Google Maps के 'Street View' फीचर की भारत में वापसी, इन 10 शहरों में हुआ लॉन्च

Google आठ शहरों - दिल्ली, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कोलकाता, गुड़गांव, बैंगलोर और आगरा में यातायात प्राधिकरणों और एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी कर रही है, ताकि सड़क बंद होने और घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जा सके।

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नित्या पी नायर, अपडेटेड: 30 जुलाई 2022 18:04 IST
ख़ास बातें
  • Google स्ट्रीट व्यू के लॉन्च को सरकार ने 2016 में हुए खारिज कर दिया था
  • गूगल ने इसके लिए भारत में Tech Mahindra और Genesys के साथ हाथ मिलाया है
  • शुरुआत में यह फीचर 150,000 किलोमीटर की सड़कों को कवर कर रहा है

Google आठ शहरों में यातायात प्राधिकरणों और एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी कर रही है

Google Maps में Google Street View फीचर के 2016 में भारत में फुल स्केल लॉन्च की अनुमति से वंचित रहने के बाद आखिरकार लॉन्च हो गया है। स्ट्रीट व्यू फीचर यूजर्स को शहरों की सड़कों की पैनोरमिक तस्वीरों को देखने और उनमें नेविगेट करने की अनुमति देता है। नई दिल्ली में प्रेस मीट में कंपनी ने घोषणा करते हुए बताया कि वह Genesys और Tech Mahindra के सहयोग से भारत में स्ट्रीट व्यू ला रहा है। लाखों 360-डिग्री पैनोरमिक तस्वीरों के साथ यह फीचर 10 भारतीय शहरों के लिए उपलब्ध होगा, जो शुरू में 150,000 किलोमीटर सड़कों को कवर करेगा। Google का लक्ष्य इस साल के अंत तक 50 शहरों में इस फीचर का विस्तार करना है।  साथ ही, पहल के हिस्से के रूप में, टेक महिंद्रा भीड़-भाड़ वाली जगहों के लिए कैमरों से लैस SUV को तैनात करेगी। देश में Google स्ट्रीट व्यू के रोलआउट के प्रस्ताव को सरकार ने 2016 में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था।

Google ने Tech Mahindra और Genesys के साथ साझेदारी में भारत के 10 शहरों में अपनी स्ट्रीट व्यू सेवा शुरू की। Google Maps पर स्ट्रीट व्यू फीचर बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, नासिक, वडोदरा, अहमदनगर और अमृतसर में 150,000 किलोमीटर की सड़कों को कवर कर रहा है। टेक दिग्गज इस फीचर को साल के अंत तक 50 भारतीय शहरों में ला रहा है।

डेटा कलेक्शन लोकल पार्टनर्स द्वारा किया जाएगा। इसके लिए कंपनी स्ट्रीट व्यू API को लोकल डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराएगी। भारत पहला देश है जहां स्ट्रीट व्यू को मुख्य रूप से भागीदारों द्वारा सक्षम किया गया है। इसे नई राष्ट्रीय जियोस्पेशियल पॉलिसी के आधार पर पेश किया जा रहा है, जिसे फरवरी 2021 में पेश किया गया था। ये निति घरेलू कंपनियों को डेटा और आधुनिक मैपिंग टेक्नोलॉजी को एकत्र करने की अनुमति देती है।

Google Maps पर किसी भी शहर में सड़क को जूम करके और उस क्षेत्र को टैप करके स्ट्रीट व्यू फीचर को एक्सेस किया जा सकता है। यह लोकल कैफे, कलचरल केंद्रों आदि को दिखाएगा। कहा जा रहा है कि यह Google Earth इंजन की मदद से सतह के तापमान का डेटा भी मुहैया कराता है।
 
इस काम के लिए गूगल अपने किसी स्ट्रीट व्यू वाहन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। इसके बजाय भारत में कंपनी पिछली जनरेशन के Mahindra Scorpio मॉडल को यूज करेगी।
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Google के डेटा ऑपरेशंस प्रोडक्ट मैनेजर स्टैफोर्ड मार्क्वार्ड का कहना है कि हाल ही में Google I/O में पेश किया गया Google Street View Camera भी भारत में आ सकता है (यदि यह उस समय तक तैयार हो जाता है)। उन्होंने कहा, "हम भारत के लिए भी इमर्सिव व्यू लाना पसंद करेंगे, लेकिन हमने [अभी तक] कुछ भी तय नहीं किया है। क्योंकि यह 3डी डेटा और एरियल व्यू का उपयोग करता है, इसलिए हमें इसे भारत में लाने के लिए शायद इसी तरह की पार्टनरशिप करनी होंगी।"
 
Google ने रोड सेफ्टी उपायों और ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ अपने सहयोग की भी घोषणा की। सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए, Google Maps ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा शेयर किए गए स्पीड लिमिट डेटा प्रदर्शित करेगा, जिसकी शुरुआत बेंगलुरु और चंडीगढ़ से होगी। बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से गूगल ट्रैफिक लाइट के समय को ऑप्टिमाइज करने की दिशा में काम कर रही है, जिसका लक्ष्य चौराहों पर वेटिंग टाइम, सड़क की भीड़ और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। कंपनी इसका विस्तार कोलकाता और हैदराबाद में भी करेगी।
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Google आठ शहरों - दिल्ली, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कोलकाता, गुड़गांव, बैंगलोर और आगरा में यातायात प्राधिकरणों और एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी कर रही है, ताकि सड़क बंद होने और घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जा सके।

इसके अलावा, कंपनी अपने यूजर्स के कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने के लक्ष्य से घरेलू संस्थाओं के साथ मिलकर नई पहल कर रही है। कंपनी ने हाल ही में एनवायर्नमेंटल इनसाइट्स एक्सप्लोरर (EIE) का संचालन किया, जो शहरों और स्थानीय सरकारों को उत्सर्जन मापने में मदद करने के लिए सार्वजनिक परिवहन गतिविधि डेटा का उपयोग करता है।
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एयर क्वालिटी की जानकारी देने के लिए Google केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से भी जुड़ी है। Google मैप्स ऐप पर Layers>Air Quality पर जाकर इन जानकारियों को एक्सेस किया जा सकता है।
 

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