AI ऑटोमेशन के चलते 2026 में अबतक 1.2 लाख लोगों की गई नौकरी!

केवल इसी साल में अबतक 1,19,494 लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो चुके हैं।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 9 जुलाई 2026 18:17 IST
ख़ास बातें
  • अबतक 1,19,494 लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो चुके
  • इस साल 219 कंपनियों से 1 लाख 20 हजार के करीब कर्मचारी निकाले जा चुके हैं
  • AI के लिए फंड जुटाने के मकसद से कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती

AI ऑटोमेशन के चलते जाहिर तौर पर दुनियाभर में नौकरियों पर असर पड़ रहा है। खासकर टेक इंडस्ट्री में इस बात को लेकर लगातार चर्चा है और माहौल चिंता का बना हुआ है। इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों के कई मालिकों के बयान भी इसी तरफ इशारा करते हैं। अब एक नई रिपोर्ट AI के कारण हुए नौकरियों के नुकसान की पुष्टि करती है। इसमें कहा गया है कि इस साल में अबतक लाखों की संख्या में लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो चुके हैं। यह संख्या बहुत बड़ी है और भविष्य भी बहुत अच्छे संकेत नहीं दे रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से। 

AI का जॉब पर प्रभाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। अब टेक कंपनियों की ओर से लगातार हो रही छंटनियों को देखते हुए टेक जगत में फिर से चिंता पसर गई है। इसी संबंध में जॉब ट्रैकिंग वेबसाइट Layoffs.fyi की ओर से एक रिपोर्ट (via) जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि केवल इसी साल में अबतक 1,19,494 लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो चुके हैं। टेक कंपनियां अतिरिक्त भर्तियां रोकने के लिए AI को ढाल बना रही हैं। कंपनियाँ बड़े पैमाने पर छंटनी के मुख्य कारण के तौर पर AI-आधारित ऑटोमेशन का इस्तेमाल कर रही हैं। हजारों इंजीनियर्स, मैनेजर और सपोर्ट स्टाफ को नौकरी से निकाला जा रहा है, और इसके पीछे वजह है AI-फर्स्ट बिजनेस मॉडल का तेजी से अपनाया जाना। 

AI के क्षेत्र में साल 2026 बहुत अलग परिदृश्य बना रहा है। रिपोर्ट बताती है कि इस साल 219 कंपनियों से 1 लाख 20 हजार के करीब कर्मचारी निकाले जा चुके हैं। इन छंटनियों का मुख्य कारण महंगे AI इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष तरह की चिप और ऑटोमेटेड वर्कफ्लो के लिए जुटाई गई फंडिंग को बताया गया है। इस फंडिंग को पूरा करने के लिए कंपनियां वर्कफोर्स को छोटा कर रही हैं, और बचत के माध्यम से AI निवेश के साथ तालमेल बैठाने की कोशिशों में लगी हैं। टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियाँ AI के लिए फंड जुटाने के मकसद से कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती कर रही हैं।

Oracle इस मामले में अभी तक सबसे ज्यादा चर्चा में रही है। कंपनी ने अपनी सालाना वित्तीय रिपोर्ट में बताया है कि पिछले एक साल में उसने 21,000 नौकरियां खत्म की हैं। यह कंपनी के ग्लोबल वर्कफोर्स में 13% की बड़ी कटौती है। कंपनी लीडर्स का बयान आया कि AI टेक्नोलॉजी को अपनाने और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश करने की जरूरत के कारण बड़े पैमाने पर ये छंटनियां की गई हैं। AI ऑटोमेशन की दिशा में जोरदार पहल पारंपरिक सिलिकॉन वैली सॉफ्टवेयर कंपनियों से कहीं आगे तक बढ़ चुकी है। 
 

 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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