चीन में लॉन्च हुआ 10G ब्रॉडबैंड, 9834 Mbps की स्पीड से पलक झपकते ही डाउनलोड होंगी मूवी

Huawei और China Unicom ने इसे “फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर” बताया है, जो खासकर उन जगहों पर फोकस कर रहा है जहां IoT डिवाइसेज, स्मार्ट होम और AI-बेस्ड एप्लिकेशन्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 21 अप्रैल 2025 16:54 IST
ख़ास बातें
  • uawei और China Unicom ने इसे “फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर” बताया है
  • लॉन्च के दौरान कहा गया कि अपलोड स्पीड करीब 1008 Mbps तक जाती है
  • नेटवर्क लेटेंसी को भी 3ms के आसपास कंट्रोल किया गया है

Photo Credit: Unsplash/ Frederik Lipfert

चीन ने फिर एक बार टेक्नोलॉजी के गेम में बड़ी छलांग लगाई है। Huawei और China Unicom ने मिलकर देश की पहली 10G इंटरनेट सर्विस लॉन्च की है, जिसकी मैक्सिमम डाउनलोड स्पीड 9834 Mbps तक बताई जा रही है। यह सर्विस हेबेई प्रांत के सुनान काउंटी में शुरू की गई है और इसे दुनिया के सबसे तेज ब्रॉडबैंड नेटवर्क्स में से एक बताया जा रहा है। लॉन्च के दौरान कहा गया कि अपलोड स्पीड करीब 1008 Mbps तक जाती है और नेटवर्क लेटेंसी को भी 3ms के आसपास कंट्रोल किया गया है। 

माईड्राइवर्स के मुताबिक, यह रोलआउट “50G PON” टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है, जो फाइबर ऑप्टिक के जरिए इतनी हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस देता है। कह गया है कि इस 10G ब्रॉडबैंड को सबसे पहले हेबेई के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव किया गया है। इसमें स्टेडियम, स्कूल, हॉस्पिटल, सरकारी ऑफिस, टूरिस्ट लोकेशन और रेजिडेंशियल एरिया जैसे हाई-ट्रैफिक स्पॉट शामिल हैं। इसके बाद धीरे-धीरे बाकी शहरों में भी इसे फैलाया जाएगा।
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Huawei और China Unicom ने इसे “फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर” बताया है, जो खासकर उन जगहों पर फोकस कर रहा है जहां IoT डिवाइसेज, स्मार्ट होम और AI-बेस्ड एप्लिकेशन्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, ये भी साफ किया गया कि फिलहाल ये रोलआउट सिर्फ चुनिंदा एरियाज में है और यह एक मास टेस्टिंग और ट्रायल फेज का हिस्सा है।

इस तरह की स्पीड आमतौर पर एंटरप्राइज या गवर्नमेंट लेवल की एप्लिकेशन्स में ही देखने को मिलती है। लेकिन अगर आने वाले टाइम में यही टेक्नोलॉजी आम यूजर्स के लिए भी खोली जाती है, तो गेम पूरी तरह बदल सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से स्मार्ट सिटी, रिमोट मेडिकल सर्जरी, रीयल-टाइम ड्रोन कम्युनिकेशन और ऑटोमैटेड ट्रैफिक सिस्टम जैसे कई फील्ड में बड़ा बदलाव संभव है।
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भारत जैसे देशों के लिए भी यह एक तरह का इंडिकेशन है कि आने वाले वक्त में इंटरनेट की दुनिया में कंपटीशन अब सिर्फ 5G तक सीमित नहीं रहेगा। टेक कंपनियों को अब 10G या उससे भी आगे की टेक्नोलॉजी के लिए तैयारी करनी होगी।
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