20 साल में पहली बार जापान का अंतरिक्ष मिशन फेल, स्‍पेस रॉकेट भी तबाह, जानें इसकी वजह

यह एजेंसी का साल 2022 का पहला ऑर्बिटल लॉन्‍च था।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 12 अक्टूबर 2022 13:03 IST
ख़ास बातें
  • 7 तरह की तकनीकों को ले जा रहा था स्‍पेसक्राफ्ट
  • मिशन लॉन्‍च होने के बाद चला समस्‍या का पता
  • टर्मिनेशन सिस्‍टम को एक्टिवेट कर रॉकेट तबाह किया गया

एप्सिलॉन रॉकेट ने RAISE 3 (रैपिड इनोवेटिव पेलोड डेमोंस्ट्रेशन सैटेलाइट 3) को लेकर उड़ान भरी थी, जो एक 100 किलोग्राम का स्‍पेसक्राफ्ट है।

टीवी पर स्‍पेस मिशन जितने आसान दिखाई देते हैं, असल में वो उतने ही चुनौतीपूर्ण होते हैं। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी का बुधवार को फेल हुआ मिशन इसकी तस्‍दीक करता है। यह एजेंसी का साल 2022 का पहला ऑर्बिटल लॉन्‍च था। जापानी स्‍पेस एजेंसी ने बताया है कि एक फेल लॉन्‍च के बाद उसे अपने एप्सिलॉन रॉकेट (Epsilon rocket) को खुद से बर्बाद होने का निर्देश भेजना पड़ा। यह रॉकेट उड़ान भरने के लिए असुरक्षित पाया गया। स्‍थानीय मीडिया के अनुसार, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने यह स्‍वीकार किया है कि मिशन के दौरान उसे एक समस्‍या का पता चला। 

दरअसल, जापान की स्‍पेस एजेंसी ने ‘इनोवेटिव सैटेलाइट टेक्‍नॉलजी डिमॉन्स्ट्रेशन 3' की योजना बनाई थी। इसके तहत जापान को ऑर्बिट में कई प्रकार के पेलोड लॉन्च करने थे। साल 2022 का यह जापान का पहला ऑर्बिटल लिफ्टऑफ था। एप्सिलॉन रॉकेट ने RAISE 3 (रैपिड इनोवेटिव पेलोड डेमोंस्ट्रेशन सैटेलाइट 3) को लेकर उड़ान भरी थी, जो एक 100 किलोग्राम का स्‍पेसक्राफ्ट है। यह स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ सात अलग-अलग तकनीकों को ले जा रहा था, जिनका पृथ्वी की कक्षा में परीक्षण किया जाना था। 

जापानी स्‍पेस एजेंसी ने सभी तैयारियां की थीं और लॉन्‍च का लाइव टेलिकास्‍ट भी किया जा रहा था। अचानक लाइव टेलिकास्‍ट को रोक दिया गया। यह नहीं बताया गया कि लाइवस्‍ट्रीम क्‍यों रोकी गई। सिर्फ यह कहा गया कि कुछ समस्‍याएं हुई हैं। बताया जाता है कि इसके बाद मिशन के कंट्रोलर्स ने एप्सिलॉन के फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्‍टम को एक्टिवेट कर दिया। उसने रॉकेट को नष्ट कर दिया।

इससे पहले एप्सिलॉन रॉकेट को 5 बार सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया गया है। ये लॉन्‍च सितंबर 2013, दिसंबर 2016, जनवरी 2018, जनवरी 2019 और नवंबर 2021 में हुए थे। आखिर किस वजह से एप्सिलॉन रॉकेट को नष्‍ट करना पड़ा। मिशन क्‍यों फेल हुआ, इसके बारे में ज्‍यादा जानकारी आने वाले दिनों में दी जा सकती है। अभी जापान की मीडिया के हवाले से इतना ही पता चल पाया है कि पोजिशनिंग से जुड़ी समस्‍या रिपोर्ट की गई थी। 

यह जापान का इस साल का पहला ऑर्बिटल लॉन्‍च था, लेकिन सबकुछ योजना के अनुसार नहीं हो पाया। बताया जाता है कि साल 2003 के बाद कोई जापानी रॉकेट लॉन्‍च पहली बार विफल हुआ है। एप्सिलॉन रॉकेट सीरीज की यह पहली नाकामयाबी है। 
 

 

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