति उनका स्‍वभाव क‍िस तरह का हो सकता है। दुनियाभर के वैज्ञानिक वर्षों से इस खोज में जुटे हैं कि पृथ्‍वी के अलावा और कहां जीवन है? अगर एलियंस हैं तो वो कहां हैं? इस खोज में रडार और सैटेलाइट्स की मदद ली जा रही है। संभावित सिग्‍नलों को ट्रेस किया जा रहा है, जो एलियंस के हो सकते हैं। लेकिन एक स्‍टडी में कहा गया है कि कुछ इसी तरह से एलियंस हम तक पहुंच सकते हैं। 

रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मासिक नोटिस (Royal Astronomical Society) में पब्लिश स्‍टडी में बताया गया है कि मोबाइल टावर के सिग्‍नलों का इस्‍तेमाल करके एलियंस हमें ढूंढने में सक्षम हो सकते हैं। गौरतलब है कि बीते एक दशक में पृथ्‍वी पर मोबाइल फोन नेटवर्क का जाल बिछाया गया है। इसके लिए हर देश ने अपने यहां लाखों की संख्‍या में रेडियो ट्रांसमिशन टावर (radio transmission towers) इंस्‍टॉल किए हैं, जिन्‍हें आमतौर पर मोबाइल टावर भी कहा जाता है। 
Advertisement

क्‍योंकि हमारी पृथ्‍वी पर लाखों की संख्‍या में मोबाइल टावरों की मौजूदगी है, इसलिए इनसे निकलने वाले रेडियो सिग्‍नलों का कुछ हिस्‍सा अंतरिक्ष में भी चला जाता है। स्‍टडी कहती है कि अगर एलियंस के पास भी तकनीक मौजूद है और वो रेडियो एस्‍ट्रोनॉमी से जुड़ी क्षमताओं से लैस हैं, तो पृथ्‍वी से निकले सिग्‍नलों का पता एक दर्जन प्रकाश वर्ष या उससे भी कम वक्‍त में लगाया जा सकता है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, रेडियो सिग्‍नलों का सबसे ज्‍यादा लीकेज मिलिट्री रडार से होता है। उसके बाद आता है मोबाइल फोन टावरों का नंबर, क्‍योंकि इनकी तादात बढ़ती जा रही है। हालांकि एलियंस हम तक तभी पहुंच पाएंगे, जब वो तकनीकी रूप से साधन संपन्‍न हों। स्‍टडी में यह नहीं बताया गया है कि एलियंस के पास हाइटेक तकनीक होने की कितनी संभावना है। शोध कहता है कि पृथ्‍वी के नजदीकी स्टार सिस्टम में अगर एलियंस हैं, तो वो सेल फोन टावरों से रेडियो संकेतों का पता लगा सकते हैं।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Cheapest 10000mAh Power Banks: कम कीमत में बैटरी का बड़ा बैकअप, ये हैं 5 बेस्ट ऑप्शन
  2. ₹13 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला फ्लैगशिप स्मार्टफोन
  3. Lava Agni 4N आज यूके के बाजार में लॉन्च हुआ, 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा जैसे फीचर्स से लैस
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S26 FE India Launch: भारत में कब शुरू होगी सेल? सामने आईं कई बड़ी डिटेल्स
  2. Laser से 1 मिनट में 1,800 मच्छरों का सफाया! चीन की इस मशीन का प्री-ऑर्डर शुरू, जानें कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी
  3. Lava Agni 4N आज यूके के बाजार में लॉन्च हुआ, 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा जैसे फीचर्स से लैस
  4. क्या फोन पर टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास उपयोग करना चाहिए, जानें क्या होगा असर
  5. मुस्लिम देश को सीधे आसमान से मिलेगा इंटरनेट, भारत से पहले Starlink को मिला 10 साल का लाइसेंस
  6. बिना इंटरनेट के फीचर फोन से होगा UPI पेमेंट, PhonePe ने लॉन्च किया UPI 123Pay; ऐसे करें रजिस्टर
  7. Poco X8 5G देगा 4 सितंबर को दस्तक, फीचर्स से लेकर डिजाइन आया सामने
  8. कैमरा जैसा लुक, एक साथ 3 डिवाइस होंगे चार्ज वो भी बिना केबल! ₹2,499 में लॉन्च हुआ Portronics का 20,000mAh Power Bank
  9. Lava के 50MP मेगापिक्सल कैमरा वाले Virat फोन की सेल शुरू, पाएं ₹2000 डिस्काउंट भी
  10. बत्तख जैसे दिखने वाले इस AI रोबोट के लिए टूट पड़े लोग, 24 घंटे में ₹25 करोड़ की बिक्री! आखिर क्या स्पेशल है इसमें?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.