यह ऐसा समय था जब पृथ्वी टुकड़ों में नहीं बंटी थी। इसकी भूमि, या रहने लायक जगह आपस में जुड़ी हुई थी।
कार्नियन प्लुवियल इवेंट एक ऐसा दौर था जब पृथ्वी पर लाखों सालों तक बारिश होती रही थी।
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भारत में इन दिनों मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। कहा जा रहा है कि इस बार भारत में मानसून की बारिश कई हिस्सों में सामान्य से कम दिखाई दे रही है। प्रचंड गर्मी की मार के बीच बारिश की कमी देश के कई हिस्सों को झुलसा रही है। लेकिन क्या हो अगर यही बारिश कभी रुके ही ना? पृथ्वी पर एक ऐसा समय भी रह चुका है जब बादल लगातार 20 लाख साल बरसते रहे थे! क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आप किसी ऐसी जगह पर रह रहे हों जहां किसी के जन्म से लेकर मृत्यु तक बारिश रुके ही ना! पृथ्वी पर ऐसा हो चुका है।
वैज्ञानिक कार्नियन प्लुवियल घटना (Carnian Pluvial Event) की बात करते हैं। यह एक ऐसा समय था जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख सालों तक बारिश होती रही थी। कार्नियन काल पृथ्वी के इतिहास का एक अहम दौर था। डिस्कवर मैग्जीन की रिपोर्ट के अनुसार, कार्नियन स्टेज की शुरुआत ट्राइसिक काल के दौरान हुई थी। यह लगभग 252 मिलियन से 201 मिलियन साल पहले तक चला था। उस समय, पृथ्वी के सभी बड़े भू-भाग आपस में जुड़कर 'पैंजिया' नाम के एक सिंगल महाद्वीप का हिस्सा थे। यह एक विशाल भू-भाग था जो लगभग एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक फैला हुआ था। तब का मौसम भी अलग था।
यह ऐसा समय था जब पृथ्वी टुकड़ों में नहीं बंटी थी। इसकी भूमि, या रहने लायक जगह आपस में जुड़ी हुई थी। वैज्ञानिक कहते हैं कि उस समय के मौसम के बदलाव हमारी आदतों से कहीं ज़्यादा ज़बरदस्त होते थे। कारण था कि महाद्वीप के चारों तरफ पानी होने से जो बचाव मिलता है, वो उस वक्त मौजूद नहीं था।
कार्नियन काल में पैंजिया की जलवायु अचानक बदल गई थी। उस वक्त पूरी धरती पर बारिश होने लगी और यह बारिश करीबन 10 लाख से 20 लाख साल तक चली, जिससे जीवों में विविधता आई और डायनासोरों के पनपने के लिए जगह बनी। यह एक दिलचस्प कहानी है और मोटे तौर पर ज़्यादातर सही भी है। लेकिन यह साफ़ नहीं है कि हर जगह एक ही समय पर बारिश हुई थी या नहीं।
भू-वैज्ञानिक ओल्सेन उस समय के इकोसिस्टम के विकास और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने वाले जीवाश्म विज्ञानी हैं। उनके अनुसार, कार्नियन एक असल समस्या है। हम इसके बारे में ज़्यादा नहीं जानते हैं। उनका कहना है कि यह दुनिया भर में बारिश वाला दौर था। रिपोर्ट कहती है कि उस समय के बारे में पक्के तौर पर जानने के लिए पर्याप्त डेटा मौजूद नहीं है। हालाँकि शोध अभी भी आगे बढ़ रहे हैं, फिर भी पृथ्वी के इतिहास के इस दौर में अभी और स्टडी करने की जरूरत है। सबसे शुरुआती डायनासोर कार्नियन काल में ही आए थे। हालाँकि उनमें से ज्यादातर के बारे में उस इलाके से पता चला है जो अब दक्षिण अमेरिका कहलाता है।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी