मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के तहत आने वाली सिक्योरिटी एजेंसियों कुछ महीने पहले देश में स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी को रोक दिया था। कई देशों में स्टारलिंक की सर्विस मौजूद है
देश में स्टारलिंक ने 20 गेटवे सााइट्स और सैंकडों एंटीना लगाए हैं
सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली स्टारलिंक ने कहा है कि भारत में वह सर्विस शुरू करने के लिए तैयार है। ट्रिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को केंद्र सरकार से अपनी सर्विस के लिए मंजूरी का इंतजार है। Starlink का कंट्रोल रॉकेट कंपनी SpaceX के पास है।
एक मीडिया रिपोर्ट में स्टारलिंक की वाइस प्रेसिडेंट, Lauren Dreyer के हवाले से बताया गया है कि भारत में उनकी कंपनी पिछले पांच वर्षों से सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है। स्टारलिंक ने अपने कामकाज को स्थापित करने के लिए दश की सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखा है। Dreyer ने कहा कि देश में कस्टमर्स तक सर्विस पहुंचाने के लिए स्टारलिंक ने Reliance Jio और Bharti Airtel के साथ एग्रीमेंट किए हैं। उन्होंने बताया कि भारत में कंपनी ने इनवेस्टमेंट किया है। देश में स्टारलिंक ने 20 गेटवे सााइट्स और सैंकडों एंटीना लगाए हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के तहत आने वाली सिक्योरिटी एजेंसियों कुछ महीने पहले देश में स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी को रोक दिया था। इसके पीछे ईरान में स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने के बावजूद इसके सैटेलाइट टर्मिनल्स के इस्तेमाल से जुड़ी रिपोर्ट्स प्रमुख कारण था। इससे भू-राजनीतिक संकट की स्थिति में इस अमेरिकी कंपनी को कंट्रोल करने की अथॉरिटीज की क्षमता पर सवाल उठे थे। स्टारलिंक को देश में एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री, Naftali Bennett ने दावा किया था कि इस वर्ष की शुरुआत में ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए Starlink के रिसीवर्स की तस्करी की गई थी। Bennett ने कहा कि उन्होंने ईरान में स्टारलिंक के हजारों रिसीवर्स की तस्करी की शुरुआत की थी। इससे ईरान में इंटरनेट और सोशल मीडिया नेटवर्क्स को जारी रखा जा सकता था। उन्होंने बताया था,"इजरायल की अक्षम सरकार ने इसे रोक दिया। ईरान में जब प्रदर्शन शुरू हुए तो इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था।" ईरान में प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट को ब्लॉक करने जैसे कदम उठाए थे। अमेरिका में Donald Trump की अगुवाई वाली सरकार की ओर से इन प्रदर्शनों का अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन किया जा रहा था।
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