आपकी प्राइवेट Zoom मीटिंग पर हो सकती है हैकर की नजर, सरकार ने यूजर्स को दी चेतावनी!

CERT-In ने अपनी वल्नरेबिलिटी नोट CIVN-2025-0261 में बताया कि Zoom ऐप के वर्जन 6.5.1 में ये खामियां मौजूद थीं।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 17 अक्टूबर 2025 17:38 IST
ख़ास बातें
  • CERT-In ने अपनी वल्नरेबिलिटी नोट CIVN-2025-0261 में दी जानकारी
  • Zoom ऐप के वर्जन 6.5.1 में ये खामियां मौजूद थीं
  • Zoom ने 14 अक्टूबर को जारी किए गए अपडेट में इन वल्नरेबिलिटीज को पैच किया

Photo Credit: Zoom

भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने Zoom यूजर्स को चेतावनी जारी की है कि प्लेटफॉर्म के कुछ वर्जन में कई गंभीर सिक्योरिटी खामियां पाई गई हैं। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स Zoom Rooms तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हासिल कर सकते हैं, कमांड रन कर सकते हैं और ऐसी जानकारी लीक कर सकते हैं जो शेयर करने के लिए नहीं थी। ये दिक्कतें Windows, macOS, iOS और Android सभी प्लेटफॉर्म्स पर रिपोर्ट हुई हैं। हालांकि कंपनी ने हाल ही में एक अपडेट जारी कर इन्हें फिक्स कर दिया है और यूजर्स को तुरंत अपने ऐप को अपडेट करने की सलाह दी गई है।

CERT-In की रिपोर्ट में क्या कहा गया है

CERT-In ने अपनी वल्नरेबिलिटी नोट CIVN-2025-0261 में बताया कि Zoom ऐप के वर्जन 6.5.1 में ये खामियां मौजूद थीं। इन सिक्योरिटी बग्स का इस्तेमाल कर कोई भी थ्रेट एक्टर वीडियो मीटिंग्स या Zoom Rooms तक पहुंच सकता था और सिस्टम में मनमाने कमांड्स रन कर सकता था। इससे न केवल मीटिंग डेटा बल्कि कॉन्फिगरेशन इंफॉर्मेशन और सेंसेटिव फाइल्स तक एक्सेस मिलने का खतरा था।

रिपोर्ट में कहा गया कि ये खामियां इंडिविजुअल यूजर्स और ऑर्गनाइजेशन्स दोनों के लिए खतरा थीं, क्योंकि इनके जरिए हैकर्स कंपनी मीटिंग्स, ट्रेड सीक्रेट्स और कॉन्फिडेंशियल डेटा तक पहुंच सकते थे।

क्या Zoom ने फिक्स जारी किया है?

हां, Zoom ने 14 अक्टूबर को जारी किए गए अपडेट में इन वल्नरेबिलिटीज को पैच कर दिया है। कंपनी के मुताबिक, इन मुद्दों में से एक ऑथेंटिकेशन बायपास फ्लॉ था, जिससे बिना लॉगिन किए नेटवर्क एक्सेस के जरिए डेटा लीक किया जा सकता था। वहीं दूसरा कमांड इंजेक्शन फ्लॉ Zoom के Windows क्लाइंट में था, जो ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को सिस्टम में अनचाही एक्सेस दे सकता था।

CERT-In ने बताया कि ये खामियां मुख्य रूप से इनपुट सैनेटाइजेशन और सेशन वैलिडेशन की कमी के कारण जनरेट हुई थीं। मतलब Zoom कुछ मामलों में यूजर IDs को ठीक से वेरिफाई नहीं कर रहा था और इनपुट डेटा को सिस्टम में भेजने से पहले ठीक से फिल्टर नहीं कर रहा था।

यूजर्स के लिए क्या करना जरूरी है

अगर आप Zoom के पुराने वर्जन (6.5.1 या उससे नीचे) का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो तुरंत ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। इससे आप संभावित साइबर हमलों से बच पाएंगे और आपकी पर्सनल व प्रोफेशनल मीटिंग्स की सिक्योरिटी बनी रहेगी।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: CERT In, Zoom, Zoom Vulnerabilities
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Moto Razr Fold जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon ने 14,000 वर्कर्स की छंटनी से किया इनकार, मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया
  2. BSNL के वर्कर्स की प्रधानमंत्री मोदी से गुहार, सरकारी डिपार्टमेंट्स के लिए अनिवार्य हो कंपनी की 4G सर्विसेज
  3. Moto Razr Fold जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
  4. Vivo T5 Pro 5G की इंडिया एंट्री से पहले प्राइस और स्पेसिफिकेशन्स लीक, 15 अप्रैल को है लॉन्च
  5. WhatsApp पर अब बिना नंबर के होगी चैट, जानें कैसे काम करता है यूजरनेम फीचर
  6. Royal Enfield की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल इस सप्ताह होगी भारत में लॉन्च
  7. Oppo Find X9s Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  8. जबरन नहीं लेना पड़ेगा डेटा, TRAI के इन नए नियमों से बढ़ेगी टेलीकॉम कंपनियों की टेंशन!
  9. Xiaomi Smart Camera 4 Max AI Zoom Edition खरीद के लिए उपलब्ध, 12MP, 8MP डुअल कैमरा से लैस
  10. Moto G Stylus का नया वर्जन हुआ लॉन्च, Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.