Xiaomi को 68 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने से लगा झटका, कंपनी ने गड़बड़ी से किया इनकार

कंपनी ने बताया कि जब्त किए गए एसेट्स में से 84 प्रतिशत से अधिक अमेरिकी चिपसेट कंपनी Qualcomm को किया गया रॉयल्टी का भुगतान था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 अक्टूबर 2022 16:16 IST
ख़ास बातें
  • Xiaomi का रॉयल्टी के भुगतान के लिए Qualcomm के साथ एग्रीमेंट है
  • सक्षम अथॉरिटी ने रॉयल्टी के भुगतान को गलत माना था
  • इससे पहले भी कुछ चाइनीज कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है

कंपनी ने कहा कि वह अपने एसेट्स और हितों की सुरक्षा करना जारी रखेगी

चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi ने कहा है कि वह अपने लगभग 68.2 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने की एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ( ED) की ओर से की गई कार्रवाई से निराश है। कंपनी का कहना था कि वह अपने एसेट्स और हितों की सुरक्षा करना जारी रखेगी। Xiaomi ने बताया कि जब्त किए गए एसेट्स में से 84 प्रतिशत से अधिक अमेरिकी चिपसेट कंपनी Qualcomm को किया गया रॉयल्टी का भुगतान था।

इस बारे में  Xiaomi ने एक स्टेटमेंट में कहा, "हम कंपनी और हमारे स्टेकहोल्डर्स की साख और हितों की सुरक्षा के लिए सभी जरियों का इस्तेमाल करेंगे।" कंपनी ने बताया कि भारत में उसकी यूनिट Xiaomi Group की एक सहयोगी कंपनी है, जिसने स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) लाइसेंस के लिए Qualcomm के साथ कानूनी एग्रीमेंट किया है। स्टेटमेंट में कहा गया है कि Xiaomi की भारत में यूनिट का रॉयल्टी के भुगतान के लिए Qualcomm के साथ वैध कमर्शियल एग्रीमेंट है। हालांकि, इस बारे में देश की सक्षम अथॉरिटी का कहना था कि रॉयल्टी का भुगतान केवल फॉरेन एक्सचेंज को देश से बाहर ट्रांसफर करने का एक जरिया है और यह FEMA के प्रावधानों का बड़ा उल्लंघन है। 

ED ने बताया था कि यह देश में जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है। ED ने FEMA के तहत लगभग चार महीने पहले रकम को जब्त करने का ऑर्डर जारी किया था और इसके बाद इसे स्वीकृति के लिए सक्षम अथॉरिटी के पास भेजा था। Xiaomi की देश में यूनिट के खिलाफ यह ऑर्डर FEMA के सेक्शन 37A के तहत जारी किया गया था। इस बारे में ED ने बताया, "अथॉरिटी ने 5,551.27 करोड़ रुपये को जब्त करने की पुष्टि करते हुए कहा है कि ED की जांच यह यह सही पाया गया है कि कंपनी ने यह रकम देश से बाहर अनधिकृत तरीके से ट्रांसफर की थी और इसे ग्रुप की एटिटी की ओर से FEMA के सेक्शन 4 का उल्लंघन करते हुए विदेश में रखा था।" 

देश के स्मार्टफोन मार्केट में MI ब्रांड के स्मार्टफोन्स बेचने वाली Xiaomi की लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भारत और चीन के बीच लगभग दो वर्ष पहले बॉर्डर पर तनाव के बाद बहुत सी चाइनीज कंपनियों को भारत में बिजनेस करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा के कारणों से टिकटॉक सहित 300 से अधिक चाइनीज ऐप्स पर भी बैन लगा दिया था। 
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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ये भी पढ़े: Smartphone, ED, China, Royalty, Market, Qualcomm, Agreement, Payment, Xiaomi, FEMA, Sales

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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