600 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से धरती से अचानक टकरा गया शक्तिशाली सौर तूफान!

रिपोर्ट के अनुसार, 7 अगस्त को नासा की डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी ने सौर हवाओं को कम गति में नोटिस किया था। लेकिन जैसे जैसे ये हवाएं आगे बढ़ती गईं, इनकी स्पीड भी तेज होती गई और यह 372 मील प्रतिसेकंड (600 किलोमीटर प्रतिघंटा) तक पहुंच गई।

विज्ञापन
हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 13 अगस्त 2022 18:25 IST
ख़ास बातें
  • 7 अगस्त को उठी सौर हवाओं की स्पीड अचानक से बढ़ गई
  • G2 कैटिगरी का बताया गया है सौर तूफान
  • इस समय सूरज पर सौर तूफान जैसी घटनाओं में हो रही बढ़ोत्तरी

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, सूरज अब अपनी 11 साल की सोलर साइकिल के एक्टिव फेज में है

पिछले कुछ महीनों में पृथ्वी से कई सौर तूफान टकरा चुके हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य अपनी 11 साल की सोलर साइकिल में चल रहा है। इस दौरान सौर तूफान जैसी घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। यह वजह है कि 7 अगस्त को एक सौर तूफान पृथ्वी से टकराया, जिसके बारे में वैज्ञानिक भी भविष्यवाणी नहीं कर पाए। इसकी रफ्तार 600 किलोमीटर प्रतिसेकंड बताई गई है। 

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, सूरज अब अपनी 11 साल की सोलर साइकिल के एक्टिव फेज में है। जिसके कारण इसकी सतह पर कई तरह की प्रक्रियाएं घट रही हैं। इसी के कारण वैज्ञानिक इसकी सतह पर सन स्पॉट देख रहे हैं, जो सतह पर होने वाली प्रकिय़ा की एक निशानी होता है। सन स्पॉट सौर तूफान के बारे में भी बताते हैं। पिछले कुछ महीनों में वैज्ञानिकों ने पाया है कि सनस्पॉट का साइज पृथ्वी के साइज का 3 गुना हो गया है। इसी का नतीजा है कि पृथ्वी की ओर सौर तूफान रुख कर रहे हैं और इनकी गति बहुत अधिक तेज होती है। सालों के अध्य्य़न के बाद वैज्ञानिक सौर तूफान घटनाओं के बारे में काफी जानकारी जुटा चुके हैं, लेकिन कई बार सूर्य हमें चकित कर देता है, जैसा कि बीते 7 अगस्त को हुआ। 

Spaceweather की रिपोर्ट के अनुसार, 7 अगस्त को नासा की डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी ने सौर हवाओं को कम गति में नोटिस किया था। लेकिन जैसे जैसे ये हवाएं आगे बढ़ती गईं, इनकी स्पीड भी तेज होती गई और यह 372 मील प्रतिसेकंड (600 किलोमीटर प्रतिघंटा) तक पहुंच गई। इसके कारण एक तेज जियोमेग्नेटिक आंधी पैदा हुई। नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर (SWPC) इन जियो मेग्नेटिक आंधियों को G1 से G5 के बीच वर्गीकृत करता है। G1 सबसे कमजोर सौर आंधी होती है और G5 सबसे शक्तिशाली सौर आंधी होती है। 7 अगस्त को जो सौर आंधी आई, वह G2 कैटिगरी की बताई गई है। 

वैज्ञानिक सूर्य की सतह को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और सोलर हवाओं के बारे में उनकी जानकारी काफी बढ़ चुकी है। वैज्ञानिक अब बता सकते हैं कि धरती की ओर कोई सौर तूफान कब आ सकता है। अपने डेटा के  आधार पर वैज्ञानिक इन सौर तूफानों की शक्ति के बारे में अनुमान लगा लेते हैं। इनमें ऊर्जा से भरे कणों का भंडार होता है जो सूरज द्वारा छोड़े जाते हैं। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Solar Storms, solar winds, solar wind 7 august

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. स्टूडेंट्स Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज सस्ते में लेने का मौका
  2. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
#ताज़ा ख़बरें
  1. देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
  2. फीचर फोन से लेकर स्मार्ट TV तक बेचने वाली वाली Cellecor का रेवेन्यू को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का टारगेट 
  3. नई Maruti कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगस्त से पहले कर लें बुकिंग, बढ़ने वाली हैं कीमतें
  4. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  5. CP PLUS ने लॉन्च किए नए 4G Dashcams, GPS और डुअल कैमरा के साथ कीमत ₹7,599 से शुरू
  6. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  7. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  8. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
  9. स्टूडेंट्स Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज सस्ते में लेने का मौका
  10. Redmi Watch 6 Active, Watch 6 Lite की कीमत और स्पेसिफिकेशंस लॉन्च से पहले लीक!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.