जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के 18 मिरर्स ने खींची एक ही तारे की फोटो, जानिए क्‍या दिखा

टेलीस्कोप की ऑब्‍जर्वेट्री के 18-सेगमेंट वाले प्राइमरी मिरर्स को एक सीध में करने की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने वाला है।

विज्ञापन
अपडेटेड: 22 फरवरी 2022 11:36 IST
ख़ास बातें
  • सभी 18 प्राइमरी मिरर्स ने डॉट्स के रूप में तारे की तस्‍वीर खींची
  • इसे एक सिंगल, शार्प और फोकस्‍ड इमेज में तैयार किया जाएगा
  • पिछले साल दिसंबर में लॉन्‍च हुआ था जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप

टेलीस्कोप द्वारा ली गईं इमेजेस उतनी आश्‍चर्यजनक नहीं हैं, लेकिन जल्‍द यह आब्‍जर्वेट्री अपने हाई-रेजॉलूशन इक्विपमेंट से अंतरिक्ष के रहस्‍यों को सामने लाएगी।

Photo Credit: Nasa/SCScl/J. DePasquale

पिछले साल दिसंबर में अंतरिक्ष में भेजा गया दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप ‘जेम्‍स बेव स्‍पेस टेलीस्‍कोप' (James Webb Space Telescope) वहां खुद को सेटअप कर रहा है। इस टेलीस्कोप की ऑब्‍जर्वेट्री के 18-सेगमेंट वाले प्राइमरी मिरर्स (दर्पणों) को एक सीध (aligning) में करने की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने वाला है। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है, जिसे ‘सेगमेंट इमेज आइडेंटिफिकेशन' के रूप में जाना जाता है। बहरहाल, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने अपने 18 प्राइमरी मिरर्स सेगमेंट्स के साथ हेक्सागोनल फॉर्मेशन में एक ही तारे की 18 अनफोकस्‍ड इमेज रिकॉर्ड की हैं। यह विजुअल्‍स पर ज्‍यादा फोकस करने में मदद करेगा। सभी 18 प्राइमरी मिरर्स सेगमेंट्स ने डॉट्स के रूप में तारे की तस्‍वीर खींची। आखिर में इसे एक सिंगल, शार्प और फोकस्‍ड इमेज में तैयार किया जाएगा। 

फ‍िलहाल इसके हेक्सागोनल पैटर्न को सामने लाया गया है। NASA Webb Telescope के ऑफ‍िशियल ट्विटर हैंडल से इस बारे में जानकारी दी गई है। पिछले हफ्ते यह कन्‍फर्म हुआ था कि टेलीस्‍कोप के सभी 18 मिरर सेगमेंट स्‍टारलाइट को देख सकते हैं। अब एक अपडेट में नासा (NASA) ने बताया है कि टीम अब अलाइनमेंट के सेकंड फेज में आगे बढ़ गई है। इस फेज में मिरर सेगमेंट की पोजिशन से जुड़ी गलतियों को ठीक किया जाएगा। साथ ही सेकंडरी मिरर के एलाइनमेंट अपडेट होंगे। इससे स्टारलाइट के हरेक डॉट पर अधिक फोकस किया जा सकेगा। इसके बाद टीम तीसरे फेज में आगे बढ़ेगी।
हालांकि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा ली गईं इमेजेस अभी उतनी आश्‍चर्यजनक नहीं हैं, लेकिन जल्‍द यह आब्‍जर्वेट्री अपने हाई-रेजॉलूशन इक्विपमेंट की मदद से अंतरिक्ष के रहस्‍यों को सामने लाएगी। 10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक का बनाया गया सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप है। इसका मकसद खगोलविदों को सफल खोजों में मदद करना है। हबल टेलीस्‍कोप की तुलना में इसे ब्रह्मांड में गहराई से देखने और 13.5 अरब साल पहले तक की घटनाओं का पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पिछले साल 25 दिसंबर को फ्रेंच गुयाना से लॉन्‍च किया गया था। 

फ‍िलहाल हबल स्पेस टेलीस्कोप अंतरिक्ष में सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप है। पिछले 30 साल से इसने खगोलविदों को बड़ी जानकारियां दी हैं। काफी समय हो जाने की वजह से इसे बदलने की जरूरत महसूस की गई थी। हबल प्रोजेक्‍ट को पूरा करने में नासा और ESA (यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी) दोनों की भूमिका थी। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL जल्द लॉन्च कर सकती है 5G नेटवर्क, 2 लाख 4G साइट्स इंस्टॉल करने की भी तैयारी
  2. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में गिरावट, चाइनीज ब्रांड्स को लगा बड़ा झटका
  3. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  4. BSNL मात्र ₹2399 में दे रहा 365 दिनों की वैधता के साथ डेली 2GB डाटा, अनलिमिटेड कॉल, Airtel-Jio को कड़ी टक्कर
  5. Flipkart Freedom Sale: Nothing Phone 4b पर आया तगड़ा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
  6. Honor Magic 9 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  7. LPG गैस पर सब्सिडी पाने के लिए PMUY के लिए ऐसे करें अप्लाई
  8. iPhone 18 Pro का इंतजार? मिलेंगे तीन सबसे बड़े कैमरा अपग्रेड!
  9. Tecno Pova 8 Pro 5G के बैक पैनल पर मिलेगा सेकेंडरी डिस्प्ले, अगले सप्ताह भारत में लॉन्च
  10. Flipkart Freedom Sale: 65 इंच स्मार्ट टीवी पर मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट, कीमत ₹36 हजार से शुरू
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.