ब्रह्मांड के ‘रेगिस्‍तान’ में भारतीय वैज्ञानिकों को मिला दूसरा ‘शनि’ ग्रह! जानें पूरा मामला

भारत की फ‍िजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के रिसर्चर्स ने एडवांस्‍ड PARAS-2 स्पेक्ट्रोग्राफ का इस्‍तेमाल करते हुए TOI-6651b नाम के एक्‍सोप्‍लैनेट की पहचान की है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 29 अक्टूबर 2024 13:28 IST
ख़ास बातें
  • भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा नया एक्‍सोप्‍लैनेट
  • शनि ग्रह के जितना है आकार
  • हमारी पृथ्‍वी से 5 गुना बड़ा है यह ग्रह

यह रिसर्च दुनियाभर की एजेंसियों के लिए मददगार होगी, क्‍योंकि स्‍पेस एजेंसियां लगातार नए एक्‍सोप्‍लैनेट्स खोज रही हैं। (सांकेतिक इमेज)

एक्‍सोप्‍लैनेट्स (Exoplanets) वैज्ञानिकों के लिए उम्‍मीद बने हुए हैं। दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियों को लगता है कि पृथ्‍वी से बाहर जीवन की तलाश एक एक्‍सोप्‍लैनेट पर पूरी हो सकती है। एक्‍सोप्‍लैनेट उन ग्रहों को कहते हैं, जो हमारे सूर्य की नहीं बल्कि किसी और तारे की परिक्रमा करते हैं। अब भारत की फ‍िजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के रिसर्चर्स ने एडवांस्‍ड PARAS-2 स्पेक्ट्रोग्राफ का इस्‍तेमाल करते हुए TOI-6651b नाम के एक्‍सोप्‍लैनेट की पहचान की है। यह एक घना और शनि ग्रह के आकार का एक्सोप्लैनेट है, जो हमारे सूर्य जैसे तारे की परिक्रमा कर रहा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, PRL के रिसर्चर्स ने यह चौथा एक्‍सोप्‍लैनेट खोजा है। यह रिसर्च दुनियाभर की एजेंसियों के लिए मददगार होगी, क्‍योंकि स्‍पेस एजेंसियां लगातार नए एक्‍सोप्‍लैनेट्स पर रिसर्च कर रही हैं। 

TOI-6651b में कई खूबियां हैं। इसका द्रव्‍यमान हमारी पृथ्‍वी का 60 गुना है और यह पृथ्‍वी से करीब 5 गुना बड़ा है। वैज्ञानिकों ने इस एक्‍सोप्‍लैनेट को ब्रह्मांड में ऐसी जगह पर खोजा है, जहां इस आकार के ग्रह शायद ही मिलते हैं। 

इलाके को ‘नेप्च्यूनियन रेगिस्तान' कहा जाता है। यह ब्रह्मांड का रहस्‍यमयी इलाका है। वहां कम द्रव्‍यमान वाले ग्रह ही मिलते हैं, लेकिन TOI-6651b का आकार तो शनि ग्रह के जितना है। यह अपने सूर्य का एक चक्‍कर सिर्फ 5.06 दिन में लगा लेता है यानी यहां एक साल सिर्फ 5 दिन का होता है। यही नहीं, इसका तारा भी हमारे सूर्य से थोड़ा बड़ा है और गर्म भी अधिक है। 

एक्‍सोप्‍लैनेट TOI-6651b का घनत्‍व अधिक है। इसका लगभग 87 फीसदी हिस्‍सा चट्टानों और आयरन से भरपूर मटीरियल से बना है। बाकी में हाइड्रोजन और हीलियम की लेयर है। वैज्ञानिकों को लगता है कि अतीत में इस ग्रह में कई प्रक्रियाएं हुई होंगी। अन्‍य ऑब्‍जेक्‍ट्स के साथ इसका विलय हुआ होगा। इसके अधिक तापमान के कारण एक्‍सोप्‍लैनेट ने अपना ज्‍यादातर वायुमंडल गंवा दिया होगा। 
Advertisement

TOI-6651b ने वैज्ञानिकों में उम्‍मीद जगाई है। उन्‍हें लगता है कि यह हमारे प्‍लैनेटरी सिस्‍टम को लेकर नई समझ डेवलप कर सकता है। इस खोज ने भारत की स्‍पेस रिसर्च को भी मुकाम दिया है। अभी तक नासा व अन्‍य एजेंसियां ही एक्‍सोप्‍लैनेट्स खोजती रही हैं। भारत इसमें नया प्‍लेयर बन सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO Z11X 5G vs Nothing Phone 3a Lite 5G vs Realme Narzo 90 5G: जानें कौन सा फोन रहेगा आपके लिए बेहतर
  2. IPL 2026 की टिकट ऑनलाइन कैसे करें बुक
  3. LPG गैस सिलेंडर ऑनलाइन कैसे करें बुक
  4. Xiaomi का नया टॉवर AC लॉन्च, 30 सेकेंड के अंदर करता है कूलिंग, जानें कीमत
  5. Samsung का फ्लैगशिप फोन मिल रहा 15 हजार रुपये सस्ता, स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर से है लैस
#ताज़ा ख़बरें
  1. बिना गैस पकेंगे चावल, Xiaomi ने लॉन्च किया Mijia IH राइस कूकर 2, जानें कीमत
  2. Huawei की भारत में वापसी! लॉन्च हो रहा है नया टैबलेट, जल्द स्मार्टफोन और लैपटॉप भी दे सकते हैं दस्तक
  3. IPL 2026 की टिकट ऑनलाइन कैसे करें बुक
  4. LPG गैस सिलेंडर ऑनलाइन कैसे करें बुक
  5. iQOO Z11X 5G vs Nothing Phone 3a Lite 5G vs Realme Narzo 90 5G: जानें कौन सा फोन रहेगा आपके लिए बेहतर
  6. Samsung का फ्लैगशिप फोन मिल रहा 15 हजार रुपये सस्ता, स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर से है लैस
  7. Tesla की AI चिप बनाने की तैयारी, ऑटोनॉमस व्हीकल्स में होगा इस्तेमाल!
  8. 150 फीट तक बड़ी 2 चट्टानों से आज धरती को है खतरा?
  9. Instagram मैसेज नहीं रहेंगे प्राइवेट! Meta हटाने जा रही सिक्योरिटी फीचर, नोट कर लें डेट
  10. Xiaomi का नया टॉवर AC लॉन्च, 30 सेकेंड के अंदर करता है कूलिंग, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.