• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • वैज्ञानिकों ने खोजा आलू के आकार का ग्रह, 22 घंटे में कर लेता है अपने सूर्य की परिक्रमा

वैज्ञानिकों ने खोजा आलू के आकार का ग्रह, 22 घंटे में कर लेता है अपने सूर्य की परिक्रमा

ग्रह अपने तारे के नजदीक होने की वजह से आलू के आकार का है।

वैज्ञानिकों ने खोजा आलू के आकार का ग्रह, 22 घंटे में कर लेता है अपने सूर्य की परिक्रमा

Photo Credit: ESA

रिसर्चर्स ने WASP-103b का पता लगाने के लिए यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी के CHEOPS सैटेलाइट का इस्तेमाल किया।

ख़ास बातें
  • खगोलविदों का कहना है कि WASP-103b एक F-प्रकार के तारे के चारों ओर है
  • यह तारा हमारे सूर्य से बड़ा है
  • ग्रह अपने तारे के नजदीक होने की वजह से आलू के आकार का है
विज्ञापन
अब तक हम यही पढ़ते आए हैं कि ग्रह गोलाकार होते हैं। जिन ग्रहों के बारे में हम जानते हैं, वो सभी गोलाकार हैं। बृहस्‍पति ग्रह, जिसके चारों ओर कई रिंग्‍स हैं, वह भी एक ग्लोब की तरह दिखाई देता है। लेकिन क्या हमारे सौर मंडल के बाहर के ग्रहों समेत सभी ग्रहों का आकार गोलाकार है? एक नए रिसर्च पेपर के अनुसार, ऐसा नहीं है। कुछ ग्रह आलू की तरह भी दिखाई दे सकते हैं। रिसर्चर्स ने WASP-103b नाम के एक ग्रह की खोज की है, जो पृथ्वी से लगभग 1,500 प्रकाश वर्ष दूर है। इसके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका आकार आलू या रग्बी बॉल जैसा है।

लेकिन यह ग्रह अजीब आकार का क्‍यों है? खगोलविदों का कहना है कि WASP-103b एक F-प्रकार के तारे के चारों ओर स्थित है। यह तारा हमारे सूर्य से बड़ा है। यह ग्रह भी बड़ा है। बृहस्पति से भी डेढ़ गुना है। ग्रह अपने तारे के नजदीक होने की वजह से आलू के आकार का है। 

एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि WASP-103b अपने घरेलू तारे से सिर्फ 20,000 मील की दूरी पर स्थित है। इसकी तुलना में पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी लगभग 93 मिलियन मील है।

पृथ्वी को सूर्य और सौर मंडल के अन्य ग्रहों की परिक्रमा करने में एक साल का समय लगता है। इसके मुकाबले कुछ एक्सोप्लैनेट हैं, जिन्हें ‘हॉट जुपिटर' के रूप में जाना जाता है। यह कुछ दिनों और घंटों में अपने सूर्य की परिक्रमा कर लेते हैं। WASP-103b भी सिर्फ 22 घंटे में अपने सूर्य की परिक्रमा कर लेता है। 

रिसर्चर्स ने WASP-103b का पता लगाने के लिए यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी के CHEOPS सैटेलाइट का इस्तेमाल किया। ग्रह के आकार के बारे में निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए नासा के हबल और स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप से मिले डेटा पर भरोसा किया।

गौरतलब है कि पृथ्‍वी के अलावा बाकी ग्रहों पर जीवन की संभावना ने लंबे समय से वैज्ञानिकों का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है। तमाम रहस्‍यों को सामने लाने के लिए वैज्ञानिकों ने चंद्रमा से लेकर मंगल ग्रह तक कई मिशन शुरू किए हैं। शुक्र ग्रह ने भी वैज्ञानिकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। शुक्र का वातावरण कार्बन डाइऑक्साइड से भरा हुआ है। इसकी सतह इतनी गर्म है कि सीसा lead भी पिघल जाएगा। यह साबित करता है कि इस ग्रह पर जिंदगी का बच पाना नामुमकिन है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ The resident bot. If you email me, a human will respond. और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  2. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  3. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  4. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  5. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  6. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  7. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
  8. Hyundai Insteroid: गेमर्स के लिए सपनों की कार से कम नहीं है हुंडई का नया कॉन्सेप्ट
  9. Motorola Edge 60 Fusion vs Nothing Phone 2a Plus: 25 हजार में कौन है बेस्ट
  10. OnePlus 13T ने AnTuTu पर किया धांसू स्कोर, 16GB RAM और Snapdragon 8 Elite के साथ देगा दस्तक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »