धरती से 681 मिलियन लाइट ईयर्स दूर हो रहे अद्भुत नजारे की हबल टेलीस्कोप ने खींची तस्वीर

इन्‍हें LEDA 25476, Mrk 1224 या UGC 4756 के रूप में भी जाना जाता है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 21 फरवरी 2022 16:13 IST
ख़ास बातें
  • यह इमेज ‘गैलेक्‍सी जू सिटिजन साइंस इनिशिएटिव’ का हिस्‍सा है
  • प्रोजेक्‍ट के तहत 10 लाख आकाशगंगाओं को क्‍लासिफाई किया जाना है
  • हबल टेलीस्‍कोप को अप्रैल 1990 में स्‍पेस में लॉन्‍च किया गया था

IC 2431 की खोज 24 फरवरी 1896 को फ्रांसीसी खगोलशास्त्री स्टीफन जेवेल ने की थी।

Photo Credit: ESA/Hubble/NASA

हबल (Hubble) स्पेस टेलीस्कोप पिछले तीन दशकों से अधिक समय से ब्रह्मांड की रहस्‍यमयी घटनाओं को देख रहा है। यह नासा (NASA) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) का जॉइंट प्रोजेक्‍ट है। हाल ही में इसने पृथ्वी से लगभग 681 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर कैन्‍सर तारामंडल (Cancer constellation) में तीन आकाशगंगाओं के विलय की आश्चर्यजनक तस्‍वीर को कैप्‍चर किया है। धूल के घने बादलों की वजह से यह तस्‍वीर उतनी साफ दिखाई नहीं देती, लेकिन आकाशगंगा की रोशनी इसके बाहरी छोरों को चीरती हुई नजर आती है। 

अपने इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट में ESA ने बताया कि इस इमेज में आकाशगंगा ‘IC 2431' का विलय दिखाई दे रहा है। IC 2431 तीन आकाशगंगाएं हैं। इन्‍हें LEDA 25476, Mrk 1224 या UGC 4756 के रूप में भी जाना जाता है। IC 2431 की खोज 24 फरवरी 1896 को फ्रांसीसी खगोलशास्त्री स्टीफन जेवेल ने की थी।ESA के मुताबिक, यह इमेज ‘गैलेक्‍सी जू सिटिजन साइंस इनिशिएटिव' का हिस्‍सा है। 

 
गैलेक्‍सी जू प्रोजेक्‍ट के तहत 10 लाख आकाशगंगाओं को क्‍लासिफाई करने में खगोलशास्त्रियों की मदद चाहिए। जो लोग इसमें भाग लेते हैं, वो सीधे साइंटिफ‍िक रिसर्च में योगदान कर सकते हैं, साथ ही ब्रह्मांड की इन अनोखी और  विविधता से भरी आकाशगंगाओं को देखने का मौका भी हासिल कर सकते हैं। प्रोजेक्‍ट के तहत सभी वॉलंटियर हबल स्‍पेस टेलीस्‍कोप के जरिए अब तक खोजी गई कुछ अनोखी आकाशगंगाओं की जांच करते हैं।  

हबल टेलीस्‍कोप को अप्रैल 1990 में स्‍पेस में लॉन्‍च किया गया था। तब से इसने डीप स्‍पेस की कई बेहतरीन तस्‍वीरें कैद की हैं। बहुत जल्‍द इस टेलीस्‍कोप की जगह ‘जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप' (James Webb Telescope)  ले लेगा। पिछले साल 25 दिसंबर को नासा ने इसे लॉन्‍च किया है। अभी यह अंतर‍िक्ष में अपने उपरकणों को सेट कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप अपना काम शुरू कर देगा। 
Advertisement

इसकी इमेजेस, हबल टेलीस्कोप द्वारा ली गईं तस्‍वीरों से अलग होने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि जेम्‍स वेब चीजों को बड़े पैमाने पर इन्फ्रारेड में देखेगा। इसके मुकाबले हबल टेलीस्‍कोप विजिबल लाइट के साथ विभिन्न इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य (wavelengths) का इस्‍तेमाल करता है।

बहरहाल, जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप अंतरिक्ष में कुछ अहम चरणों से गुजर रहा है। अगले 5 महीनों में इस टेलीस्‍कोप को कई प्रोसेस पूरे करने हैं। उसके बाद यह पूरी तरह से काम शुरू कर देगा। यह प्रोसेस इसलिए लंबा है, क्योंकि जेम्स वेब टेलीस्कोप एक बड़ी ऑब्‍जर्वेटरी है।
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 18 Pro Max में मिलेगा अबतक का सबसे धांसू कैमरा! डमी फोटो लीक
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 17 खरीदें Rs 13 हजार से ज्यादा सस्ता, अबतक का सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  2. iPhone 18 Pro Max में मिलेगा अबतक का सबसे धांसू कैमरा! डमी फोटो लीक
  3. Apple ने मांगी Samsung से मदद, 20वीं एनिवर्सरी के लिए बनवा रही खास iPhone 20 डिस्प्ले!
  4. Redmi लॉन्च कर सकती है 10,000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग वाले तीन नए स्मार्टफोन!
  5. 30W पावर आउटपुट के साथ Tempt Enigma स्पीकर भारत में लॉन्च, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  6. 7000mAh की बड़ी बैटरी वाला Realme फोन Rs 7 हजार सस्ता खरीदें! जबरदस्त डिस्काउंट ऑफर
  7. Mercedes ने भारत में लॉन्च की CLA EV, 700 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  8. Honor 600e में मिल सकता है MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार
  10. Vivo X500 सीरीज के स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा, 144Hz डिस्प्ले के साथ मिलेगा अल्ट्रासॉनिक स्कैनर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.