सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें

चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक है

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 21 फरवरी 2026 14:30 IST
ख़ास बातें
  • चंद्रमा के अंधेरे मैदानों पर दिखी हैं लकीरें
  • चंद्रमा की सतह अभी भी सिकुड़ रही है- वैज्ञानिक
  • चंद्रमा की सतह के ये फीचर्स एक कॉमन टेक्टॉनिक उत्पत्ति को साझा करते हैं।

चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक पाई गई है

पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा अपने सबसे सुंदर रूप में नजर आता है। नीले ग्रह का यह उपग्रह सौरमंडल के सबसे खूबसूरत खगोलीय पिंडों में शामिल है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इस खूबसूरत उपग्रह में दरारें पड़ने की बात कही है। चंद्रमा की सतह में तेज हलचल पाई गई है और यहां पर भूकंपों की जबरदस्त संभावना है, जो भविष्य के चंद मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक है और जितना सोचा गया था, उससे कहीं अधिक बड़े पैमाने पर फैली हुई है। 

स्मिथसोनियन प्लेनेटरी साइंस टीम ने पहली बार ग्लोबल लेवल पर छोटे चंद्र टीलों का मानचित्र तैयार किया है। टीम ने पाया है कि इसकी टेक्टॉनिक गतिविधि कहीं ज्यादा ताजा और बड़े क्षेत्र में फैली है। Planetary Science Journal में प्रकाशित पेपर के अनुसार, चंद्रमा पर दिख रही छोटी लकीरें, जो घोड़े के पैरों के निशान जैसी हैं, चंद्रमा के अंधेरे मैदानों पर एक प्रकार की ढालें हैं जो असल में हाल ही में बनी हैं। यह बताता है कि चंद्रमा की सतह अभी भी सिकुड़ रही है। इसकी वजह से यहां भूकंप आ रहे हैं और यह भविष्य के महत्वाकांक्षी चंद्र मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। 

वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर 1,114 नई लकीरें खोजी हैं। ये पहले मौजूद नहीं थीं। यानी अभी भी इसकी सतह पर टेक्टॉनिक गतिविधि लगातार हो रही है। अब इन लकीरों की संख्या कुल मिलाकर 2,634 हो गई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि ये लकीरें उन्हीं संपीडन बलों (compressional forces) से बनी हैं जिनसे चंद्रमा के लोबेट स्कार्प बने थे। यह दर्शाता है कि चंद्रमा की सतह के ये फीचर्स एक कॉमन टेक्टॉनिक उत्पत्ति को साझा करते हैं। 

सीधा निष्कर्ष यह निकाला गया है कि चंद्रमा पर आने वाले भूकंप एक बड़े एरिया में फैले हो सकते हैं जिसका अंदाजा अभी तक नहीं लगाया गया था। यह आने वाले मिशनों के लिए बड़ी बाधा पैदा कर सकते हैं। NASA का Artemis मिशन भी इसमें शामिल है। स्टडी के प्रमुख लेखक Cole Nypaver ने कहा कि नासा को इस खोज से लाभ लेना चाहिए। चंद्रमा टेक्टॉनिक्स का ज्ञान इन मिशनों की सफलता की कुंजी बन सकता है।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Haier ने भारत में नए हैवी ड्यूटी Desert Rose AC किए लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  2. iPhone 17 Pro Max खरीदें 47 हजार तक सस्ता! Apple की 50वीं वर्षगांठ पर धमाका ऑफर
  3. Zepto बेच रहा 24 हजार रुपये सस्ता iPhone 17 Pro Max, सबसे तगड़ा डिस्काउंट
  4. Vivo T5 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 9,020mAh की बैटरी 
  5. महंगे हो रहे स्मार्टफोन! Xiaomi ने बताई असली वजह
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon Securefest Sale: Rs 1899 से मिल रहे बेस्ट होम सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम डील्स!
  2. Haier ने भारत में नए हैवी ड्यूटी Desert Rose AC किए लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  3. Infinix GT 50 Pro होगा धांसू गेमिंग फोन, यूनीक डिजाइन के साथ फीचर्स लीक
  4. GTA में फ्री पुलिस कार! ऐसे पाएं Bravado Buffalo STX और ढेर सारे रिवॉडर्स्
  5. OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!
  6. Oppo Find X9 Ultra में मिल सकती है 7,050mAh की बैटरी, 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा
  7. महंगे हो रहे स्मार्टफोन! Xiaomi ने बताई असली वजह
  8. LPG गैस के बिना भी बना सकते हैं खाना, ये 4 विकल्प आएंगे आपके काम
  9. क्या AI आपको गलत बातों पर यकीन दिला रहा है? ये नई रिसर्च आपके होश उड़ा देगी!
  10. Vivo T5 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 9,020mAh की बैटरी 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.