26 सितंबर को अंतरिक्ष में होगी बड़ी टक्‍कर, क्‍या करने वाले हैं वैज्ञानिक? जानें पूरा मामला

डिमोर्फोस से पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया जा रहा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 सितंबर 2022 17:17 IST
ख़ास बातें
  • DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त होगा
  • इसके लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है
  • डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड सैटेलाइट है, जिसे 2003 में खोजा गया है

नासा काफी मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंची है। शुरुआत में वैज्ञानिक इस बात को लेकर अनिश्‍चित थे कि क्‍या वह इस मिशन में डिमोर्फोस को कभी ढूंढ भी पाएंगे।

हम रोजाना ऐसी खबरों से रू-ब-रू होते हैं कि कोई एस्‍टरॉयड, पृथ्‍वी के करीब से गुजरने वाला है। जो भी एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी के नजदीक से गुजरता है, उसके हमारे ग्रह से टकराने की संभावना होती है। भविष्‍य में ऐसी किसी भी मुसीबत से बचने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) इस महीने एक बड़ा परीक्षण करने जा रही है। लगभग 9 महीने तक अंतरिक्ष के वैक्‍यूम में यात्रा करने के बाद ‘डबल एस्‍टरॉयड रीडायरेक्‍शन टेस्‍ट' (DART) मिशन अपना असर दिखाने के लिए तैयार है। नासा का यह स्‍पेसक्राफ्ट एक ऐसी तकनीक की टेस्टिंग करने के मिशन पर निकला है, जिसका इस्‍तेमाल भविष्य में पृथ्वी की ओर आने वाले एस्‍टरॉयड को विक्षेपित करने के लिए किया जा सकता है, यानी उसकी दिशा को बदला जा सकता है। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, 26 सितंबर को DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड सैटेलाइट है जिसे साल 2003 में खोजा गया था। यह एस्‍टरॉयड डिडिमोस का एक चंद्रमा है। डिमोर्फोस से पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया जा रहा है। इसके तहत स्‍पेसक्राफ्ट को एस्‍टरॉयड से टकराकर एस्‍टरॉयड को विक्षेपित किया जाएगा, ताकि पृथ्‍वी को सुरक्षित किया जा सके। 

नासा काफी मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंची है। शुरुआत में वैज्ञानिक इस बात को लेकर अनिश्‍चित थे कि क्‍या वह इस मिशन में डिमोर्फोस को कभी ढूंढ भी पाएंगे। लेकिन DART स्‍पेसक्राफ्ट में लगाए गए कैमरे और नेविगेशन तकनीक से इस एस्‍टरॉयड को खोज लिया गया। स्‍पेसक्राफ्ट ने अब अपनी मंज‍िल को देख लिया है। नासा ने 26 सितंबर को एस्‍टरॉयड से जानबूझकर टक्‍कर करने का फैसला किया है। इससे पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं होगा। मिशन का मकसद दुनिया की पहली गतिज प्रभाव तकनीक का परीक्षण करना है।

इस एस्‍टरॉयड को खोजने के लिए जुलाई में स्‍पेसक्राफ्ट ने डिडिमोस रीकानिसन्स और एस्‍टरॉयड कैमरा फॉर ऑप्टिकल नेविगेशन (DRACO) का इस्तेमाल किया। इसने 243 इमेज खींचकर एस्‍टरॉयड की लोकेशन का पता लगाने में मदद की। उस समय स्‍पेसक्राफ्ट, डिडिमोस सिस्‍टम से 20 मिलियन मील दूर था। यह एक टेस्‍ट सफल होता है, तो भविष्‍य के लिए वैज्ञानिकों को एक नई तकनीक मिल जाएगी और किसी एस्‍टरॉयड से पृथ्‍वी को खतरा होने की स्थिति में उस तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme Narzo 100 Lite 5G भारत में लॉन्च होगा 14 अप्रैल को, 7000mAh बैटरी के साथ धांसू फीचर्स, जानें सबकुछ
#ताज़ा ख़बरें
  1. स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में Apple का पहला स्थान, iPhone 17 सीरीज की मजबूत डिमांड
  2. 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटा स्पीड से आ रहा 100 फीट का एस्टरॉयड!
  3. XChat Launch: एलन मस्क के X का नया चैट ऐप XChat होने जा रहा 17 अप्रैल को लॉन्च, जानें फीचर्स
  4. कान में फट गए ईयरबड्स! MBBS स्टूडेंट का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल
  5. OnePlus Ace 6 Ultra लॉन्च को लेकर बड़ा खुलासा, 8500mAh बैटरी, 50MP कैमरा से होगा लैस!
  6. लौट आए बीते दिन! इस कंपनी ने लॉन्च किया 80-90 के दशक का कैसेट रिकॉर्डर!
  7. Realme Narzo 100 Lite 5G भारत में लॉन्च होगा 14 अप्रैल को, 7000mAh बैटरी के साथ धांसू फीचर्स, जानें सबकुछ
  8. 21 हजार सस्ता खरीदें Realme का 50MP तीन कैमरा, 5500mAh बैटरी वाला फोन, Flipkart पर धमाका डील
  9. होर्मूज से ऑयल टैंकरों को निकलने की इजाजत के लिए क्रिप्टोकरेंसी में फीस लेगा ईरान!
  10. Poco M8s के जल्द लॉन्च की तैयारी, NBTC पर हुई लिस्टिंग
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.