रूस-यूक्रेन युद्ध से कैसे सुर्खियों में आई क्रिप्टोकरेंसी

यूक्रेन सरकार के विदेश से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भी सहायता स्वीकार करने को लेकर ट्वीट करने के बाद से इस तरीके से 10 करोड़ डॉलर से अधिक जुटाए गए हैं

विज्ञापन
NDTV Correspondent, अपडेटेड: 7 अप्रैल 2022 20:58 IST
ख़ास बातें
  • रूस के कई नागरिक अपनी रकम बचाने के लिए क्रिप्टो का इस्तेमाल कर रहे हैं
  • यूक्रेन ने क्रिप्टोकरेंसी में विदेश से फंड हासिल किया है
  • कड़े प्रतिबंधों के कारण रूस की करेंसी रूबल की वैल्यू काफी घटी है

इस युद्ध से क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने की जरूरत भी बढ़ी है

पिछले एक महीने से रूस और यूक्रेन के बीच केवल बमों और गोलियों से युद्ध नहीं हो रहा। यह एक डिजिटल युद्ध भी है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यूक्रेन की मिनिस्ट्री ऑफ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को यूक्रेन के हितों के बारे में दुनिया भर को बताने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही है। यूक्रेन सरकार के एक अधिकारी की ओर से विदेश से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भी सहायता स्वीकार करने को लेकर ट्वीट करने के बाद से इस तरीके से 10 करोड़ डॉलर से अधिक जुटाए गए हैं। इस फंड से यूक्रेन की सेना को जरूरी साजो सामान खरीदने में मदद की जा रही है। 

यूक्रेन सरकार का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी में मिली रकम अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से दिए गए फंड की तुलना में काफी कम है। हालांकि, इंटरमीडियरीज के नहीं होने से वह क्रिप्टोकरेंसी से बहुत जल्द फंड प्राप्त करने में सक्षम हुई। बैंक ट्रांसफर से मिलने वाले फंड के यूक्रेन सरकार के खातों तक पहुंचने में कई दिन लगते हैं। क्रिप्टोकरेंसी से कुछ ही मिनटों में फंड मिल जाता है। इससे ऐसे देशों के लिए क्रिप्टोकरेंसी के महत्व का पता चलता है जिनका फाइनेंशियल और इकोनॉमिक सिस्टम कमजोर है। क्रिप्टोकरेंसी के कुछ नकारात्मक पहलू भी इस युद्ध के दौरान दिखे हैं। 

ऐसा बताया जा रहा है कि रूस के बैंकिंग सिस्टम पर कई देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रूस के बहुत से नागरिक अपनी रकम को बचाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। रूस की करेंसी रूबल की वैल्यू में भारी गिरावट आने के कारण क्रिप्टोकरेंसी में फंड रखने से इन लोगों को नुकसान से बचने में मदद मिल रही है। यह तरीका रूस की सरकार, कंपनियों और बड़े कारोबारियों के लिए भी कारगर हो सकता है।

हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने की जरूरत भी बढ़ी है। इसके लिए विभिन्न देशों को एक संतुलित ढांचा बनाने पर विचार करना होगा। इसका लक्ष्य क्रिप्टोकरेंसी की एफिशिएंसी को बरकरार रखते हुए इसका प्रतिबंधों से बचने के लिए अवैध तरीके के तौर पर इस्तेमाल होने की आशंका को न्यूनतम करना होना चाहिए। अमेरिका सहित बहुत से देशों में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए कानून बनाने पर काम किया जा रहा है। क्रिप्टोकरेंसी के लिए संतुलित रेगुलेशंस होने से इसके गलत इस्तेमाल और इसकी एफिशिएंसी को बढ़ाने में  मदद मिल सकती है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Ukraine, War, Ruusia, Cryptocurrency, Fund, Government, System, Regulation
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola Edge 70 Max के जल्द लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  2. WhatsApp की कमान अब होगी भारत के कुणाल शाह के पास, होंगे कंपनी के नए CEO
  3. itel ने लॉन्च किए 2 नए Soundbar, ₹5 हजार से कम में मिलेगा 4 स्पीकर वाला सेटअप
  4. Vivo X Fold 6 में मिल सकते हैं 4 स्टोरेज वेरिएंट्स, इस सप्ताह होगा लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. RedMagic Gaming Tablet 5 Pro में मिलेगा 9.06 इंच OLED पैनल, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  2. ईरान में सरकार को गिराने के लिए इजरायल पर स्टारलिंक के इंटरनेट रिसीवर भेजने का आरोप
  3. Apple जल्द लॉन्च कर सकती है फोल्डेबल iPhone, OLED पैनल की शुरू हुई मैन्युफैक्चरिंग 
  4. 5,160 mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi 17C, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. 'पैसे नहीं दिए तो सब लीक...', Tata Electronics को हैकर्स की धमकी; 630GB डेटा, Apple-Tesla सीक्रेट्स खतरे में?
  6. Vivo X Fold 6 में मिल सकते हैं 4 स्टोरेज वेरिएंट्स, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  7. Motorola Edge 70 Max के जल्द लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  8. WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
  9. Realme P4x 4G 50 मेगापिक्सल कैमरा, 8000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. Samsung Galaxy M47 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.