लैपटॉप की बैटरी जल्दी खत्म होती है तो कभी भी लोकल चार्जर से चार्ज नहीं करना चाहिए।
लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर नहीं रखना चाहिए।
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लैपटॉप पर बहुत ज्यादा खर्च करने के बाद भी अगर उसकी बैटरी ज्यादा नहीं चल पाती है तो यह बहुत ज्यादा निराशाजनक लगता है। सिर्फ आप ही नहीं ऐसे बहुत से लैपटॉप यूजर्स हैं, जिनके लैपटॉप की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है। आमतौर पर अधिकतर यूजर्स जाने-अनजाने में रोजाना ऐसी छोटी गलतियां करते हैं, जिससे लैपटॉप की बैटरी खत्म और खराब हो जाती है। कई बार ओवरचार्जिंग और लोकल केबल से चार्ज करने पर लैपटॉप की बैटरी लाइफ कम हो जाती है। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी खास टूल या टेक्निकल स्किल की जरूरत नहीं है सिर्फ थोड़ा ध्यान देने से काम चल सकता है। यहां हम आपको उन बातों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें बदलाव करके आप बैटरी को बेहतर कर सकते हैं।
बैटरी को पूरा खत्म करना
लैपटॉप की बैटरी को कभी भी पूरी खत्म नहीं करना चाहिए। मौजूदा लैपटॉप में लिथियम-आयन बैटरी आती है जो कि 20% से 80% के बीच अच्छे से काम करती है। हर बार पूरी तरह डिस्चार्ज होने से बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ता है और उसकी उम्र कम हो जाती है। ऐसे में जब बैटरी 25% से कम हो तभी चार्ज पर लगा देना चाहिए। इससे बैटरी परफॉर्मेंस बरकरार रहती है और बैटरी लाइफ लंबे समय तक रहती है।
लोकल चार्जर का इस्तेमाल करना
अगर लैपटॉप का ओरिजिनल चार्जर खो गया है तो कभी भी बिना सर्टिफाइड केबल या सस्ता चार्जर खरीद कर चार्ज नहीं करना चाहिए। इनमें अक्सर सही वोल्टेज नहीं आती है, जिससे ओवरहीटिंग या बैटरी सेल हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं। हमेशा लैपटॉप के ब्रांड वाले चार्जर या सर्टिफाइड चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए। कभी भी रात भर चार्जिंग के लिए नहीं छोड़ना चाहिए।
ज्यादा हीट में लैपटॉप का इस्तेमाल करना
हर समय प्लग-इन रखना
लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर लगाए रखने से बैटरी पर दबाव पड़ता है। जब बैटरी 100% पर रहती है तो सेल्स के अंदर होने वाली केमिकल रिएक्शन से बैटरी की लाइफ तेजी से कम होती है। आजकल के समय में कई लैपटॉप में बैटरी-केयर मोड मिलता है जो चार्जिंग को लगभग 80% तक सीमित रखता है। अगर आप अधिकतर डेस्क पर बैठकर लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं तो इस फीचर को ऑन करने से बैटरी पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है।
बैकग्राउंड टास्क और स्क्रीन ब्राइटनेस
अधिक स्क्रीन ब्राइटनेस, कई बैकग्राउंड ऐप्स और बिना ऑप्टिमाइज सिस्टम सेटिंग्स से बैटरी जल्दी खत्म होती है। ब्राइटनेस को लगभग 60% पर रखने, बैकग्राउंड ऐप्स को बंद करने और सॉफ्टवेयर को रेगुलर अपडेट करने से काफी फर्क पड़ सकता है। बैटरी लाइफ धीरे-धीरे खत्म करने वाली एक और चीज सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल है।
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