कौन कहता है अंतरिक्ष में साउंड नहीं, ब्‍लैक होल से आने वाली इस आवाज को सुनिए

साल 2003 से इस ब्‍लैक होल को पर्सियस आकाशगंगा क्‍लस्‍टर के केंद्र में देखा जा रहा है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 9 मई 2022 13:59 IST
ख़ास बातें
  • इसमें ब्‍लैक होल से निकलने वाले साउंड को सुना जा सकता है
  • नासा का कहना है कि इन वेव्‍स की ओरिजिनल फ्रीक्‍वेंसी ज्‍यादा है
  • पर इन्‍हें ऐसे फ‍िल्‍टर किया गया है कि इंसान उसे सुन सके

हालांकि हम इसे सीधे कानों से नहीं सुन सकते। यह सब तकनीक के जरिए हमारे सामने आया है।

ब्रह्मांड में होने वाली गतिविधियां हर बार हमें एक नई जानकारी देती हैं। क्‍या आपने कभी किसी ब्‍लैकहोल से निकलने वाले साउंड के बारे में पढ़ा है। ब्‍लैक होल, जिनके बारे में हम यह समझते आए हैं कि उनमें गुजरकर प्रकाश भी गायब हो जाता है, वह साउंड भी जनरेट कर सकते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने हाल ही में पर्सियस आकाशगंगा क्‍लस्‍टर के केंद्र में एक ब्लैक होल से निकलने वाली साउंड क्लिप को रिलीज किया है। इसमें ब्‍लैक होल से निकलने वाले साउंड को सुना जा सकता है। 

रिपोर्टों के अनुसार, साल 2003 से इस ब्‍लैक होल को पर्सियस आकाशगंगा क्‍लस्‍टर के केंद्र में देखा जा रहा है। खगोलविदों ने इसकी वजह का भी अनुमान लगया है। उनका कहना है कि ब्‍लैक होल जिन प्रेशर वेव्‍स को भेजता है, उनसे इस आकाशगंगा की गर्म गैसों में तरंगें पैदा होती हैं। यह साउंड में बदलने लगती हैं। हालांकि हम इसे सीधे कानों से नहीं सुन सकते। यह सब तकनीक के जरिए हमारे सामने आया है।  
Advertisement



यह सब मुमकिन हुआ है सोनिफिकेशन के जरिए। यह नासा की चंद्रा एक्स-रे ऑब्‍जर्वेट्री के डेटा में उन साउंड वेव्‍स को रिविजिट करती है, जिन्‍हें खोजा गया है। ऐसे में हम इस धारणा को भी गलत सकते हैं, जिसमें कहा जाता है कि अंतरिक्ष में कोई साउंड नहीं है। इस धारणा के पीछे यही दलील दी जाती है कि अंतरिक्ष में साउंड वेव्‍स को प्रसारित करने के लिए कोई मीडियम नहीं मिलता। पर पर्सियस आकाशगंगा क्‍लस्‍टर के ब्‍लैक होल से आने वाला साउंड इस बात को खारिज करता है।  
Advertisement
वैज्ञानिकों का कहना है कि आकाशगंगा क्‍लस्‍टर में काफी मात्रा में गैस होती है। यह साउंड वेव्‍स को उनका रास्‍ता तय करने के लिए जरिया बनती है। ऐसा ही कुछ पर्सियस आकाशगंगा क्‍लस्‍टर के मामले में भी है। इससे निकलने वाली साउंड वेव्‍स को तकनीक के जरिए फ‍िल्‍टर किया गया और ऐसे तैयार किया गया कि इंसान उसे सुन सके। 

नासा का कहना है कि इन साउंड वेव्‍स को उनकी ओरिजिनल फ्रीक्‍वेंसी से 144 क्वाड्रिलियन और 288 क्वाड्रिलियन गुना अधिक सुना जा रहा है। ऐसे में हम यह तो कह सकते हैं कि अंतरिक्ष में साउंड नहीं है, पर यह पूरी तरह से सच भी नहीं है। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo S70 में 64MP कैमरा के साथ मिलेगी 8000mAh बैटरी, OLED स्क्रीन!
  2. 6000mAh बैटरी वाला बजट टैबलेट Teclast T60 Mini ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 8.8 इंच डिस्प्ले
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹84 प्रति महीना में 1 साल चलेगा मोबाइल रीचार्ज, Unlimited 5G डेटा भी! Jio का सबसे सस्ता वैलिडिटी प्लान
  2. 6000mAh बैटरी वाला बजट टैबलेट Teclast T60 Mini ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 8.8 इंच डिस्प्ले
  3. Amazon Great Indian Sale 2026 में ₹15,500 से सस्ते मिल रहे Redmi, Tecno स्मार्टफोन, 7000mAh बैटरी!
  4. Oppo Reno 17 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, शुरू हुए प्री-ऑर्डर्स
  5. ₹3000 महंगे होंगे Lava स्मार्टफोन! 15 नवंबर से कीमतों में होगा बदलाव
  6. Vivo S70 में 64MP कैमरा के साथ मिलेगी 8000mAh बैटरी, OLED स्क्रीन!
  7. 32 इंच से 85 इंच तक बड़े 4K TV Xiaomi ने ग्लोबल मार्केट में किए लॉन्च
  8. ₹1500 सस्ता खरीदें Motorola का 5500mAh बैटरी वाला फोन, Flipkart सेल में ऑफर
  9. Binance में 6.3 अरब डॉलर की चोरी के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों ने मजबूत की सिक्योरिटी 
  10. Motorola Signature 27 लॉन्च से पहले हुआ लीक, मिलेगा 200MP कैमरा, 100x जूम फीचर!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.