आर्कटिक में खोज कर रहे वैज्ञानिकों को मिला ‘टाइम बॉम्‍ब’, नहीं पता कब फटेगा, जानें इसके बारे में

जिस जगह मीथेन का भंडार मिला है, वह नॉर्वेजियन द्वीपसमूह ‘स्वालबार्ड’ (Svalbard) का हिस्‍सा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 15 दिसंबर 2023 18:22 IST
ख़ास बातें
  • आर्कटिक में मिला मीथेन का विशाल भंडार
  • ऐसे कई और भंडार हो सकते हैं
  • मीथेन एक ग्रीन हाउस गैस है, जो पृथ्‍वी के लिए जरूरी नहीं

बड़ी मात्रा में अगर मीथेन गैस का भंडार हमारे वायुमंडल में रिलीज हुआ, तो उसका क्‍या असर होगा, वैज्ञानिक भी नहीं जानते। (सांकेतिक तस्‍वीर।)

बढ़ता वैश्‍विक तापमान अलग-अलग तरीकों से हमें प्रभावित कर रहा है। सबसे ज्‍यादा असर आर्कटिक क्षेत्र में हुआ है, जहां मौजूद बर्फ तेजी से पिघल रही है। आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट जोकि पृथ्‍वी की सतह या उसके नीचे एक जमी हुई लेयर होती है, वह भी चपेट में आई है। इसके पिघलने से एक छुपा हुआ खतरा सामने आ गया है! एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार यह छुपा हुआ खतरा है मीथेन गैस के विशाल भंडार का, जोकि एक ग्रीनहाउस गैस है। बड़ी मात्रा में अगर मीथेन गैस का भंडार हमारे वायुमंडल में रिलीज हुआ, तो उसका क्‍या असर होगा, वैज्ञानिक भी नहीं जानते। यही वजह है कि उनकी चिंता बढ़ गई है।  

रिपोर्ट कहती है कि यह आर्कटिक की जमीन पर टिक-टिक करता एक टाइम बॉम्‍ब है। इसके क्‍या नुकसान हो सकते हैं, वैज्ञानिक यह समझना चाह रहे हैं। आर्कटिक महासागर में खोज के दौरान वैज्ञानिकों को सतह के करीब एक गहरे मीथेन भंडार का पता चला, जो पृथ्‍वी के लिए शुभ संकेत नहीं है। 

जिस जगह मीथेन का भंडार मिला है, वह नॉर्वेजियन द्वीपसमूह ‘स्वालबार्ड' (Svalbard) का हिस्‍सा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जगह का जियोलॉजिकल और ग्‍लेशियर इतिहास आर्कटिक के बाकी हिस्‍सों की तरह ही है। इसका मतबल है कि मीथेन का ऐसा भंडार आर्कटिक में बाकी जगहों पर भी हो सकता है। 

इस स्‍टडी से जुड़े और स्वालबार्ड में यूनिवर्सिटी सेंटर के डॉ. थॉमस बिरचेल का कहना है कि मीथेन एक पावरफुल  ग्रीनहाउस गैस है। मौजूदा वक्‍त में पर्माफ्रॉस्ट के नीचे से रिसाव कम है, लेकिन जैसे-जैसे ग्‍लेशियर पीछे खिसकेंगे और पर्माफ्रॉस्‍ट बढ़ेगा, हमें और ज्‍यादा जानकारी मिलेगी। 

वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी ने वैज्ञानिकों को परेशानी में डाला हुआ है। तमाम रिसर्च में यह सामने आया है कि अंटार्कटिका की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे दुनियाभर में समुद्र का स्‍तर बढ़ सकता है। रिसर्च यह भी कहती हैं कि समुद्र के स्‍तर में बढ़ाेतरी होने से उन शहरों को खतरा होगा, जो तटों के पास बसे हुए हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Flipkart Sale में आधे दाम पर Acer Gaming Laptop! RTX 3050, Intel i5 और 16GB RAM
  2. Google Pixel 11 Pro Fold vs Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra vs Motorola Razr Fold: जानें कौन सा है बेस्ट?
  3. Realme 16x 5G की आज से सेल शुरू, 7000mAh बैटरी वाले फोन पर पाएं लिमिटेड पीरियड डिस्काउंट
  4. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL जल्द लॉन्च कर सकती है 5G नेटवर्क, 2 लाख 4G साइट्स इंस्टॉल करने की भी तैयारी
  2. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में गिरावट, चाइनीज ब्रांड्स को लगा बड़ा झटका
  3. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  4. BSNL मात्र ₹2399 में दे रहा 365 दिनों की वैधता के साथ डेली 2GB डाटा, अनलिमिटेड कॉल, Airtel-Jio को कड़ी टक्कर
  5. Flipkart Freedom Sale: Nothing Phone 4b पर आया तगड़ा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
  6. Honor Magic 9 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  7. LPG गैस पर सब्सिडी पाने के लिए PMUY के लिए ऐसे करें अप्लाई
  8. iPhone 18 Pro का इंतजार? मिलेंगे तीन सबसे बड़े कैमरा अपग्रेड!
  9. Tecno Pova 8 Pro 5G के बैक पैनल पर मिलेगा सेकेंडरी डिस्प्ले, अगले सप्ताह भारत में लॉन्च
  10. Flipkart Freedom Sale: 65 इंच स्मार्ट टीवी पर मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट, कीमत ₹36 हजार से शुरू
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.