कॉल ड्रॉप: सुप्रीम कोर्ट से दूरसंचार कंपनियों को नहीं मिली कोई राहत

विज्ञापन
Indo-Asian News Service, अपडेटेड: 7 मार्च 2016 10:15 IST
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार कॉल ड्रॉप मुद्दे पर अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निश्चित कर दी। अदालत कॉल ड्रॉप के लिए उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के नियामक के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका की सुनवाई कर रही है।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अपने 16 अक्टूबर 2015 के अपने फैसले में एक जनवरी 2016 से कॉल ड्रॉप के लिए उपभोक्ताओं को कंपनियों द्वारा मुआवजा देना आवश्यक बनाया है, जिसे सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन ऑफ यूनीफाइड सर्विस प्रोवाइडर ऑफ इंडिया ने चुनौती दी है।

ट्राई के फैसले को प्रथम दृष्टया उसके अधिकार क्षेत्र के दायरे में ही पाते हुए न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति रोहिंटन फाली नरीमन की पीठ ने अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि अगली सुनवाई 10 मार्च होगी, जिसके बाद फैसला सुनाया जाएगा।

अदालत ने कहा, "अगले सप्ताह सुनवाई होगी, कोई अंतरिम आदेश नहीं।"

कंपनियों के वकील कपिल सिब्बल से अदालत ने कहा, "कॉल ड्रॉप में आपकी गलती है और आपको भरपाई करनी चाहिए।"
Advertisement

सिब्बल ने यह तर्क रखा कि यदि उपभोक्ता बेसमेंट में या निफ्ट में हो और कॉल टूट जाए, तो कंपनी कैसे जिम्मेदार हो सकती है।

अंतरिम राहत की मांग का विरोध करते हुए महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने कहा, "अंतरिम आदेश नहीं होनी चाहिए। मुझे उच्च न्यायालय में जीत हासिल हुई है। यह उपभोक्ता हित में है।"
Advertisement

रोहतगी ने सिब्बल के तर्क के जवाब में कहा कि देश में बेसमेंट और लिफ्ट की संख्या बहुत अधिक नहीं है। यदि व्यक्ति बेसमेंट या लिफ्ट में है, तो उसे सिग्नल नहीं मिल पाएगा और वह कॉल ड्रॉप नहीं है। यदि आप इस दौरान किसी से बात कर रहे हैं और कॉल डिसकनेक्ट हो जाता है, तब भी वह कॉल ड्रॉप नहीं है।
Advertisement

उन्होंने कहा कि कॉल ड्रॉप का मतलब यह है कि जब आप किसी को फोन करने के बाद हेलो कहते हैं और दूसरी ओर हेलो कहा जाता है, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो पाती है और कॉल ब्लैंक हो जाता है।

सिबल के यह कहने पर कि ट्राई ने कंपनियों को नौ मार्च को आने को कहा है, अदालत ने कहा, "आप उससे इसे स्थगित करने के लिए कहें।"
Advertisement

सीओएआई ने कहा, "ट्राई से मिलकर यह अनुरोध किया जा सकता है कि 10 मार्च 2016 को सर्वोच्च न्यायालय का जवाब आने तक उद्योग से अनुपालन को स्थगित रखा जाए।"

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 फरवरी के अपने फैसले में ट्राई के फैसले को सही ठहराया है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े:
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Nothing Headphone (a) का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, एडैप्टिव ANC, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
#ताज़ा ख़बरें
  1. Lava Bold 2 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  2. Nothing Headphone (a) का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, एडैप्टिव ANC, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Vivo T5x 5G को AnTuTu बेंचमार्क में मिला 10 लाख प्वाइंट्स से ज्यादा का स्कोर, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  4. WhatsApp में थीम, नए आइकन और एक्सक्लूसिव स्टिकर्स के लिए देने होंगे पैसे? जल्द आएगा Plus सब्सक्रिप्शन!
  5. Nothing Phone 4a और Nothing Phone 4a Pro हुए भारत में लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  6. Honor 600 Lite का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,520mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  7. IND vs ENG T20 World Cup 2026 सेमीफाइनल आज, जानिए कब और कहां देखें LIVE
  8. Google पर डॉक्टर का नंबर खोजने से उड़ गए 18 लाख! साइबर फ्रॉड का नया तरीका
  9. 200 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Infinix Note 60 Ultra, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Realme Narzo Power 5G भारत में लॉन्च: 10,001mAh बैटरी वाले फोन की सेल शुरू, जानें कीमत और ऑफर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.