वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक

दावा किया जाता है कि वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉइल लगाने से RFID और NFC कार्ड की जानकारी चोरी होने से बच सकती है। लेकिन क्या यह तरीका वास्तव में कारगर है या सिर्फ एक इंटरनेट मिथक? यहां जानिए इसकी पूरी सच्चाई।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 27 जुलाई 2026 19:47 IST
ख़ास बातें
  • एल्यूमिनियम फॉयल RFID सिग्नल को सीमित स्तर तक ब्लॉक कर सकता है
  • यह ट्रिक फिशिंग, UPI फ्रॉड या हैकिंग से सुरक्षा नहीं देती
  • RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट ज्यादा सुरक्षित और प्रैक्टिकल ऑप्शन है

Photo Credit: AI Generated

सोशल मीडिया पर आपने आए दिन एक अजीब-सी ट्रिक जरूर देखी होगी, जिसमें लोग अपने वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटकर इस्तेमाल कर रहे होते हैं और दावा करते हैं कि इससे डेबिट-क्रेडिट कार्ड या RFID कार्ड की जानकारी चोरी होने से बच सकती है। पहली नजर में यह तरीका अटपटा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि एल्यूमिनियम फॉयल आपके वॉलेट को हर तरह के डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षित बना देगा। ऐसे में सवाल है कि यह ट्रिक कितनी कारगर है और किन परिस्थितियों में इसका फायदा मिल सकता है।

आज के समय में वॉलेट सिर्फ नकदी रखने का साधन नहीं रह गया है। इसमें डेबिट और क्रेडिट कार्ड के अलावा मेट्रो कार्ड, ऑफिस एक्सेस कार्ड, होटल की की-कार्ड, RFID आधारित पहचान पत्र और कई कॉन्टैक्टलेस कार्ड होते हैं। इनमें से अधिकांश कार्ड RFID (Radio Frequency Identification) या NFC (Near Field Communication) तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बिना कार्ड स्वाइप किए या मशीन में डाले भी पेमेंट या एक्सेस मिल जाता है।

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यही वायरलेस तकनीक कुछ लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल भी पैदा करती है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, विशेष RFID रीडर की मदद से कुछ RFID कार्ड के सिग्नल पढ़े जा सकते हैं। हालांकि आधुनिक बैंक कार्ड में मौजूद सुरक्षा तकनीकों की वजह से इस तरीके से बैंकिंग डेटा चोरी होने की घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं, लेकिन कुछ पहचान पत्र और एक्सेस कार्ड की प्राइवेसी को लेकर चिंता बनी रहती है।

क्या एल्यूमिनियम फॉयल सच में RFID सिग्नल रोक सकता है?

इसका जवाब है हां, लेकिन सीमित स्तर तक। एल्यूमिनियम एक अच्छा विद्युत चालक है। जब वॉलेट को पूरी तरह एल्यूमिनियम फॉयल से ढक दिया जाता है, तो यह अस्थायी रूप से फाराडे केज की तरह काम कर सकता है। इसका असर यह होता है कि रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल कमजोर या ब्लॉक हो जाते हैं, जिससे RFID और NFC कार्ड के सिग्नल बाहर नहीं पहुंच पाते और उन्हें स्कैन करना मुश्किल हो सकता है।

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यही सिद्धांत RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट और कार्ड स्लीव में भी इस्तेमाल किया जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि ऐसे प्रोडक्ट इस काम के लिए खास तौर पर डिजाइन किए जाते हैं, जबकि एल्यूमिनियम फॉयल एक अस्थायी और कम सुविधाजनक ऑप्शन है।

क्या इससे हर तरह की डिजिटल चोरी रुक जाएगी?

बिल्कुल नहीं। एल्यूमिनियम फॉयल केवल वायरलेस रेडियो सिग्नल को प्रभावित करता है। इसका फिशिंग, OTP फ्रॉड, UPI स्कैम, कार्ड स्किमिंग, मैलवेयर, डेटा ब्रीच, SIM स्वैप या ऑनलाइन हैकिंग जैसी साइबर ठगी से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी यूजर की बैंकिंग जानकारी किसी वेबसाइट, फर्जी ऐप या धोखाधड़ी वाले लिंक के जरिए चोरी होती है, तो एल्यूमिनियम फॉयल उसे रोक नहीं सकता।

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इसके अलावा, EMV चिप वाले आधुनिक कॉन्टैक्टलेस डेबिट और क्रेडिट कार्ड में एन्क्रिप्शन, डायनेमिक ऑथेंटिकेशन और ट्रांजैक्शन सिक्योरिटी जैसी कई सुरक्षा परतें पहले से मौजूद होती हैं। इसी वजह से केवल दूर से कार्ड स्कैन करके बैंक खाते से पैसे निकाल लेना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन माना जाता है।

किन कार्डों के लिए यह ज्यादा उपयोगी हो सकता है?

RFIDCard.com का ब्लॉग कहता है कि कुछ RFID आधारित सरकारी पहचान पत्र, ऑफिस एक्सेस कार्ड, होटल की-कार्ड और अन्य एक्सेस क्रेडेंशियल अपेक्षाकृत लंबी दूरी से पढ़े जा सकते हैं। ऐसे मामलों में RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट या अस्थायी तौर पर एल्यूमिनियम फॉयल एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर का काम कर सकती है।

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अगर आप अक्सर यात्रा करते हैं या अपने वॉलेट में कई RFID आधारित कार्ड रखते हैं, तो सर्टिफाइड RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट इस्तेमाल करना एल्यूमिनियम फॉयल की तुलना में ज्यादा व्यावहारिक और टिकाऊ ऑप्शन माना जाता है।

क्या आपको यह ट्रिक अपनानी चाहिए?

अगर आपका उद्देश्य केवल RFID सिग्नल को ब्लॉक करना है, तो एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक मदद कर सकता है। लेकिन इसे डिजिटल सुरक्षा का पूरा समाधान समझना सही नहीं होगा। मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA), बैंक अलर्ट, समय-समय पर कार्ड स्टेटमेंट की जांच और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाना आज भी साइबर सुरक्षा के सबसे इफेक्टिव तरीके हैं।

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यानी, वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने वाली वायरल ट्रिक पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन यह आपकी सुरक्षा का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। इसे डिजिटल फ्रॉड से बचाने वाला जादुई उपाय मानना सही नहीं होगा। यदि आप थोड़े अधिक पैसे खर्च कर सकते हैं, तो RFID-ब्लॉकिंग वॉलेट खरीदना ही समझदारी है।

 

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