Chandrayaan-3 : इस बार फेल नहीं होगा मिशन! ISRO ने किया चंद्रयान-3 से जुड़ा बड़ा खुलासा, आप भी जानें

Chandrayaan-3 : एक कार्यक्रम में बोलते हुए एस. सोमनाथ ने कहा कि लैंडर 'विक्रम' का पूरा डिजाइन इस तरह से बनाया गया है कि यह विफलताओं (failures) को संभालने में सक्षम होगा।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 अगस्त 2023 12:24 IST
ख़ास बातें
  • इसरो अध्‍यक्ष एस. सोमनाथ ने दी बड़ी जानकारी
  • लैंडर 'विक्रम' किसी भी हालात में कर सकता है लैंड
  • सेंसर नाकाम हुए, इंजन ने भी नहीं किया काम, तब भी लैंड करेगा मिशन

हालांकि जरूरी है कि प्रणोदन प्रणाली (propulsion system) अच्छी तरह से काम करे।

भारत के तीसरे मून मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) के इस बार सफल होने के पूरे-पूरे चांस नजर आ रहे हैं। चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग को मुमकिन बनाने के लिए भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने पूरी तैयारी की है। लैंडर ‘विक्रम' को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बड़ी गड़बड़ी भी मिशन को बर्बाद नहीं कर पाएगी। इसरो के अध्‍यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया है कि चंद्रयान-3 का लैंडर ‘विक्रम' 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट-लैंडिंग' करने में सक्षम होगा, भले ही इसके सभी सेंसर और दोनों इंजन काम न करें। 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक कार्यक्रम में बोलते हुए एस. सोमनाथ ने कहा कि लैंडर 'विक्रम' का पूरा डिजाइन इस तरह से बनाया गया है कि यह विफलताओं (failures) को संभालने में सक्षम होगा। सोमनाथ ने कहा, “अगर सब कुछ फेल हो जाता है। सभी सेंसर नाकाम हो जाते हैं। कुछ भी काम नहीं करता है। फिर भी यह (विक्रम) लैंडिंग करेगा। इसे इसी तरह डिजाइन किया गया है- हालांकि जरूरी है कि प्रणोदन प्रणाली (propulsion system) अच्छी तरह से काम करे।”
Advertisement

इसरो प्रमुख ने यह भी बताया कि चंद्रयान-3 की डी-ऑर्बिटिंग का काम कल यानी 9 अगस्त, 14 अगस्त और 16 अगस्त को किया जाएगा। आखिरी बार 6 अगस्‍त को चंद्रमा की कक्षा को कम किया गया था। अभी चंद्रयान-3 की चांद से सबसे कम दूरी 170 किलोमीटर और सबसे ज्‍यादा दूरी 4313 किलोमीटर है। 14 जुलाई को लॉन्‍च हुआ मिशन 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया था। चंद्रयान-3 को चंद्रमा के करीब लाने के लिए 3 और डी-ऑर्बिटिंग होनी हैं। 

इन्‍हें सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इसरो की योजना 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर लैंड करने की है। गौरतलब है कि साल 2019 में इसरो का चंद्रयान-2 मिशन चांद पर लैंड नहीं कर पाया था। मिशन की कम‍ियों से सीखते हुए स्‍पेस एजेंसी ने चंद्रयान-3 को फुलप्रूफ बनाने की कोशिश की है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Find X10 Pro Max ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP तीन कैमरा, 7150mAh बैटरी फीचर्स
  2. 10000mAh की विशाल बैटरी वाला HONOR WIN Tablet लॉन्च, बड़ी स्क्रीन के साथ प्रोसेसर भी दमदार
  3. OnePlus Turbo Pro के जल्द लॉन्च की तैयारी, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  4. Vivo Y600 होगा 30 अक्टूबर को लॉन्च, 10,000mAh की मिलेगी बैटरी
  5. 6500mAh बैटरी वाला फोन Amazon Sale में ₹15 हजार से भी सस्ता हुआ
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus Turbo Pro के जल्द लॉन्च की तैयारी, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  2. Vivo Y600 होगा 30 अक्टूबर को लॉन्च, 10,000mAh की मिलेगी बैटरी
  3. Oppo Reno 16 हुआ ₹12 हजार महंगा, नया बेस स्टोरेज वेरिएंट भी पेश
  4. सोनिया गांधी की इंस्टाग्राम पर एंट्री, पहली वीडियो पर लाखों व्यूज
  5. Vivo लेकर आया नए TWS ईयरबड्स, 2 दिन तक चलेगी बैटरी, हवा का शोर भी नहीं आएगा
  6. iQOO 16R ग्लोबल मार्केट में जल्द हो सकता है लॉन्च, 10,000mAh बैटरी!
  7. X पर वीडियो पोस्ट करके जीतें 2.83 लाख रुपये, किकस्टार्ट बोनस शुरू, जानें सबकुछ
  8. 6500mAh बैटरी वाला फोन Amazon Sale में ₹15 हजार से भी सस्ता हुआ
  9. Oppo Find X10 Pro Max ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP तीन कैमरा, 7150mAh बैटरी फीचर्स
  10. ₹30 हजार के बजट में मिल सकते हैं ये बेहतरीन स्मार्टफोन, Amazon Sale में डिस्काउंट भी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.