अगर बृहस्पति न होता ऐसी न होती पृथ्वी! वैज्ञानिकों का दावा

बृहस्पति ग्रह पृथ्वी के भविष्य को तब से आकार दे रहा था, जब हमारा यह ग्रह अस्तित्व में भी नहीं आया था।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 25 अक्टूबर 2025 17:40 IST
ख़ास बातें
  • पृथ्वी के निर्माण में सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का है योगदान
  • बृहस्पति ग्रह ने प्रारंभिक सौरमंडल में गैप बनाए जिससे अन्य ग्रह बचे रहे
  • जुपिटर की ग्रेविटी ने भीतरी ग्रहों के ऑर्बिट को स्थिर बनाया

हमारी पृथ्वी के निर्माण को दिशा देने में बृहस्पति ग्रह की बहुत बड़ी भूमिका है-स्टडी

Photo Credit: Pixabay

हमारा सौरमंडल 4 अरब सालों से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है। इसके ग्रह भी इतने ही पुराने हैं जो आकार में भी अलग-अलग हैं। ग्रहों के निर्माण के बारे में कहा जाता है कि ये बिग-बैंग के बाद बने थे। लेकिन एक नई स्टडी पृथ्वी के अस्तित्व में आने के बारे में एक रोचक खुलासा करती है। हमारी पृथ्वी के निर्माण को दिशा देने में बृहस्पति ग्रह की बहुत बड़ी भूमिका है। अगर बृहस्पति ग्रह नहीं होता तो धरती कब की सूर्य में समा चुकी होती! आइए जानते हैं क्या कहती है नई स्टडी। 

पृथ्वी के निर्माण में सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का बहुत अहम योगदान है। Space.com की मानें तो नई स्टडी में पाया गया है कि बृहस्पति ग्रह पृथ्वी के भविष्य को तब से आकार दे रहा था, जब हमारा यह ग्रह अस्तित्व में भी नहीं आया था। बृहस्पति ग्रह ने प्रारंभिक सौरमंडल में ऐसे गैप बनाए थे, जिनके कारण पृथ्वी के निर्माण खंड सूर्य से टकराने से बच गए। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो ये खंड कब के सूर्य में समा गए होते। ह्यूस्टन में राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है। 

स्टडी कहती है कि बृहस्पति के शुरुआती विकास ने अंदरूनी सौर मंडल की ओर गैस और धूल के प्रवाह को रोक दिया, जिससे वह पदार्थ सूर्य की ओर नहीं जा सका, और बाद में इन्हीं पदार्थों ने पृथ्वी, शुक्र और मंगल का निर्माण किया। इस तरह से जुपिटर की ग्रेविटी ने न केवल भीतरी ग्रहों के ऑर्बिट को स्थिर बनाया बल्कि हमारे सौर मंडल का ढांचा भी तैयार किया। ग्रह ने अपने चारों तरफ ऐसे रिंग्स तैयार किए जिनसे इस बात पर प्रभाव पड़ा कि सौरमंडल के अन्य चट्टानी पिंड कब और कैसे बनेंगे। 

राइस विश्वविद्यालय में पृथ्वी, पर्यावरण और ग्रह विज्ञान के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के को-लीडर आंद्रे इजिडोरो ने एक बयान में कहा, "बृहस्पति न केवल सबसे बड़ा ग्रह बना, बल्कि इसने पूरे आंतरिक सौरमंडल की संरचना भी निर्धारित की। "इसके बिना शायद हमारी पृथ्वी वैसी न होती जैसी इसे हम आज जानते हैं।"
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Optimist 1.4 Ton Inverter Split AC Review: सिर्फ AC नहीं, एक स्मार्ट कूलिंग सिस्टम!
  2. iQOO 16 में मिल सकते हैं ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा, Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  3. Google Pixel 11 Pro vs Xiaomi 17 Ultra vs Oppo Find X9 Pro: कौन सा फ्लैगशिप है बेहतर?
  4. Tecno Pova 8 Pro 5G कल होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Google Pixel 11 Pro vs Xiaomi 17 Ultra vs Oppo Find X9 Pro: कौन सा फ्लैगशिप है बेहतर?
  2. ज्यादा मोबाइल देखने से बढ़ रही माइग्रेन की समस्या
  3. ₹2,624 सस्ती कीमत में मिल रहा Nothing का 50MP कैमरा वाला स्मार्टफोन
  4. Boltt Ace 5G, Evo 4G में मिलेगी 6,000mAh की बैटरी, जल्द होगा लॉन्च
  5. Redmi Note 17 सीरीज जल्द होगी इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, नया मॉडल होगा शामिल
  6. iQOO 16 में मिल सकते हैं ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा, Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  7. Jio Prime: भारत में जियो यूजर्स के लिए प्राइम मेंबरशिप लॉन्च, सस्ते रीचार्ज प्लान, कैशबैक समेत कई फायदे
  8. BGMI Lite: अब कम दाम वाले स्मार्टफोन्स में भी खेल सकेंगे BGMI, क्राफ्टन जल्द ला रही गेम का Lite वर्जन
  9. Tecno Pova 8 Pro 5G कल होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट
  10. iQOO Neo 11 Ultra में होगा 50 मेगापिक्सल Sony प्राइमरी कैमरा, 9,100mAh हो सकती है बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.