EPFO ने नई EPF Scheme 2026 लागू कर दी है। अब PF निकासी के लिए नए नियम लागू होंगे। जल्द UPI के जरिए PF मिलेगा और WhatsApp पर बैलेंस व क्लेम स्टेटस जैसी सुविधाएं भी शुरू होंगी।
नई EPF Scheme 2026 में PF विड्रॉल, UPI और WhatsApp सर्विसेज से जुड़े कई बदलाव शामिल
Photo Credit: Pixabay/ Firmbee
केंद्र सरकार ने 29 जून 2026 से नई EPF Scheme 2026 लागू कर दी है। इसके साथ ही करीब 70 साल पुरानी Employees' Provident Fund Scheme (EPF Scheme), 1952 की जगह अब नया नियम लागू होगा। यह बदलाव Code on Social Security, 2020 के तहत किया गया है। नई स्कीम में PF विड्रॉल, मिनिमम बैलेंस, मेडिकल और हाउसिंग विड्रॉल, Aadhaar-PAN लिंकिंग और डिजिटल सर्विसेज समेत कई अहम बदलाव किए गए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नए नियम आपके लिए क्या मायने रखते हैं।
नई स्कीम के तहत EPFO सदस्य अब भी जरूरत पड़ने पर PF से आंशिक निकासी कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए खाते में कम से कम 25% एलिजिबल मेंबर बैलेंस बनाए रखना होगा।
मान लीजिए आपके EPF अकाउंट में एलिजिबल बैलेंस 2 लाख रुपये है। ऐसे में 50,000 रुपये अकाउंट में रखना अनिवार्य होगा और बाकी 1.5 लाख रुपये तक की राशि नियमों के मुताबिक निकाली जा सकेगी। यह नियम कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान पर लागू होगा।
नई EPF Scheme 2026 के तहत सदस्य मेडिकल ट्रीटमेंट, शिक्षा, शादी और घर से जुड़ी जरूरतों के लिए PF से आंशिक निकासी कर सकते हैं।
अगर सदस्य ने 12 महीने की EPF सदस्यता पूरी कर ली है, तो तय शर्तों के तहत Eligible Balance का 100% तक निकाला जा सकता है। हाउसिंग कैटेगरी में घर या फ्लैट खरीदना, प्लॉट खरीदना, मकान बनवाना, होम लोन चुकाना और घर की मरम्मत या सुधार जैसे काम शामिल हैं।
नई स्कीम के मुताबिक, कर्मचारी अपनी नौकरी के दौरान शिक्षा के लिए अधिकतम 10 बार और शादी के लिए अधिकतम 5 बार PF से निकासी कर सकेंगे।
वहीं, अगर कोई कर्मचारी 12 महीने पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी तय शर्तों के तहत Eligible Balance का 100% तक निकाल सकता है। हालांकि, ऐसी निकासी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो बार ही की जा सकेगी।
कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए 12% EPF योगदान का नियम पहले की तरह ही जारी रहेगा। यानी इस हिस्से में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, 15,000 रुपये से ज्यादा मंथली सैलेरी पाने वाले कर्मचारियों को एक्स्ट्रा स्वैच्छिक (Voluntary) योगदान करने की सुविधा मिलेगी। कर्मचारी चाहें तो बाद में इस एक्स्ट्रा कॉन्ट्रिब्यूशन को बढ़ा, घटा या बंद भी कर सकते हैं। नियोक्ता चाहें तो इस योगदान में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन यह उनके लिए अनिवार्य नहीं होगा।
नई EPF Scheme 2026 के तहत डिजिटल क्लेम और अन्य ऑनलाइन सर्विस का लाभ लेने के लिए Aadhaar, PAN और Aadhaar से लिंक बैंक अकाउंट की जानकारी देना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि इससे क्लेम प्रोसेस पहले से ज्यादा तेज और आसान होगा।
नई स्कीम में कंपनियों के लिए भी कई नए अनुपालन (Compliance) नियम जोड़े गए हैं। अब कई रिटर्न और डॉक्यूमेंट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा करने होंगे। इसके अलावा मालिकाना जानकारी, कॉन्ट्रैक्टर से जुड़े डिटेल्स और Exempted PF Trusts के लिए भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। निर्धारित रिटर्न 15 दिनों के भीतर जमा करना होगा।
EPFO ने UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में PF विड्रॉल की सुविधा का ट्रायल पूरा कर लिया है। इसके अलावा संगठन जल्द ही WhatsApp के जरिए भी सर्विस शुरू करने की तैयारी में है। इसके बाद मेंबर्स WhatsApp पर PF बैलेंस देख सकेंगे, पिछले पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी ले सकेंगे और क्लेम स्टेटस भी ट्रैक कर पाएंगे। ये सर्विस कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।