30 हजार साल पुराने, गिद्ध के पंख ज्वालामुखी की राख में मिले! वैज्ञानिकों के लिए बने रहस्य

ज्वालामुखीय क्षेत्र के अंदर 30 हजार साल पुराने गिद्ध के पंखों के अवशेष पाए गए हैं।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, Edited by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 30 मार्च 2025 14:36 IST
ख़ास बातें
  • इन अवशेषों में पक्षी के पंखों और पलकों के अंश शामिल हैं।
  • इन्हें पहली बार 1889 में खोजा गया था।
  • ये अवशेष एक ग्रिफॉन गिद्ध के हैं।

ज्वालामुखीय राख में 30 हजार साल पुराने गिद्ध के पंखों के अवशेष पाए गए

Photo Credit: Unsplash/Anton

वैज्ञानिकों को इतिहास से एक बेहद हैरान करने वाली खोज हाथ लगी है। इटली के रोम के पास कोली अल्बानी ज्वालामुखीय क्षेत्र के अंदर 30 हजार साल पुराने गिद्ध के पंखों के अवशेष पाए गए हैं। ये अवशेष खास तरीके से संरक्षित मिले हैं और इनके साथ कुछ ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो इतिहास में इससे पहले कभी भी दर्ज नहीं किए गए हैं। इन अवशेषों में पक्षी के पंखों और पलकों के अंश शामिल हैं, जिन्हें पहली बार 1889 में खोजा गया था। ये अवशेष एक ग्रिफॉन गिद्ध के हैं। 

इटली में पाए गए गिद्ध के इन अवशेषों की खास बात है कि इनको संरक्षित रखने की प्रक्रिया। इस बारे में वैज्ञानिकों को अभी तक कोई भी सुराग नहीं लगा है कि आखिर इन्हें किस तरीके से संरक्षित किया गया होगा। नए शोध से पता चलता है कि पंख ज्वालामुखीय राख में ढके हुए थे, जो बाद में सिलिकॉन युक्त जिओलाइट क्रिस्टल में बदल गए, जिससे गिद्ध के नाजुक ऊतकों की संरचना बरकरार रही। यह ज्वालामुखीय पदार्थों में इस तरह के संरक्षण का पहला उदाहरण है। यानी इससे पहले संरक्षण में ज्वालामुखीय राख के इस्तेमाल का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। 
Advertisement

स्टडी को Geology में प्रकाशित किया गया है। इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप और रासायनिक परीक्षण का उपयोग करके किए गए विश्लेषण से पता चला कि पंख त्रि-आयामी (three-dimensional) रूप में जीवाश्मिकृत थे। यह सामान्य जीवाश्मीकरण प्रक्रिया से बिल्कुल अलग है, जहां पंख दो-आयामी कार्बन छाप छोड़ते हैं। इससे पहले त्रि-आयामी पंख जीवाश्मों की पहचान केवल एम्बर (amber) में ही की गई थी।

आयरलैंड के यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क की जीवाश्म विज्ञानी वैलेंटिना रॉसी के नेतृत्व में इस स्टडी को किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिओलाइट खनिजों ने पंखों के सूक्ष्म विवरण को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रॉसी ने इस खोज को अद्भुत बताया है और इस बात पर रोशनी डाली कि ज्वालामुखीय राख में संरक्षित पंखों का पहले कभी डॉक्यूमेंटेशन नहीं किया गया। यह जीवाश्म सबसे पहले माउंट टस्कोलो की तलहटी में एक भूमि मालिक द्वारा खोजा गया था। तब इसे ज्वालामुखीय चट्टान में असामान्य रूप से संरक्षित होने के कारण जाना जाता था।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola Edge 70 Neo भारत में लॉन्च होगा Snapdragon चिप, 6GB रैम के साथ, IP68, IP69 रेटिंग!
  2. 85km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक बाइक Trek Inbound+ लॉन्च, जानें कीमत
  3. ₹8 हजार सस्ता मिल रहा 64MP कैमरा वाला Vivo 5G फोन! आई जबरदस्त डील
  4. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग 
#ताज़ा ख़बरें
  1. इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ी EVs की सेल्स, यूरोप में जोरदार डिमांड
  2. टेक्नोलॉजी में गुजरात की तेज रफ्तार, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर का हब बनने की तैयारी
  3. 85km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक बाइक Trek Inbound+ लॉन्च, जानें कीमत
  4. Motorola Edge 70 Neo भारत में लॉन्च होगा Snapdragon चिप, 6GB रैम के साथ, IP68, IP69 रेटिंग!
  5. UPI Tap & Pay: अब UPI में बिना PIN, बिना QR कोड, बिना इंटरनेट होगी पेमेंट! आए धांसू फीचर्स
  6. ₹65 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro, Croma पर आई जबरदस्त डील!
  7. AI की मदद से बनी दवा आपको रखेगी जवान! कंपनी ने किया क्लीनिकल ट्रायल
  8. ₹8 हजार सस्ता मिल रहा 64MP कैमरा वाला Vivo 5G फोन! आई जबरदस्त डील
  9. Zomato से खाना मंगवाना अब और महंगा, ₹30 तक लग रहा CoD चार्ज! जानें बचने का तरीका
  10. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.