भारत का पहला Mars Mission खत्‍म! 6 महीने के लिए डिजाइन मंगलयान ने 8 साल काम किया, अब ISRO से टूटा संपर्क

Mars Mission : इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। भारत ने यह कामयाबी अपनी पहली कोशिश में ही हासिल कर ली थी और ऐसा करने वाला वह चौथा देश बन गया था।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 3 अक्टूबर 2022 12:44 IST
ख़ास बातें
  • मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को लॉन्‍च किया गया था
  • यान को सिर्फ 6 महीनों की क्षमता के साथ तैयार किया गया था
  • बैटरी खत्‍म होने की वजह से इसरो का संपर्क टूटा

इसरो अपने मंगलयान की बैटरी लाइफ को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हाल में आए कई ग्रहण के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया।

भारत और हमारी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला मंगलयान (Mars Mission) एक सुखद अंत की ओर बढ़ चुका है। मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के करीब 8 साल बाद मार्स ऑर्बिटर मिशन (MoM) की बैटरी और ईंधन खत्म होने की जानकारी मिल रही है। दिलचस्‍प बात यह है कि मंगलयान को सिर्फ 6 महीनों के लिए भेजा गया था, लेकिन इसने 8 साल तक काम किया। इसरो का मंगलयान से संपर्क टूट गया है और इसके बहाल होने की उम्‍मीद ना के बराबर है। हालांकि इस बारे में इसरो की तरफ से आधिकारिक बयान आना बाकी है। 

मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को लॉन्‍च किया गया था। इस मिशन में कुल 450 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो ऐसे मिशनों के हिसाब से काफी कम थे। मंगल मिशन का बजट हॉलीवुड फ‍िल्‍म ग्रैविटी (Gravity) से भी कम था। इस मिशन ने भारत के स्‍पेस प्रोग्राम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। भारत ने यह कामयाबी अपनी पहली कोशिश में ही हासिल कर ली थी और ऐसा करने वाला वह चौथा देश बन गया था। 

भारत से पहले यह उपलब्‍धि सोवियत यूनियन, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa), यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने हासिल की थी। मंगल ग्रह पर सफल मिशन पहुंचाने वाला भारत पहला एशियाई देश बन गया था। भारत से पहले कोशिश करने वाले चीन और जापान के मिशन सफल नहीं हो पाए थे, लेकिन भारत ने बेहद कम लागत में मंगल मिशन को सफल करके दिखाया। 

इसरो सूत्रों द्वारा मीडिया में दी गई जानकारी के अनुसार, इसरो अपने मंगलयान की बैटरी लाइफ को बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हाल में आए कई ग्रहण के बाद ऐसा मुमकिन नहीं हो पाया। मंगलयान की बैटरी सिर्फ 1 घंटे 40 मिनट बैकअप के साथ डिजाइन की गई थी। देर तक ग्रहण लगने के कारण वह डिस्‍चार्ज हो गई। हालांकि बड़ी कामयाबी यह है कि मार्स ऑर्बिटर यान को सिर्फ 6 महीनों की क्षमता के साथ तैयार किया गया था और इसने 8 साल तक काम किया। 

जब मार्स ऑर्बिटर यान ने अपने 6 महीनों का सफर पूरा किया, तब इसरो ने कहा था कि यह 6 महीने और काम करेगा, लेकिन मिशन 8 साल तक चलता रहा। इसने इसरो के लिए कई बेहतरीन जानकारियां जुटाईं। मंगल ग्रह से सूर्य के बारे में भी जानकारी जुटाई और उसके चंद्रमा फोबोस की तस्‍वीर दुनिया को दिखाई थी। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon Prime Day Sale: ₹28 हजार से भी सस्ते में खरीदें 55 इंच स्मार्ट टीवी, मिल रहा बंपर डिस्काउंट
  2. iPhone Air 2 में दिखा खूबसूरत नया कलर, 48MP डुअल कैमरा से हो सकता है लैस
  3. ₹27000 सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S25 5G, Flipkart Goat Sale में आया धांसू ऑफर
  4. Amazon Prime Day सेल में OnePlus 15R, OnePlus 13, OnePlus 13s जैसे फोन हुए 18 हजार तक सस्ते!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Flipkart Goat Sale में ₹20000 सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  2. Amazon Prime Day सेल में Samsung Galaxy S25 Ultra, Galaxy M47, Galaxy A56 जैसे फोन 25 हजार तक सस्ते!
  3. Oppo Reno 16c 5G vs Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R: ₹60,000 में कौन सा है बेस्ट?
  4. ₹27000 सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S25 5G, Flipkart Goat Sale में आया धांसू ऑफर
  5. ₹30000 में आने वाले स्मार्टफोन Amazon Prime Day Sale में हुए जबरदस्त सस्ते, देखें बेस्ट डील
  6. 6 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP 3 कैमरा वाला फोन! जबरदस्त ऑफर
  7. फिल्मों की पायरेसी पर सरकार ने दिया Telegram को नोटिस
  8. iPhone Air 2 में दिखा खूबसूरत नया कलर, 48MP डुअल कैमरा से हो सकता है लैस
  9. Amazon Prime Day सेल में OnePlus 15R, OnePlus 13, OnePlus 13s जैसे फोन हुए 18 हजार तक सस्ते!
  10. भारत में लॉन्च हुई Revolt RVX इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, जानें प्राइस, रेंज
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.