मंगल ग्रह से टकराए 4 उल्‍कापिंड तो आई ऐसी आवाज, Nasa के इनसाइट लैंडर ने लगाया पता

जो चार अंतर‍िक्ष चट्टानें मंगल ग्रह से टकराईं थीं, वो उल्‍कापिंड थे।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 20 सितंबर 2022 19:50 IST
ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष चट्टानों से इम्‍पैक्‍ट साउंड (impact sounds) का पता लगाया है
  • साल 2020 और 2021 में मंगल ग्रह पर दुर्घटनाग्रस्त हुए थे उल्‍कापिंड
  • पहली बार भूकंपीय और ध्वनिक तरंगों का पता चला है

मंगल ग्रह के impact sounds से जुड़ा पेपर नेचर जियोसाइंस में पब्लिश हुआ है। इसमें मंगल ग्रह के जिस क्षेत्र की बात हुई है, उसे एलीसियम प्लैनिटिया कहा जाता है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के इनसाइट लैंडर ने साल 2020 और 2021 में मंगल ग्रह पर दुर्घटनाग्रस्त हुई 4 अंतरिक्ष चट्टानों से इम्‍पैक्‍ट साउंड (impact sounds) का पता लगाया है। इनसाइट लैंडर के डेटा में लाल ग्रह की सतह से टकराने वाले चार अलग-अलग उल्काओं के कंपन और आवाजें हैं। यह किसी अन्‍य ग्रह पर पहली ऐसी रिकॉर्डिंग है और ऐसा पहली बार है जब मंगल ग्रह पर किसी प्रभाव की वजह से भूकंपीय और ध्वनिक तरंगों का पता चला है।

इससे जुड़ा पेपर नेचर जियोसाइंस में पब्लिश हुआ है। इसमें मंगल ग्रह के जिस क्षेत्र की बात हुई है, उसे एलीसियम प्लैनिटिया कहा जाता है। जो चार अंतर‍िक्ष चट्टानें मंगल ग्रह से टकराईं थीं, वो उल्‍कापिंड थे। इनमें से एक उल्‍कापिंड 5 सितंबर 2021 को मंगल ग्रह के वायुमंडल में दाखिल हुआ था। मंगल के वायुमंडल में आते ही यह कम से कम तीन टुकड़ों में फट गया। जिनमें से हरेक ने एक गड्ढा बना दिया। 

उल्‍काप‍िंड कहां गिरा था, उस लोकेशन को कन्‍फर्म करने के लिए नासा के मार्स रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (Mars Reconnaissance Orbiter) ने उड़ान भरी। लोकेशन का पता लगने के बाद ऑर्बिटर की टीम ने गड्ढों की क्लोज-अप कलर इमेज हासिल करने के लिए हाई-रेजॉलूशन इमेजिंग साइंस एक्सपेरिमेंट कैमरा (HiRISE) को इस्‍तेमाल किया। 

पेपर के सह-लेखक और ब्राउन यूनिवर्सिटी के इंग्रिड डबर ने कहा कि सभी गड्ढे सुंदर लग रहे थे। पूर्व के आंकड़ों को खंगालने के बाद वैज्ञानिकों ने कन्‍फर्म किया कि 27 मई 2020, 18 फरवरी 2021 और 31 अगस्त 2021 को भी तीन और ऐसे प्रभाव हुए थे।
Advertisement

इनसाइट के सीस्मोमीटर ने अबतक मंगल ग्रह पर 1,300 से ज्‍यादा मार्सक्वेक (कंपन) का पता लगाया है। फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी का यह उपकरण इतना संवेदनशील है कि यह हजारों मील दूर से भूकंपीय तरंगों का पता लगा सकता है। हालांकि 5 सितंबर 2021 की घटना पहला मामला है, जिसमें  भूकंपीय और ध्वनिक तरंगों का पता चला है। 
Advertisement

मंगल ग्रह से टकराने वाले उल्कापिंड की आवाज को नासा के इनसाइट लैंडर द्वारा दर्ज किए गए डेटा से तैयार किया गया है और मंगल के अजीबोगरीब वायुमंडलीय प्रभाव के कारण यह ‘ब्लूप' की तरह सुनाई देती है। जिन 4 उल्‍कापिंडों की पुष्टि अबतक की गई है, उनकी वजह से मंगल ग्रह पर 2.0 से अधिक की तीव्रता वाले छोटे भूकंप आए। इन इम्‍पैक्‍ट्स साउंड का इस्‍तेमाल मंगल ग्रह को समझने में किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्रह की सतह की उम्र का पता लगाने के लिए इम्‍पैक्‍ट रेट को जानना काफी जरूरी है।  
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. 5G सिग्नल रोक रहा है आपके किचन में यूज होने वाला Aluminium Foil? जानें इसके पीछे की कहानी
  2. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
  3. ChatGPT आपका दिमाग 'खराब' कर देगा! रिसर्च में हुआ गंभीर खुलासा
  4. Upcoming Smartphones: 10,000mAh बैटरी के साथ Vivo, Oppo, Xiaomi के ये अपकमिंग स्मार्टफोन मचाएंगे तहलका!
  5. 11 हजार सस्ता खरीदें Vivo का खूबसूरत फोन, 6500mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा
  6. Tesla ने  रिकॉल किए 29 लाख EVs, सेफ्टी का है कारण 
  7. BMW लाई भारत में सस्ती लग्जरी कार X1 LWB, कीमत ₹49.90 लाख से शुरू, जानें फीचर्स
  8. Apple Jobs Cuts: 200 लोगों की Apple से छुट्टी, Siri, Vision Pro और सॉफ्टवेयर टीम से छंटनी
  9. Honor Pad X10 Pro Max टैबलेट हुआ लॉन्च, 10,100 mAh बैटरी, फ्रंट में हैं दो कैमरा!
  10. मोबाइल मार्केट में 'मेक इन इंडिया' की धूम! 99% से ज्यादा मोबाइल फोन भारत खुद बना रहा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.