चीनी वैज्ञानिकों से एलियंस ने किया कॉन्‍टैक्‍ट! क्‍या वाकई हम दूसरी दुनिया से मिलने के करीब?

चीन की सरकार के समर्थन वाले ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली’ की एक रिपोर्ट में कई बातें कही गई हैं। इसमें एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल सिव‍िलाइजेशन सर्च टीम के चीफ साइंटिस्‍ट झांग टोनजी का हवाला दिया गया है।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 16 जून 2022 12:27 IST
ख़ास बातें
  • चीन से आई यह खबर पूरी दुनिया में छाई हुई है
  • हालांकि एक्‍सपर्ट ने इसे तथ्‍यों के साथ नकार दिया है
  • कथित एलियंस सिग्‍नलों को रेडियो इंटरफेरेंस बताया गया है

झांग टोनजी ने कहा है कि उनकी टीम ने साल 2020 में पहेलीनुमा संकेतों वाले सिग्‍नलों के 2 सेट देखे थे। इन सिग्‍नलों को साल 2019 में FAST टेलिस्‍कोप ने कैप्‍चर किया था।

21वीं सदी, विज्ञान का विकास, हर रोज बदलती तकनीक से रू-ब-रू होती यह दुनिया और यहां के लोग आज भी एलियंस का पता लगाने में जुटे हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक पृथ्‍वी या इसके बाहर एलियंस सभ्‍यता होने का अनुमान लगाते हैं और दिन-रात उनकी खोज में जुटे हैं। इस बीच, दुनियाभर में यह खबर जोरों पर है कि चीन ने एक विदेशी सभ्‍यता के संकेत प्राप्‍त किए हो सकते हैं। इस खबर के केंद्र में है चीन का ‘स्‍काई आई'। यह 500 मीटर एपर्चर का गोलाकार रेडियो टेलीस्कोप ((FAST) है, जो दक्षिण-पश्चिम चीन के गुइझोऊ प्रांत में स्थित है।

चीन की सरकार के समर्थन वाले ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' की एक रिपोर्ट में कई बातें कही गई हैं। रिपोर्ट में एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल सिव‍िलाइजेशन सर्च टीम के चीफ साइंटिस्‍ट झांग टोनजी का हवाला दिया गया है। इस टीम को बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा मिलकर बनाया गया है। 

झांग टोनजी ने कहा है कि उनकी टीम ने साल 2020 में पहेलीनुमा संकेतों वाले सिग्‍नलों के 2 सेट देखे थे। इन सिग्‍नलों को साल 2019 में FAST टेलिस्‍कोप ने कैप्‍चर किया था। इसके अलावा, एक्‍सोप्‍लैनेट को टार्गेट कर जुटाए गए डेटा से भी इस साल एक सिग्‍नल मिला है। याद रहे कि ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, वो एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं।  

हालांकि कहा जाता है कि झांग ने यह संभावना भी जताई है कि ये सिग्नल रेडियो इंटरफेरेंस की वजह से भी हो सकते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' ने अपनी इस रिपोर्ट को वेबसाइट से हटा लिया है। 

Space.com के अनुसार, FAST टेलिस्‍कोप को लेकर उठी इन अफवाहों के बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए एक्‍सपर्ट उन वैज्ञानिकों तक भी पहुंचे, जो बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के साथ काम करते हैं। इनमें कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में खगोल विज्ञान विभाग के डैन वर्थिमर भी शामिल हैं। उन्‍होंने इस बात को नकार दिया कि फास्‍ट के जरिए एलियंस ने सिग्‍नल भेजे हैं। 
Advertisement

उन्‍होंने दावा किया कि इन सिग्‍नलों की वजह रेडियो इंटरफेरेंस हैं। यह सिग्‍नल दूसरी दुनिया से नहीं आए बल्कि रेडियो प्रदूषण के कारण पृथ्‍वी से ही निकले हैं। इसे रेडियो फ्रीक्‍वेंसी इंटरफेरेंस भी कहा जाता है। इस तरह के सिग्‍नल फोन, टीवी ट्रांसमीटर, रडार या सैटेलाइट से आ सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि ऑब्‍जर्वेटी के पास मौजूद इले‍क्‍ट्रॉनिक्‍स और कंप्‍यूटर भी वीक रेडियो ट्रांसमिशन पैदा कर सकते हैं। 

वर्थिमर ने कहा कि रिसर्चर्स द्वारा अब तक खोजे गए सभी सिग्‍नल हमारी अपनी सभ्यता से आए हैं, ना कि एलियंस की तरफ से। उन्‍होंने कहा कि बढ़ते रेडियो प्रदूषण की वजह से यह सब हो रहा है। सैटेलाइट्स और ट्रांसमीटर्स के ज्‍यादा निर्माण से कुछ रेडियो बैंड रिसर्चर्स के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं। 
Advertisement

वर्थिमर ने यह भी कहा कि इस तरह के कामों को पूरा करने के लिए हमें चंद्रमा के जितनी दूर जाना पड़ सकता है, क्‍योंकि वहां हम ऐसे रेडियो इंटरफेरेंस से बचे रहेंगे। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Reno 15 Pro Mini नए खूबसूरत कलर में लॉन्च, 200 मेगापिक्सल कैमरा, 6200mAh है बैटरी
  2. Samsung Galaxy S26 Ultra की पहली झलक! डिजाइन, कलर्स समेत खास फीचर्स का खुलासा
  3. Xiaomi ने 34 इंच बड़ा, 180Hz कर्व डिस्प्ले गेमिंग मॉनिटर किया लॉन्च, जानें कीमत
  4. Vivo का 5500mAh बैटरी वाला फोन Rs 7500 सस्ता खरीदने का मौका!
  5. फोन से पतला पावर बैंक! Xiaomi के नए UltraThin Magnetic Power Bank में वायरलेस चार्जिंग भी, जानें कीमत
  6. 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
  2. Xiaomi ने 34 इंच बड़ा, 180Hz कर्व डिस्प्ले गेमिंग मॉनिटर किया लॉन्च, जानें कीमत
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra की पहली झलक! डिजाइन, कलर्स समेत खास फीचर्स का खुलासा
  4. 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
  5. स्मार्टबैंड बैन किए तो स्मार्ट अंडरवियर बना दिए! Whoop कंपनी का टेनिस खिलाड़ियों के लिए अनोखा कदम
  6. Vivo का 5500mAh बैटरी वाला फोन Rs 7500 सस्ता खरीदने का मौका!
  7. भारत और चीन में iPhone की डिमांड में मजबूती से तेज रफ्तार पकड़ सकती है Apple की सेल्स
  8. Tecno Pova Curve 2 जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,750mAh हो सकती है बैटरी
  9. आईफोन का बड़ा मार्केट बना भारत, मुंबई में दूसरा स्टोर खोलेगी Apple
  10. Oppo Reno 15 Pro Mini नए खूबसूरत कलर में लॉन्च, 200 मेगापिक्सल कैमरा, 6200mAh है बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.