US के फेल मून मिशन ने बढ़ाई टेंशन! पृथ्‍वी की ओर आ रहा स्‍पेसक्राफ्ट, कहां गिरेगा? जानें

US Moon Mission Update : पिछले सप्‍ताह की शुरुआत में अमेरिका ने चांद पर उतरने के लिए एक ऐतिहासिक उड़ान भरी थी। लेकिन मिशन फेल हो गया।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 15 जनवरी 2024 12:29 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिकी मून मिशन ने बदली दिशा
  • फेल होने के बाद पृथ्‍वी की ओर मुड़ा लैंडर
  • धरती के वातावरण में प्रवेश करते ही जलने की उम्‍मीद

पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश करते ही लैंडर के जलने की संभावना है।

Photo Credit: @astrobotic

US Moon Mission Update : करीब 50 साल बाद अमेरिका से कोई मून मिशन चांद पर रवाना हुआ था, लेकिन बीच रास्‍ते में आई खराबी ने मिशन को फेल कर दिया। अब पता चला है कि वह अमेरिकी मून लैंडर वापस धरती की ओर आ रहा है। अगर लैंडर किसी आबादी वाले इलाके में गिरता है, तो नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि धरती के वातावरण में प्रवेश करते ही लैंडर जल जाएगा। मिशन से जुड़ी कंपनी एस्‍ट्रोबॉटिक (Astrobotic) के हवाले से यह जानकारी आई है।  
 

क्‍या था पूरा मिशन 

पिछले सप्‍ताह की शुरुआत में अमेरिका ने चांद पर उतरने के लिए एक ऐतिहासिक उड़ान भरी थी। यूनाइटेड लॉन्‍च अलायंस (ULA) नाम के एक प्राइवेट मैन्‍युफैक्‍चरर के वल्कन सेंटौर रॉकेट की मदद से नासा (Nasa) के पेरेग्रीन 1 लूनर लैंडर (Peregrine 1 lunar lander) को ऑर्बिट में पहुंचाया गया। 50 साल बाद ऐसा हो रहा था जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अपना कोई मिशन चंद्रमा पर लैंड होने के लिए भेजा था। 
 

लॉन्चिंग के बाद आ गई थी खराबी 

मिशन के आयोजकों ने बताया था कि लॉन्‍च के कुछ घंटों बाद ही एस्ट्रोबोटिक ने एक खराबी की जानकारी देना शुरू कर दिया था। साथ ही लैंडर से लगातार ईंधन लीक हो रहा था, जिससे चांद तक लैंडर के पहुंचने की संभावना खत्‍म हो गई थी। 

अब कंपनी ने एक पोस्‍ट में कहा है कि स्‍पेसक्राफ्ट वापस पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश करते ही उसके जलने की संभावना है। वैज्ञानिकों की टीम इस स्‍पेसक्राफ्ट पर नजर बनाए हुए है। फ‍िलहाल वह पृथ्‍वी से करीब 4 लाख किलोमीटर दूर है। 
 

Nasa ने खर्च की थी मोटी रकम  

इस मिशन के लिए Nasa ने 100 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। पेरेग्रीन 1 लूनर लैंडर के जरिए नासा चांद की सतह की संरचना और लैंडिंग वाली जगह के वातावरण में रे‍डिएशन की जानकारी जुटाना चाहती थी। यह पहली बार नहीं है, जब किसी प्राइवेट कंपनी ने चांद पर उतरने की कोशिश की और वह फेल हो गई। सबसे पहले अप्रैल 2019 में इस्राइल का बेयरशीट लैंडर चांद की सतह पर दुर्घटनाग्रस्‍त हुआ था। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 11 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola Electric का लॉस हुआ कम, रेवेन्यू में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
  2. ईरान ने होर्मुज से निकलने वाले जहाजों के लिए शुरू की बिटकॉइन में पेमेंट वाली सर्विस
  3. iQOO Pad 6 Pro हुआ लॉन्च, 13,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Apple से लड़ते-लड़ते आखिर जीत गया Fortnite! 5 साल बाद App Store पर लौटा गेम
  5. 180 फीट तक बड़ी 2 चट्टानों से आज पृथ्वी को खतरा!
  6. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, 10,000mAh हो सकती है बैटरी
  7. iQOO 15T हुआ लॉन्च 200MP कैमरा, 8000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग के साथ, जानें सबकुछ
  8. B by Lenskart से कर पाएंगे वीडियो फोटो कैप्चर, जल्द आ रहे देसी स्मार्ट ग्लासेज
  9. Sony 1000X The Collexion हेडफोन हुए लॉन्च, 32 घंटे की बैटरी, प्रीमियम फीचर्स से लैस, जानें कीमत
  10. Xiaomi लेकर आया स्मार्ट Vacuum Cleaner, 100 दिन तक नहीं बदलना पड़ेगा डस्ट बैग!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.