Aditya L-1 Update: आदित्य एल-1 का कारनामा! पहली बार दिखा सूरज का असली चेहरा! खींची फुल डिस्क फोटो

इसमें सूरज का फोटोस्फीयर (photosphere) और क्रोमोस्फीयर (chromosphere) नजर आ रहा है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 9 दिसंबर 2023 12:26 IST
ख़ास बातें
  • उपकरण ने 11 अलग अलग फिल्टर इस्तेमाल कर ये फोटो खींचे हैं।
  • SUIT पेलोड को 20 नवंबर को एक्टिवेट किया गया था।
  • 6 दिसंबर को इसने पहली लाइट साइंस इमेज खींची।

आदित्य एल-1 स्पेस क्राफ्ट ने सूरज का पूरा चेहरा कैमरे में कैद किया है।

Photo Credit: ISRO

Aditya-L1 Update: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) के सौर मिशन आदित्य एल-1 (Aditya-L1) ने बड़ा कारनामा कर दिखाया है। स्पेस क्राफ्ट ने सूरज को कैमरे में इस तरह से कैद किया है, जो अब से पहले नहीं किया गया था। आदित्य ने सूरज की फुल डिस्क इमेज खींची है। यानी कि सूरज असल में कैसा दिखता है, आदित्य ने फोटो के जरिए बताया है। 

इसरो को आदित्य एल-1 (Aditya-L1) मिशन में बड़ी कामयाबी मिली है। स्पेस क्राफ्ट ने सूरज का पूरा चेहरा कैमरे में कैद किया है। इसरो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए सूरज की फोटो दिखाई है जो आदित्य ने खींची है। ये फोटो नियर अल्ट्रावायलेट वेवलेंथ में हैं। इसमें सूरज का फोटोस्फीयर (photosphere) और क्रोमोस्फीयर (chromosphere) नजर आ रहा है। देखें ये अपनी तरह की पहली तस्वीरें- 

आदित्य एल-1 पर लगे उपकरण सोलर अल्ट्रा वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (Solar Ultraviolet Imaging Telescope) या SUIT के द्वारा ये फोटो कैप्चर की गई हैं। इसरो के मुताबिक SUIT ने इनको 200-400 नैनोमीटर वेवलेंथ रेंज में खींचा है। इन फोटो को कैप्चर करने के लिए सूट ने कई तरह के साइंटिफिक फिल्टरों का इस्तेमाल किया है। फोटो में साफ देखा जा सकता है कि सूरज पर मौजूद सन-स्पॉट, सूरज के किनारे, और ऐसे एरिया भी दिख रहे हैं जो शांत हैं। इसरो का कहना है कि आदित्य ने ये जो फोटो खींची हैं इनकी मदद से वैज्ञानिक सूरज की सतह के मेग्नेटिक वातावरण को समझ सकेंगे, जिसके बाद सोलर रेडिएशन के कड़े प्रभाव को पृथ्वी पर पड़ने से रोक सकने में मदद मिलेगी। 

SUIT पेलोड को 20 नवंबर को एक्टिवेट किया गया था। 6 दिसंबर को इसने पहली लाइट साइंस इमेज खींची। उपकरण ने 11 अलग अलग फिल्टर इस्तेमाल कर ये फोटो खींचे हैं। आदित्य-एल-1 भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर पहुंचकर सूर्य की स्‍टडी करने वाली है। आदित्‍य एल-1 जिस जगह तैनात रहेगा, उसे सूर्य-पृथ्वी के पहले लैग्रेंजियन पॉइंट (एल1) के नाम से जाना जाता है। यहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकती है।
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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