पृथ्‍वी पर चीनी खतरा! 31 जुलाई को अंतरिक्ष से गिर सकता है रॉकेट का मलबा

ऐसा तीसरी बार है, जब चीन ने अपने अंतरिक्ष मलबे को कंट्रोल नहीं करने का ऑप्‍शन चुना है।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 27 जुलाई 2022 13:34 IST
ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बना रहा है चीन
  • इसी सिलसिले में उसने रविवार को एक लॉन्‍च किया था
  • उसमें शामिल रहे रॉकेट का हिस्‍सा हुआ है अनियंत्रित

हालांकि वक्‍त बीतने के साथ इस अनुमान को अपडेट किया जाएगा। फ‍िलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीनी रॉकेट कहां नीचे आएगा।

कल हमने आपको बताया था कि अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लिए चीन ने जो रॉकेट स्‍पेस में भेजा था, उसका करीब 21 टन वजनी ‘स्‍टेज' अपने आप पृथ्‍वी पर गिर रहा है। अब विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि अंतरिक्ष कबाड़ के तौर पर आ रहा यह टुकड़ा इस महीने के आखिर तक पृथ्‍वी पर गिर जाएगा। यह स्‍टेज चीन के ‘लॉन्ग मार्च 5B' रॉकेट का हिस्‍सा है, जिसकी मदद से पिछले रविवार को चीन ने अपना पहला लैब मॉड्यूल वेंटियन (Lab Module Wentian) लॉन्च किया था। ऐसा तीसरी बार है, जब चीन ने अपने अंतरिक्ष मलबे को कंट्रोल नहीं करने का ऑप्‍शन चुना है। इससे पहले 2020 और 2021 में भी चीनी रॉकेट का मलबा अनियंत्रित रूप से पृथ्‍वी पर पहुंचा था। 

स्‍पेसडॉटकॉम ने द एयरोस्पेस कॉरपोरेशन सेंटर फॉर ऑर्बिटल रीएंट्री एंड डेब्रिस स्टडीज (कॉर्ड्स) के रिसर्चर्स के हवाले से लिखा है कि रॉकेट की बॉडी लगभग एक हफ्ते तक अंतरिक्ष में रहेगी। रिसर्चर्स ने US स्पेस फोर्स के स्पेस सर्विलांस नेटवर्क द्वारा जुटाए गए ट्रैकिंग डेटा का विश्लेषण किया है और भविष्यवाणी है कि रॉकेट की बॉडी 31 जुलाई को पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेगी।
हालांकि वक्‍त बीतने के साथ इस अनुमान को अपडेट किया जाएगा। फ‍िलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीनी रॉकेट कहां नीचे आएगा। कॉर्ड्स के रिसर्चर्स का अनुमान है कि यह 41 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 41 डिग्री दक्षिण अक्षांश के बीच पृथ्‍वी में कहीं प्रवेश करेगा और पूरा मलबा पृथ्वी की हवा में नहीं जलेगा। यानी रॉकेट का कुछ हिस्‍सा पृथ्‍वी पर सीधे आकर गिरेगा। अनुमान है कि इसका करीब 20-40 फीसदी हिस्‍सा जमीन पर पहुंचेगा। हालांकि सटीक संख्या उसके डिजाइन पर निर्भर करती है। एयरोस्पेस कॉर्पोरेशन ने 5 से 9 मीट्रिक टन मलबे की उम्‍मीद की है। 

इससे पहले भी दो ‘लॉन्ग मार्च 5B' मिशनों में ऐसे हुआ था। 5 मई 2020 को लॉन्‍च हुए रॉकेट की बॉडी लगभग एक हफ्ते बाद अनियंत्रित तरीके से अफ्रीका के पश्चिमी तट पर गिरी थी। इसी तरह दूसरा लॉन्ग मार्च 5B, तियांगोंग के कोर मॉड्यूल को लॉन्च करने के 10 दिन बाद मई 2021 में हिंद महासागर में प्रवेश कर गया था। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung फोन खरीदने का प्लान? कई मॉडल्स हो गए महंगे, नई कीमतें लीक
#ताज़ा ख़बरें
  1. होर्मूज से ऑयल टैंकरों को निकलने की इजाजत के लिए क्रिप्टोकरेंसी में फीस लेगा ईरान!
  2. Poco M8s के जल्द लॉन्च की तैयारी, NBTC पर हुई लिस्टिंग
  3. Apple के फोल्डेबल आईफोन का लीक हुआ डिजाइन, 5,800mAh हो सकती है बैटरी
  4. Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
  5. OnePlus Ace 6 Ultra में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9000, जल्द लॉन्च की तैयारी
  6. आपका Samsung फोन है? यहां चेक करें One UI 8.5 Beta मिलेगा या नहीं
  7. Infinix Note 60 Pro में मिलेगा 6.78 इंच AMOLED डिस्प्ले, 3 कलर्स के ऑप्शन
  8. Lyne Originals ने लॉन्च किए नए स्मार्टवॉच, ईयरफोन्स और स्पीकर्स, कीमत 399 रुपये से शुरू
  9. Vivo T5 Pro 5G की कीमत का खुलासा, स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 चिपसेट से होगा लैस, जानें सबकुछ
  10. BSNL ने पलटा गेम! इंटरनेट स्पीड और परफॉर्मेंस में Airtel और Jio को दी मात
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.