गजब हो गया! हमारी पृथ्‍वी से ज्‍यादा पानी ब्रह्मांड में लगा रहा ब्‍लैक होल का चक्‍कर, जानें

खगोलविदों ने हमारी यूनिवर्स के एक कोने में पानी के विशाल भंडार का पता लगाया है। यह 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर है और एक क्वासर (quasar) व उसके ब्‍लैक होल के चारों ओर घूम रहा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 24 दिसंबर 2024 18:02 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में की पानी की खोज
  • 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर लगाया पता
  • यह पृथ्‍वी पर मौजूद सभी महासागरों से भी ज्‍यादा पानी

पृथ्‍वी पर जितने भी महासागर हैं, उनसे 140 ट्रिलियन गुना ज्‍यादा पानी यह है।

Photo Credit: Unsplash

कई स्‍टडीज में यह निष्‍कर्ष निकाला गया है कि पृथ्‍वी पर पानी ब्रह्मांड से आया। अब खगोलविदों ने हमारी यूनिवर्स  के एक कोने में पानी के विशाल भंडार का पता लगाया है। यह 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर है और एक क्वासर (quasar) व उसके ब्‍लैक होल के चारों ओर घूम रहा है। यह पानी हमसे इतना दूर है कि शायद ही उस तक पहुंचा जा सके। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पानी की मात्रा बहुत अधिक है। अनुमान है कि पृथ्‍वी पर जितने भी महासागर हैं, उनसे 140 ट्रिलियन गुना ज्‍यादा पानी यह है और एक विशाल ब्लैक होल (Black hole) का चक्‍कर लगा रहा है। 

रिपोर्ट के अनुसार, पानी जिस ब्‍लैक होल के करीब है, उसी के पास एक क्वासर है। क्‍वासर का नाम 
APM 08279+5255 है। यह क्‍वासर एक हजार ट्रिलियन सूर्यों के बराबर एनर्जी निकालता है। पानी के भंडार का पता नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के साइंटिस्‍ट मैट ब्रैडफोर्ड की टीम ने लगाया है। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि क्‍वासर का आसपास का वातावरण यूनीक है, क्‍योंकि यह बहुत अधिक मात्रा में पानी पैदा कर रहा है। इससे यह भी पता चलता है कि पानी हमारी पूरे यूनिवर्स में मौजूद है। ब्रैडफोर्ड और उनकी टीम कुछ समय से APM 08279+5255 और ब्‍लैक होल की जांच कर रहे थे।  

क्‍वासरों की खोज 50 साल पहले शुरू हुई थी, जब एडवांस होते टेलिस्‍कोपों के सामने तेज ब्राइटनैस वाले रहस्‍यमयी सोर्स उभरने लगे। क्‍वासर आम तारों जैसे नहीं होते। वो हमसे बहुत दूर मौजूद आकाशगंगाओं के केंद्रों से चमकते हैं और अपनी रोशनी से तारों को भी पीछे छोड़ देते हैं। 
Advertisement

रिपोर्ट्स के अनुसार, क्‍वासरों के कोर में विशालकाय ब्‍लैक होल्‍स छुपे होते हैं। ये ब्‍लैक होल्‍स आकार में हमारे सूर्य से भी अरबों गुना बड़े होते हैं। इस स्‍टडी में वैज्ञानिकों ने सीधे तौर पर पानी नहीं खोजा। उन्‍होंने इस क्वासर के आस-पास के वातावरण में जल वाष्प की खोज की है। यह वाष्प सैकड़ों प्रकाश वर्ष के क्षेत्र में फैली हुई है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹7 हजार से कम में 200 इंच स्क्रीन पर देखें सिनेमा! XElectron ने भारत में लॉन्च किया नया प्रोजेक्टर
#ताज़ा ख़बरें
  1. देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
  2. फीचर फोन से लेकर स्मार्ट TV तक बेचने वाली वाली Cellecor का रेवेन्यू को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का टारगेट 
  3. नई Maruti कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगस्त से पहले कर लें बुकिंग, बढ़ने वाली हैं कीमतें
  4. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  5. CP PLUS ने लॉन्च किए नए 4G Dashcams, GPS और डुअल कैमरा के साथ कीमत ₹7,599 से शुरू
  6. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  7. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  8. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
  9. स्टूडेंट्स Samsung के इस ऑफर से न चूकें! प्रीमियम फोन, लैपटॉप और AI डिवाइसेज सस्ते में लेने का मौका
  10. Redmi Watch 6 Active, Watch 6 Lite की कीमत और स्पेसिफिकेशंस लॉन्च से पहले लीक!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.