Aditya L1 ने सूर्य की ओर बढ़ाया और एक कदम, पृथ्‍वी से 71767 किलोमीटर दूर पहुंचा, अब आगे क्‍या? जानें

Aditya L1 Mission : आदित्य एल1 भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है। इस महीने की शुरुआत में 2 सितंबर को इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया था।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 11 सितंबर 2023 13:12 IST
ख़ास बातें
  • आदित्‍य एल1 की कक्षा संबंधित तीसरी प्रक्रिया पूरी
  • स्‍पेसक्राफ्ट ने सूर्य की ओर बढ़ाया और एक कदम
  • आदित्य एल1 भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है

एल1 पॉइंट पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर वह जगह है, जहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकती है।

Photo Credit: ISRO

भारत के पहले सौर मिशन आदित्‍य एल-1 (Aditya L1) की पृथ्‍वी की कक्षा से संबंधित तीसरी प्रक्रिया रविवार तड़के सफलता के साथ पूरी कर ली गई। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) के बंगलूरू स्थित ‘टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क' (ISTRAC) ने इस काम को सफलता के साथ पूरा किया। इस बदलाव के बाद ‘आदित्‍य' स्‍पेसक्राफ्ट की पृथ्‍वी से सबसे कम दूरी 296 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 71 हजार 767 किलोमीटर हो गई है। स्‍पेसक्राफ्ट से जुड़ी अगली प्रक्रिया अब 15 सितंबर 2023 को भारतीय समय के अनुसार, देर रात लगभग 2 बजे की जाएगी। 

इसरो ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स' पर बताया कि पृथ्वी की कक्षा से संबंधित तीसरी प्रक्रिया (ईबीएन-3) ISTRAC बंगलूरू से सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस दौरान इसरो के तमाम केंद्रों ने सैटेलाइट की निगरानी की। 
Advertisement

गौरतलब है कि आदित्य एल1 भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है। इस महीने की शुरुआत में 2 सितंबर को इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया था। यह ऑब्‍जर्वेट्री पृथ्‍वी से लगभग 15 लाख किलेामीटर दूर 
सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंजियन पॉइंट (एल-1) में पहुंचकर सूर्य के बाहरी वातावरण को स्‍टडी करेगी।
Advertisement
 

लॉन्‍च के बाद ‘आदित्य एल1' की कक्षा में बदलाव किया गया था। पहली प्रक्रिया तीन सितंबर और दूसरी प्रक्रिया  पांच सितंबर को पूरी की गई थी। इसरो पहले ही बता चुकी है कि आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट को अपनी मंजिल में पहुंचने में लगभग 127 दिनों का वक्‍त लगने की उम्‍मीद है। 
Advertisement

एल1 पॉइंट पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर वह जगह है, जहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकती है। जब मिशन अपना काम शुरू कर देगा तो इसरो को रियलटाइम में सौर गतिविधियों का पता चल पाएगा। आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ 7 साइंटिफ‍िक इंस्‍ट्रूमेंट्स लेकर गया है। ये सभी स्‍वेदशी हैं और भारत के विभ‍िन्‍न विभागों द्वारा तैयार किए गए हैं। इंस्‍ट्रूमेंट्स की मदद से सूर्य के अलग-अलग हिस्‍सों को स्‍टडी किया जाएगा। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor X9e s हुआ लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 8,560mAh बैटरी के साथ
  2. OnePlus Buds Pro 4 हुए लॉन्च, 53 घंटे की बैटरी, Dynaudio साउंड, ANC, AI फीचर्स से लैस
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus Buds Pro 4 हुए लॉन्च, 53 घंटे की बैटरी, Dynaudio साउंड, ANC, AI फीचर्स से लैस
  2. Vivo X500 Pro Max भारत लॉन्च से पहले BIS पर लिस्ट, नवंबर अंत में होगी सीरीज की दस्तक!
  3. ISRO NVS-03 सैटेलाइट का सफल लॉन्च, भारत का नेविगेशन सिस्टम होगा मजबूत
  4. ₹18 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां मिल रही सबसे तगड़ी डील
  5. Honor X9e s हुआ लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 8,560mAh बैटरी के साथ
  6. Flipkart Sale में ₹2900 सस्ता मिल रहा Motorola का 50MP दो कैमरा फोन, 6720mAh बैटरी!
  7. Motorola Signature 27 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, 2 कलर्स के होंगे ऑप्शन 
  8. Vivo S70 में मिल सकती है अपग्रेडेड रियर कैमरा यूनिट, Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट
  9. Infinix GT 50 Pro की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस ऑफर्स
  10. Karbonn Rebel Pro, Karbonn Rebel जल्द होंगे भारत में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस, डिजाइन आया सामने
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.