10 में से 6 बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क के संपर्क में!

साइबर सिक्योरिटी फर्म सुर्फशार्क (Surfshark) की एक रिसर्च से पता चला है कि 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं।

विज्ञापन
नित्या पी नायर, अपडेटेड: 13 अप्रैल 2022 16:10 IST
ख़ास बातें
  • 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं।
  • बीते तीन सालों में अमेरिका में करीब 12 मिलियन बच्चे साइबर रिस्क में आए।
  • भारत और जापान ऐसे देश हैं जहां ऑनलाइन रिस्क को मैनेजमेंट कर सकता है।

बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम हर साल तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

साइबर सिक्योरिटी फर्म सुर्फशार्क (Surfshark) की एक रिसर्च से पता चला है कि 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम हर साल तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और रिमोट स्कूलिंग में वृद्धि के साथ 2020 में इसमें 144 प्रतिशत की बढ़त हुई है। हर दो में से एक बच्चा साइबरबुलिंग का सामना करता है, जबकि लगभग एक-तिहाई फिशिंग या हैकिंग के शिकार हो रहे हैं। यूएस बीते तीन सालों में करीब 1.2 करोड़ बच्चे साइबर रिस्क में आए हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि बच्चों को इंटरनेट सिक्योरिटी के बारे में जानकारी देने से चीजों को रोका जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-पेसिफिक देशों के बच्चों में हाई इनकम वाले देशों के मुकाबले में बेहतर ऑनलाइन रिस्क मैनेजमेंट स्किल हैं।

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Surfshark के जरिए हाल ही में की गई एक स्टडी के मुताबिक, 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क के संपर्क में हैं। दो में से एक बच्चा साइबर धमकी का शिकार है और लगभग एक तिहाई को फिशिंग या हैकिंग जैसे साइबर क्राइम से भी जूझना पड़ता है। बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम प्रति वर्ष 5 से 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। साल 2020 में रिमोट लर्निंग की लोकप्रियता के साथ यह 144 प्रतिशत बढ़ा है। बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम से होने वाला फाइेंशियल नुकसान 660,000 डॉलर यानी कि भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 50,313,400 रुपये हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते तीन सालों में अमेरिका में करीब 12 मिलियन बच्चे साइबर रिस्क में आए, 9 मिलियन साइबर धमकी से प्रभावित हुए और 6 मिलियन ने साइबर थ्रेट का सामना किया। थाईलैंड, फिलीपींस और तुर्की में बच्चों के लिए सबसे ज्यादा ऑनलाइन रिस्क लेवल है, वहीं जापान, इटली और स्पेन जैसे देशों में सबसे कम ऑनलाइन रिस्क लेवल है। भारत और जापान ऐसे देश हैं जहां ऑनलाइन रिस्क को मैनेजमेंट कर सकता है।

स्टडी से पता चलता है कि ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन बच्चों को साइबरबुलिंग से निपटने, फिशिंग और अन्य साइबर खतरों से निपटने में मदद करती है। सऊदी अरब और उरुग्वे जैसे देशों में बच्चों के लिए बेसिक इंटरनेट सेफ्टी तक नहीं है। वहीं एशिया-पेसिफिक देशों जैसे कि भारत, मलेशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बच्चों के पास बच्चों के लिए ऑनलाइन रिस्क मैनेजमेंट स्किल है। स्टडी में बताया गया है कि भारत में ग्लोबल औसत के मुकाबले में 30 प्रतिशत मजबूत ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम हैं। वहीं मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भारत से भी बेहतर ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम हैं।

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Cyber Crime, Cybersecurity, Surfshark

नित्या पी नायर को डिज़िटल ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Reno 16, Reno 16c भारत में लॉन्च: 7,000mAh तक बैटरी, 50MP सेल्फी कैमरा और AI फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. HP ने भारत में AMD Ryzen चिपसेट के साथ लॉन्च किया नया गेमिंग लैपटॉप, जानें प्राइस, फीचर्स
  2. Marshall ने भारत में लॉन्च किया Milton A.N.C. हेडफोन, 80 घंटे तक बैटरी और Spatial Audio
  3. Red Magic Gaming Tablet 5 Pro हुआ लॉन्च, 8,300mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Samsung लेटेस्ट फोन Galaxy Jump 5 हुआ लॉन्च, 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी, जानें कीमत
  5. Stuffcool का नया टेबल लैंप एक साथ चार्ज करेगा आपका फोन, स्मार्टवॉच और ईयरबड्स, भारत में लॉन्च
  6. iPhone 18 Pro Max में मिल सकती है अब तक की सबसे बड़ी बैटरी!
  7. Oppo Reno 16, Reno 16c भारत में लॉन्च: 7,000mAh तक बैटरी, 50MP सेल्फी कैमरा और AI फीचर्स
  8. अब भारत के लिए बनेगा अपना हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस! ARC ने की एंट्री
  9. WhatsApp ने तोड़ी चुप्पी! Username फीचर पर उठे सवालों का एक-एक कर दिया जवाब
  10. Sony PlayStation गेम्स के लिए 2028 से फिजिकल डिस्क होंगे बंद!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.