एलियंस का पता लगाने के लिए Nasa बना रही तैरने वाले रोबोट, इस मिशन पर भेजे जाएंगे

इस इनोवेटिव आइडिया के पीछे नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी के इंजीनियर एथन शालर का द‍िमाग है।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 4 जुलाई 2022 17:24 IST
ख़ास बातें
  • बर्फ के नीचे मौजूद संभावित जीवन का पता लगाएंगे रोबोट
  • बृहस्‍पति और शनि ग्रह के चंद्रमा पर भेजे जाएंगे रोबोट
  • साल 2024 तक इस मिशन को लॉन्‍च किया जा सकता है

मिनी रोबोट दूसरे कॉन्‍सेप्‍ट की तुलना में बहुत छोटे होंगे। इनकी खूबी यह होगी कि एक ही प्रोब में कई रोबोट को पैक किया जा सकेगा।

एलियंस का वजूद है या नहीं, यह बहस वर्षों से कायम है। वैज्ञानिक भी अपनी खोजों में लगे हुए हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) 'सेलफोन के आकार के रोबोट' के झुंड का निर्माण कर रही है। माना जा रहा है कि ये रोबोट बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा और शनि के चंद्रमा एन्सेलेडस पर मोटी बर्फीली परत के नीचे पानी में एलियंस की मौजूदगी की तलाश करने में काबिल होंगे। कहा जाता है कि इन छोटे रोबोट्स को बर्फ पिघलाने में सक्षम एक प्रोब के अंदर फि‍ट किया जाएगा। प्रोब बर्फ को काटकर अपने लिए रास्‍ता बनाएगा। इसके बाद रोबोट्स को पानी में छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद रोबोट तैरकर वहां एलियंस लाइफ को टटोलेंगे। इस इनोवेटिव आइडिया के पीछे नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी के इंजीनियर एथन शालर का द‍िमाग है।

सेंसिंग विद इंडिपेंडेंट माइक्रो-स्विमर्स (SWIM) नाम के इस कॉन्‍सेप्‍ट को हाल ही में 600,000 डॉलर की फंडिंग मिली है। शालर और उनकी टीम को अगले दो साल में इस कॉन्‍सेप्‍ट का 3D-प्रिंटेड प्रोटोटाइप तैयार और टेस्‍ट करना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक एथन शालर के मिनी रोबोट दूसरे कॉन्‍सेप्‍ट की तुलना में बहुत छोटे होंगे। इनकी खूबी यह होगी कि एक ही प्रोब में कई रोबोट को पैक किया जा सकेगा। अगर यह प्रोजेक्‍ट सफल होता है कि पृथ्‍वी से लाखों मील दूर हमारे साथी ग्रहों के उपग्रहों में जीवन की संभावना को तलाशा जा सकेगा और यह काम काफी तेजी से होगा। 

जिस रोबोट की कल्‍पना अभी की गई है, उनमें से हरेक लगभग 12 सेंटीमीटर लंबा होगा। हरेक रोबोट का अपना प्रोपल्‍शन सिस्‍टम, ऑनबोर्ड कंप्यूटर और अल्ट्रासाउंड कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम होंगे। इसके अलावा तापमान, एसिडिटी और प्रेशर नापने वाले सेंसर भी लगे होंगे। स्‍टडी के दूसरे फेज में बायोमार्कर को मॉनिटर करने के लिए केमिकल सेंसर भी जोड़े जाएंगे।
Advertisement

नासा का यूरोपा क्लिपर मिशन साल 2024 में लॉन्च करने की योजना है। बृहस्‍पति के इस उपग्रह की जांच के लिए वैज्ञानिक तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि तैरने वाले रोबोट कब तक लॉन्‍च किए जाएंगे। एक अनुमान यह भी है कि इसी मिशन के साथ इन रोबोट्स को भी लॉन्‍च किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मिशन से जुड़ीं कई और जानकारियां सामने आने की उम्‍मीद है। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola Edge 70 Neo भारत में लॉन्च होगा Snapdragon चिप, 6GB रैम के साथ, IP68, IP69 रेटिंग!
  2. 85km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक बाइक Trek Inbound+ लॉन्च, जानें कीमत
  3. ₹8 हजार सस्ता मिल रहा 64MP कैमरा वाला Vivo 5G फोन! आई जबरदस्त डील
  4. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग 
#ताज़ा ख़बरें
  1. टेक्नोलॉजी में गुजरात की तेज रफ्तार, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर का हब बनने की तैयारी
  2. 85km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक बाइक Trek Inbound+ लॉन्च, जानें कीमत
  3. Motorola Edge 70 Neo भारत में लॉन्च होगा Snapdragon चिप, 6GB रैम के साथ, IP68, IP69 रेटिंग!
  4. UPI Tap & Pay: अब UPI में बिना PIN, बिना QR कोड, बिना इंटरनेट होगी पेमेंट! आए धांसू फीचर्स
  5. ₹65 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro, Croma पर आई जबरदस्त डील!
  6. AI की मदद से बनी दवा आपको रखेगी जवान! कंपनी ने किया क्लीनिकल ट्रायल
  7. ₹8 हजार सस्ता मिल रहा 64MP कैमरा वाला Vivo 5G फोन! आई जबरदस्त डील
  8. Zomato से खाना मंगवाना अब और महंगा, ₹30 तक लग रहा CoD चार्ज! जानें बचने का तरीका
  9. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Geekbench पर हुई लिस्टिंग 
  10. Mission School Of Excellence: टेक्नोलॉजी ने गुजरात में स्कूलों को बनाया हाईटेक, 1.9 लाख स्मार्ट क्लासरूम से शिक्षा को नई ऊंचाई
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.