70 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धरती की ओर आ रही 70 फीट की चट्टान! NASA की बढ़ी चिंता

कोई एस्टरॉयड जब पृथ्वी से 75 लाख किलोमीटर से कम की दूरी की ओर बढ़ने लगता है नासा इसके लिए अलर्ट जारी करती है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 19 जून 2023 09:50 IST
ख़ास बातें
  • इसे पहली बार 2016 में देखा गया था।
  • यह 69,876 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।
  • अभी तक 7 लाख 30 हजार से ज्यादा एस्टरॉयड खोजे जा चुके हैं।

कोई एस्टरॉयड जब पृथ्वी से 75 लाख किलोमीटर से कम की दूरी की ओर बढ़ने लगता है नासा इसके लिए अलर्ट जारी करती है।

Photo Credit: istock

एस्टरॉयड के बारे में आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा। ये अंतरिक्ष में घूम रही चट्टानें हैं जो सौरमंडल के बनने के समय हुए विस्फोट से बाहर निकली बताई जाती हैं। इनका साइज 50 फीट से लेकर कई किलोमीटर तक हो सकता है। इन दिनों ये लगातार पृथ्वी के करीब से होकर गुजर रहे हैं। नासा की ओर से आए दिन एक से ज्यादा एस्टरॉयड का पृथ्वी के करीब आना नोटिस किया जा रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से आज फिर से हवाई जहाज जितनी बड़ी चट्टान के लिए अलर्ट जारी किया गया है। 

नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी एस्टरॉयड ट्रैक करती है। कोई एस्टरॉयड जब पृथ्वी से 75 लाख किलोमीटर से कम की दूरी की ओर बढ़ने लगता है नासा इसके लिए अलर्ट जारी करती है। आज भी एक एस्टरॉयड पृथ्वी की दिशा में करीब आ रहा है। इसका नाम 2016 LK49 है। जैसा कि इनके नाम से पता चलता है, इसे पहली बार 2016 में देखा गया था। इसकी स्पीड जानकर आप हैरान हो जाएंगे। 
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एस्टरॉयड 2016 LK49 के बारे में कहा गया है कि यह 69,876 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। यानि कि इसकी रफ्तार लगभग 70 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा है। यह एक बड़े हवाई जहाज के आकार का है। जब यह धरती के करीब से गुजरेगा तो दोनों के बीच की दूरी 6,660,000 किलोमीटर होगी, जो सबसे करीबी बिंदु होगा। 

नासा के अनुसार, अभी तक 7 लाख 30 हजार से ज्यादा एस्टरॉयड खोजे जा चुके हैं जिनमें से 16000 एस्टरॉयड पृथ्वी और उसके आसपास मौजूद हैं। नासा इन्हें नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (near earth object) भी कहती है, यानि कि ऐसे खगोलीय पिंड, जो लगातार पृथ्वी के आसपास मंडरा रहे हैं। NASA ने इन 16 हजार एस्टरॉयड में से 1784 एस्टरॉयड को संभावित रूप से पृथ्वी के लिए खतरनाक घोषित किया है। नासा इनकी स्टडी कर रही है। अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक ये उसी पदार्थ के बने हैं जिससे कि हमारा पूरा सौरमंडल बना हुआ है, इसलिए इनकी स्टडी करना महत्वपूर्ण खोज मानी जाती है।
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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