'2008 में आए बैंकिंग संकट जैसी है Crypto सेक्टर में चल रही मंदी'

क्रिस्टी ने कहा कि मार्केट का रेगुलेट न होना एक बड़ी खामी है, क्योंकी मार्केट साइज में काफी बड़ी है।

विज्ञापन
हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 16 जून 2022 13:35 IST
ख़ास बातें
  • क्रिप्टो मार्केट को 2008 के बैंकिंग सेक्टर में आए संकट के समान बताया
  • मार्केट का रेगुलेट न होना एक बहुत बड़ी कमी है
  • क्रिप्टो मार्केट का लिक्विड मार्केट से जुड़ा होना एक अच्छी बात है

क्रिप्टो मार्केट इससे कहीं अधिक बड़ी इक्विटी मार्केट से भी जुड़ी हुई है


क्रिप्टोकरेंसी में आए स्लोडाउन के कारण दुनियाभर के निवेशक चिंता में हैं और उम्मीद लगा रहे हैं कि यह मंदी किसी बिंदु पर आकर रुक जाए। इस बीच कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन की कमिश्नर क्रिस्टी गोल्डस्मिथ रोमेरो (Christy Goldsmith Romero) ने Cryptocurrency में आई इस मंदी को 2008 में आई वित्तीय मंदी के समान बताया है। पिछले कुछ दिनों में ही क्रिप्टो मार्केट में 312 खरब रुपये का नुकसान हो चुका है। क्रिस्टी ने कहा है कि यह अनियमित सेक्टर 2008 के फाइनेंशिअल सेक्टर की तरह मंदी में है।  

Axios को दिए एक इंटरव्यू में क्रिस्टी ने क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में आई मंदी को 2008 में विश्व अर्थव्यवस्था में आई मंदी के समान बताया। पिछले कुछ हफ्तों से क्रिप्टो मार्केट की जो डांवाडोल स्थिति बनी हुई है उसको देखते हुए सीएफटीसी की कमिश्नर क्रिस्टी ने क्रिप्टो स्पेस से जुड़े दो मुख्य बिंदुओं के बारे में बताया है। उन्होंने मार्केट को 2008 के बैंकिंग सेक्टर के समान बताया है। 

इसमें पहला बिंदु जो क्रिस्टी ने उठाया है, मार्केट का रेगुलेट न होना है जो कि साइज में काफी बड़ी है। इसमें रेगुलेशन गैप आ गया है। 

क्रिस्टी ने कहा, "हम बिटकॉइन और ईथर की तरह क्रिप्टो और इसके डेरिवेटिव्स को रेगुलेट करने जा रहे हैं लेकिन असल में हम कैश और स्पॉट मार्केट्स को रेगुलेट नहीं कर रहे हैं। हमारे पास एंटी-फ्रॉड अथॉरिटी है लेकिन यह काफी सीमित है। हमने एन्फोर्समेंट एक्शन बना लिए हैं लेकिन असल में हम मार्केट में नहीं झांक कर देखते हैं। 

दूसरे बिंदु पर उन्होंने कहा कि क्रिप्टो मार्केट इससे कहीं अधिक बड़ी इक्विटी मार्केट से भी जुड़ी हुई है। इस बात पर सहमत हुए कि शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसी को इस तरह से डिजाइन नहीं किया था, उन्होंने कहा कि इक्विटी से इसका संबंधित होना संस्थानों और रिटेल निवेशकों के लिए किसी ईनाम से कम नहीं है। जब मार्केट में मंदी आती है तो आपको इसके रिस्क पता चलते हैं। मेरी सबसे बड़ी चिंता ये है कि अगर रेगुलेशन इसकी तकनीक के साथ कदम नहीं मिला पाती है तो यह सहज प्रभावित होने वाले लोगों के लिए मुसीबन बन सकता है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , CFTC, Cryptocurrency Market News

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. FIFA World Cup 2026 Final: भारत में कब, कहां और कैसे देखें LIVE मैच? यहां मिलेगी पूरी डिटेल
  2. ₹3,400 सस्ता मिल रहा तीन 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Motorola स्मार्टफोन, ये है पूरी डील
#ताज़ा ख़बरें
  1. मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए सरकार लॉन्च करेगी 62,500 करोड़ रुपये की स्कीम
  2. भारत में क्रिप्टोकरेंसी को 'एसेट' का दर्जा नहीं मिला, सरकार ने दी जानकारी
  3. Just Corseca की नई स्मार्टवॉच, ईयरबड्स हुए लॉन्च, कीमत 1499 रुपये से शुरू
  4. 20000mAh बैटरी के साथ 22.5W फास्ट चार्जिंग वाला नया पावरबैंक Xiaomi ने किया लॉन्च, जानें कीमत व खास फीचर्स
  5. OnePlus की अफोर्डेबल सेगमेंट में नया स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी, 8,000mAh तक हो सकती है बैटरी
  6. Huawei FreeClip 2 S ईयरबड्स ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 38 घंटे की है बैटरी, जानें कीमत और फीचर्स
  7. GoBoult Tenet Pro ईयरबड्स भारत में लॉन्च, 75 घंटे तक चलेगी बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
  8. Redmi K100 सीरीज के हाई-एंड मॉडल में मिल सकती है 9,000mAh की बैटरी
  9. भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
  10. ₹3,400 सस्ता मिल रहा तीन 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Motorola स्मार्टफोन, ये है पूरी डील
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.