दिल्ली से मुबंई तक बनेगा इलेक्ट्रिक हाईवे, सड़क पर चलते हुए चार्ज होंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल!

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करना है। उन्होंने कहा “हमें प्रशिक्षित ड्राइवरों की आवश्यकता है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत को हर तरह के परिवहन की जरूरत है।”

विज्ञापन
नितेश पपनोई, अपडेटेड: 14 जुलाई 2022 13:59 IST
ख़ास बातें
  • इस हाईवे में 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर कई सुरंगें भी बनाई जाएंगी
  • भारी वाहन मालिकों से इथेनॉल व मेथनॉल इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया है
  • इस इलेक्ट्रिक हाईवे पर ट्रॉलीबस की तरह ट्रॉली ट्रक भी चलाए जा सकेंगे

नितिन गडकरी ने भारी वाहन मालिकों से इथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे ईंधन अपनाने का आग्रह किया

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी राजधानी दिल्ली और महानगर मुंबई के बीच इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्र सरकार की इस योजना के बारे में कुछ जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में कई पहलुओं पर विचार किया जाएगा। प्रदूषण को कम करने के लिए इथेनॉल, मेथनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों को उपयोग में लाया जा सकता है।

TOI ने न्यूज एजेंसी PTI का हवाला देते हुए जानकारी दी कि नितिन गडकरी ने हफ्ते की शुरुआत में जानकारी दी कि सरकार दिल्ली और मुबंई के बीच इलेक्ट्रिक हाईवे तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये में कई सुरंगें भी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस इलेक्ट्रिक हाईवे में ट्रॉलीबस की तरह ट्रॉली ट्रच भी चलाए जा सकेंगे। गडकरी ने कहा ''हमारी योजना दिल्ली से मुंबई तक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की है. ट्रॉलीबस की तरह आप भी ट्रॉली ट्रक चला सकते हैं।”

बता दें कि ट्रॉलीबस एक इलेक्ट्रिक बस होती है, जो सड़क के ऊपर लगी इलेक्ट्रिक लाइन से पावर लेती है। इसका सबसे बड़ा उदाहण हाइब्रिड ट्रेन हैं, जो पटरीओं के ऊपर लगी हाई वोल्टेज इलेक्ट्रिक तारों से पावर लेती हैं। यहां इलेक्ट्रिक हाईवे का अर्थ भी यही है, जिसमें रोड के ऊपर हाई पावर इलेक्ट्रिक लाइन्स होंगी।

गडकरी ने भारी वाहन मालिकों से प्रदूषण को रोकने के लिए इथेनॉल, मेथनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं भारी वाहन मालिकों से इथेनॉल, मेथनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों का उपयोग करने का अनुरोध करता हूं, क्योंकि वे लागत प्रभावी और आयात विकल्प हैं।"

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करना है। उन्होंने कहा “हमें प्रशिक्षित ड्राइवरों की आवश्यकता है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत को हर तरह के परिवहन की जरूरत है।”
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
#ताज़ा ख़बरें
  1. Huawei Pura X2 में मिल सकती है 7.69 इंच फोल्डिंग स्क्रीन, जल्द होगा लॉन्च
  2. Infinix Note 60 Pro में मिलेगा iPhone 17 Pro Max जैसा कलर, जल्द लॉन्च की तैयारी
  3. गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
  4. BSNL के परफॉर्मेंस  में हुआ सुधार, कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 9.20 करोड़ से ज्यादा
  5. iPhone 17e Launch: किस दिन लॉन्च होगा 'किफायती' iPhone और क्या होगी कीमत? यहां जानें सब कुछ
  6. Poco X8 Pro में हो सकता है 6.5 इंच डिस्प्ले, दक्षिण कोरिया में मिला RRA सर्टिफिकेशन
  7. boAt Chrome Iris Launched: स्लीप ट्रैकिंग, फीमेल वेलनेस और SpO2 मॉनिटरिंग के साथ नई स्मार्टवॉच लॉन्च
  8. Itel A100 भारत में 5000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, मिलिट्री-ग्रेड जैसी ड्यूरेबिलिटी, जानें फीचर्स
  9. XElectron iProjector 3 Plus लॉन्च, घर पर देगा सिनेमा का अनुभव, गजब हैं स्मार्ट फीचर्स
  10. बजट 5G स्मार्टफोन का जलवा, 2025 में 1900% से ज्यादा बढ़ी बिक्री, जानें क्या है वजह
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.