जापान के SLIM लैंडर ने चांद पर की सॉफ्ट लैंडिंग, लेकिन नहीं है पावर! अब मिशन ...

जापान का चांद पर सफलतापूर्वक कदम रखना इसे अब दुनिया का पांचवा देश बना देता है जो चांद पर पहुंचने में कामयाब हुए हैं।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 20 जनवरी 2024 14:18 IST
ख़ास बातें
  • जापान सफलतापूर्वक चांद पर कदम रखने में कामयाब हो गया है।
  • SLIM व्हीकल ने शनिवार को मध्य रात्रि में चांद की सतह पर लैंड किया।
  • अधिकारी मान रहे हैं कि लैंडिंग के दौरान सोलर पैनल खराब नहीं हुए हैं।

जापान चांद पर कदम रखने वाला पांचवां देश बन गया है।

जापान सफलतापूर्वक चांद पर कदम रखने में कामयाब हो गया है। जापान के स्‍मार्ट लैंडर फॉर इन्‍वेस्टिगेटिंग मून (SLIM) व्हीकल ने शनिवार को मध्य रात्रि में चांद की सतह पर लैंड किया। लेकिन क्राफ्ट में कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण अभी यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह अपने सभी मकसद वहां पर पूरे कर पाएगा या नहीं। क्योंकि जिस खराबी की बात यहां की गई है, वह इसके सोलर पावर इस्तेमाल करने से जुड़ी है। ऐसे में अगर लैंडर सोलर पावर का इस्तेमाल नहीं कर पाता है तो मिशन के लक्ष्य पूरा होने में अड़चन पैदा होगी। 

जापान का चांद पर सफलतापूर्वक कदम रखना इसे अब दुनिया का पांचवा देश बना देता है जो चांद पर पहुंचने में कामयाब हुए हैं। इससे पहले अमेरिका, रूस, चीन, और भारत ने चांद पर कदम रखने में सफलता पाई है। Reuters के मुताबिक, देश की अंतरिक्ष एजेंसी जापान ऐरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) की ओर से एक अधिकारी ने कहा है कि लैंडर सतह पर उतरने में कामयाब हो गया है, लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है कि यह अपने टारगेट साइट से 100 मीटर के दायरे के भीतर उतरा है या नहीं।  
Advertisement

जापानी स्पेस एजेंसी के प्रेसिडेंट हिरोशी यामानाका ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें लगता है वे सॉफ्ट लैंडिंग करने में कामयाब हो गए हैं। वहां से लगातार डेटा धरती पर भेजा जा रहा है, जिसका मतलब है कि सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता मिल गई है। लेकिन यहां एक समस्या खड़ी हो गई है। अधिकारियों ने कहा है कि लैंडर पर लगे सोलर पैनल बिजली पैदा नहीं कर पा रहे हैं, और लैंडर अभी उस पर लगी बैटरी से ही चल रहा है। यह बैटरी केवल कुछ घंटों तक ही चल सकती है। 

ऐसे में लैंडर का मिशन खटाई में पड़ सकता है क्योंकि वहां गतिविधि करने के लिए बिजली की आवश्यकता होगी। अधिकारियों ने कहा है कि वे उपलब्ध बैटरी के अनुसार ही वहां पर ज्यादा से ज्यादा काम करने की कोशिश करेंगे। लेकिन साथ में ये भी कहा कि बैटरी खत्म होना मिशन का खत्म होना नहीं है। अधिकारी मान रहे हैं कि लैंडिंग के दौरान सोलर पैनल खराब नहीं हुए हैं। जब सूर्य कुछ हफ्तों में अपना एंगल बदलेगा तो पैनल बिजली पैदा करना शुरू कर सकते हैं, और मिशन में आगे बढ़ा जा सकता है। बहरहाल, जापान चांद पर कदम रखने में कामयाब हो गया है, लेकिन मिशन पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसे में देखना होगा कि जापान अपनी इस कोशिश में कहां तक सफल हो पाता है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 6500mAh बैटरी वाला फोन Amazon Sale में ₹15 हजार से भी सस्ता हुआ
  2. Maruti Suzuki की e-Vitara को जापान की सेफ्टी रेटिंग में मिले 4-स्टार
  3. ₹1800 सस्ता खरीदें Ai+ Nova 2 Power 5G फोन, 7000mAh बैटरी के साथ
  4. Oppo Find X10 Pro Max ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP तीन कैमरा, 7150mAh बैटरी फीचर्स
  5. Vivo Y600 होगा 30 अक्टूबर को लॉन्च, 10,000mAh की मिलेगी बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹1800 सस्ता खरीदें Ai+ Nova 2 Power 5G फोन, 7000mAh बैटरी के साथ
  2. Ultraviolette ने लॉन्च की X-47 Venom इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, जानें प्राइस, रेंज
  3. Oppo Enco X4 TWS ईयरबड्स हुए भारत में लॉन्च, जानें, प्राइस, फीचर्स
  4. Oppo Pad Mini हुआ भारत में लॉन्च, 8,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Oppo Find X10 भारत में लॉन्च हुआ 8000mAh बैटरी, 200MP के दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
  6. Oppo Find X10 Pro Max भारत में लॉन्च, 200MP तीन कैमरा, 8000mAh बैटरी, जानें कीमत
  7. Motorola Razr सीरीज में नया फ्लिप फोल्डेबल फोन होगा लॉन्च, 5G, NFC जैसे फीचर्स!
  8. Maruti Suzuki की e-Vitara को जापान की सेफ्टी रेटिंग में मिले 4-स्टार
  9. Vivo X500 Ultra में बड़े सेंसर के साथ मिल सकता है 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा
  10. Oura Ring 5 लॉन्च, हेल्थ और मेडिकेशन दोनों की ट्रैकिंग, 7 दिनों तक चलेगी बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.