ब्रह्मांड भी गुनगुनाता है! भारत और दुनिया के 190 वैज्ञानिकों ने 15 साल मेहनत के बाद गुरुत्वाकर्षण तरंगों को सुना

Humming gravitational waves : गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अस्तित्‍व की भविष्यवाणी महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहले ही कर दी थी।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 30 जून 2023 12:10 IST
ख़ास बातें
  • इस खोज में 7 भारतीय संस्‍थानों के वैज्ञानिक भी शामिल थे
  • लो-पिच वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों को पहली बार सुना गया
  • पुणे स्थित मेट्रोवेव रेडियो टेलीस्कोप ने भी निभाई भूमिका

माना जाता है कि गुरुत्वाकर्षण तरंगें हमारे शुरुआती ब्रह्मांड में विशालकाय ब्‍लैक होल के विलय से पैदा हुईं।

Photo Credit: Unsplash/सांकेतिक तस्‍वीर

वर्षों की मेहनत के बाद दुनियाभर के खगोलविदों की एक टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। उन्‍होंने पहली बार ब्रह्मांड में गूंजने वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों (gravitational waves) को सुना है। खास यह है कि गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अस्तित्‍व की भविष्यवाणी महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने पहले ही कर दी थी। इस खोज में 7 भारतीय संस्‍थानों के वैज्ञानिक भी शामिल थे। लो-पिच वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने के लिए दुनिया के 6 रेडियो टेलिस्‍कोप को इस्‍तेमाल किया गया। इनमें पुणे स्थित मेट्रोवेव रेडियो टेलीस्कोप (यूजीएमआरटी) भी शामिल था। 

खोज से जुड़ी जानकारी द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में इसी महीने पब्लिश हुई है। दुनियाभर के करीब 190 वैज्ञानिकों की टीम बीते 15 साल से इस खोज पर काम कर रही थी। पुणे स्थित मेट्रोवेव रेडियो टेलीस्कोप (यूजीएमआरटी) का काम, ब्रह्मांड से मिलने वाले सिग्‍नलों को जुटाना और उनकी सटीकता को बढ़ाना था, ताकि गुरुत्वाकर्षण तरंगों की पुष्टि हो सके। 

टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, माना जाता है कि गुरुत्वाकर्षण तरंगें हमारे शुरुआती ब्रह्मांड में विशालकाय ब्‍लैक होल के विलय से पैदा हुईं। इस खोज से वैज्ञानिकों को ब्‍लैक होल्‍स के विलय से जुड़े रहस्‍यों का पता लगाने में मदद मिलेगी 

रिपोर्ट के अनुसार, इस खोज की शुरुआत साल 2002 में हो गई थी। साल 2016 में इसमें इंडियन पल्‍सर टाइमिंग ऐरे (InPTA) भी जुड़ गया। इसका मकसद भी लो फ्रीक्‍वेंसी वाली नैनो हर्ट्ज गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाना है। इसके प्रयोगों में NCRA (पुणे), TIFR (मुंबई), IIT (रुड़की), IISER (भोपाल), IIT (हैदराबाद), IMSc (चेन्नई) और आरआरआई (बेंगलुरु) के साथ ही जापान की कुमामोटो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स शामिल थे। 

गुरुत्वाकर्षण तरंगों को सबसे पहले साल 1916 में अल्‍बर्ट आइंस्टीन ने प्रस्‍तावित किया था। अब जाकर इनकी लो-पिच को सुना जा सका है। गुरुत्वाकर्षण तरंगें तब पैदा होती हैं, जब ब्‍लैक होल्‍स का विलय होता है। इस खोज के बाद वैज्ञानिक ब्‍लैक होल्‍स को और गहराई से समझ पाएंगे। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung का फ्लिप स्मार्टफोन मिल रहा 50 हजार रुपये सस्ता, यहां होगी जबरदस्त बचत
  2. Vivo Y50s 5G और Y50e 5G बजट फोन 6000mAh बैटरी के साथ हुए लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung का फ्लिप स्मार्टफोन मिल रहा 50 हजार रुपये सस्ता, यहां होगी जबरदस्त बचत
  2. 160, 120 फीट बड़े एस्टरॉयड्स से पृथ्वी को खतरा आज!
  3. Simple One Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 1.40 लाख रुपये का शुरुआती प्राइस
  4. Motorola का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन कल होगा लॉन्च, दो कलर के हो सकते हैं ऑप्शन
  5. Vivo X200T में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, लीक हुआ प्राइस
  6. Realme Buds Air 8 TWS ईयरफोन्स Rs 3,799 में लॉन्च, 58 घंटे की बैटरी के साथ Hi-Res ऑडियो!
  7. CES 2026: JBL Sense Pro और Sense Lite TWS ईयरफोन्स लॉन्च, बिना कान बंद किए सुनाएंगे म्यूजिक!
  8. Samsung Galaxy S26+ के भारत में लॉन्च की तैयारी, BIS पर हुई लिस्टिंग
  9. CES 2026: Samsung Galaxy Book 6 सीरीज लैपटॉप हुए लॉन्च, 30 घंटे बैटरी बैकअप और नए Intel चिप्स
  10. CES 2026: TCL Nxtpaper 70 Pro फोन हुआ लॉन्च, एक बटन दबाने से बदलेगा डिस्प्ले एक्सपीरिएंस! जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.