जापान लेगा एस्‍टरॉयड्स से ‘टक्‍कर’, धरती को बचाने के लिए कुर्बान होंगे स्‍पेसक्राफ्ट! जानें

Japan Asteroid Mission : जाक्‍सा ने हायाबुसा2 को ही साल 2014 में भी लॉन्‍च किया था। तब उसका लक्ष्‍य एस्‍टरॉयड ‘162173 रयुगु’ था।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 25 दिसंबर 2023 11:20 IST
ख़ास बातें
  • जापान लॉन्‍च करेगी एस्‍टरॉयड मिशन
  • पृथ्‍वी के लिए खतरा बने एस्‍टरॉयड होंगे निशाने पर
  • अगले कुछ साल में लॉन्‍च होंगे मिशन

‘जाक्‍सा’ दुनिया की उन चुनिंदा एजेंसियों में शुमार है, जिसने 2020 में एस्‍टरॉयड ‘रयुगु’ से लिए गए सैंपलों को पृथ्‍वी पर पहुंचा दिया था।

Japan Asteroid Mission : जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ‘जाक्‍सा' (JAXA) चंद्रमा पर मिशन भेजने में भले बाकी देशों से पीछे है, लेकिन एस्‍टरॉयड्स (Asteroids) उसके ‘निशाने' पर हैं। ‘जाक्‍सा' दुनिया की उन चुनिंदा एजेंसियों में शुमार है, जिसने 2020 में एस्‍टरॉयड ‘रयुगु' से लिए गए सैंपलों को पृथ्‍वी पर पहुंचा दिया था। अब वह ऐसी तकनीक को टेस्‍ट करने जा रही है, जिसका मकसद पृथ्‍वी को टार्गेट करने वाले एस्‍टरॉयड्स को समय रहते रोकना या बर्बाद कर देना है। खास यह है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पिछले साल DART नाम के मिशन के तहत ऐसा कर चुकी है।  

इंडिपेंडेट की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जाक्‍सा अपने हायाबुसा2 (Hayabusa2) स्‍पेसक्राफ्ट को तैयार कर रही है। यह पृथ्‍वी की ओर तेजी से आने वाले एस्‍टरॉयड को टार्गेट करेगा। 

जाक्‍सा ने हायाबुसा2 को ही साल 2014 में भी लॉन्‍च किया था। तब उसका लक्ष्‍य एस्‍टरॉयड ‘162173 रयुगु' था। 4 साल के सफर के बाद हायाबुसा2 अपने लक्ष्‍य रयुगु पर पहुंचा। करीब 18 महीनों तक उसने एस्‍टरॉयड का सर्वे किया और फ‍िर उससे सैंपल इकट्ठे करके साल 2020 में उन्‍हें पृथ्‍वी पर पहुंचा दिया।  

आज भी वैज्ञानिक उन सैंपलों की अलग-अलग तरीकों से जांच कर रहे हैं ताकि हमारे ग्रह की शुरुआत से जुड़े सच सामने आ सकें। जाक्‍सा के लोगों ने साल 2020 में कह दिया था कि मिशन में बच गए क्सीनन प्रोपलेंट को वह फ‍िर इस्‍तेमाल करेगा। जाक्‍सा ने एस्‍टरॉयड 2002 CC21 को टार्गेट करने की योजना बनाई है। यही नहीं, साल 2031 तक जाक्‍सा एक और एस्‍टरॉयड ‘1998 KY26' को टार्गेट करना चाहती है, जो अक्‍सर पृथ्‍वी की कक्षा को पार करता है।  

एस्‍टरॉयड 1998 KY26 अभी पृथ्‍वी से लगभग 3 लाख 74 हजार किलोमीटर दूर है। इसका व्‍यास लगभग 30 मीटर है। जाक्‍सा के इस मिशन का मकसद पृथ्‍वी को सुरक्षित बनाना है। स्‍पेस एजेंसी का मानना है कि ऐसी स्‍पेस रॉक्‍स हर 100 से एक हजार से धरती से टकराती हैं। ये हमारे ग्रह को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon सेल में Rs 10 हजार से सस्ते हुए iQOO, Samsung, Poco के 6000mAh बैटरी जैसे फीचर्स वाले फोन
  2. Flipkart Republic Day Sale 2026: iPhone 16 से लेकर Vivo T4 सीरीज तक, सेल से पहले मोबाइल डील्स का खुलासा
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon Great Republic Day सेल में Xiaomi 14 Civi, Redmi Note 15 5G, Poco M7 5G जैसे फोन पर जबरदस्त डिस्काउंट!
  2. Amazon सेल में Rs 10 हजार से सस्ते हुए iQOO, Samsung, Poco के 6000mAh बैटरी जैसे फीचर्स वाले फोन
  3. Amazon Great Republic Day Sale 2026 Live: शुरू हुई अमेजन सेल, यहां जानें सभी डील्स और ऑफर्स
  4. 200 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ लॉन्च हुआ iQOO Z11 Turbo, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Lava Blaze Duo 3 जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा 
  6. OnePlus 15R में लेटेस्ट OxygenOS अपडेट, आए बाईपास चार्जिंग जैसे कई धांसू फीचर्स
  7. Oppo A6c हुआ लॉन्च: Rs 10 हजार में 6,500mAh बैटरी, एक्सपेंडेबल स्टोरेज ऑप्शन और 120Hz डिस्प्ले!
  8. YouTube नहीं रहा अब 'बच्चों का खेल', पेरेंट्स का होगा पूरा कंट्रोल! आए नए फीचर
  9. केबल के जंजाल से छुटकारा! Portronics का नया छोटू बॉक्स एक साथ चार्ज करेगा 4 डिवाइस, जानें कीमत
  10. 2026 का पहला ISRO मिशन फेल! PSLV-C62 के साथ कहां, कब और कैसे हुई गड़बड़? यहां पढ़ें पूरी कहानी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.