Aditya L1 Mission Launched : भारत की ‘सौर उड़ान’, आदित्‍य एल-1 मिशन लॉन्‍च, 120 दिन बाद पहुंचेगा सूर्य के करीब

Aditya L1 Mission Launched : आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर मिशन ने उड़ान भरी।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 2 सितंबर 2023 12:05 IST

लाइव टेलिकास्‍ट के दौरान इसरो ने मिशन के सफल लॉन्‍च की पुष्टि कर दी है।

Photo Credit: ISRO

Aditya L1 Mission Launched : स्‍पेस साइंस की दुनिया में भारत ने आज एक और इतिहास रच दिया। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का सौर मिशन (India Solar Mission) आदित्‍य एल-1 (Aditya L1) सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्‍च हो गया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर मिशन ने उड़ान भरी। लाइव टेलिकास्‍ट के दौरान इसरो ने मिशन के सफल लॉन्‍च की पुष्टि कर दी है। पीएसएलवी-सी57 रॉकेट के जरिए आदित्‍य एल-1 स्‍पेसक्राफ्ट ने उड़ान भरी है, जो 120 दिनों के लंबे सफर पर निकल गया है। 

करीब 4 महीने बाद यह पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंज बिंदु पर पहुंचेगा, जिसे L1 पॉइंट कहा जाता है। यही वह जगह होगी, जहां से भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड सोलर ऑब्‍जर्वेट्री हमारे सूर्य को मॉनिटर करेगी और उसकी हर हरकत को हम तक पहुंचाएगी। खास यह है कि 120 दिनों में आदित्‍य एल-1 स्‍पेसक्राफ्ट जो दूरी तय करेगा, वह पृथ्‍वी और सूर्य के बीच दूरी का सिर्फ 1 फीसदी है। लेकिन वहां L1 पॉइंट ऐसी जगह है, जहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकेगी।  
शनिवार का दिन भारत के लिए एक और कामयाबी लेकर आया। चंद्रयान-3 मिशन के बाद इसरो का सौर मिशन लॉन्‍च हो गया। सुबह से ही लोग मिशन के लॉन्‍च होने का इंतजार कर रहे थे। इसरो के यूट्यूब चैनल समेत तमाम प्‍लेटफॉर्म्‍स पर सुबह 11 बजकर 20 मिनट से लाइव टेलिकास्‍ट शुरू कर दिया गया था। 

उल्‍टी गिनती शुरू होते ही लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। पीएसएलवी-सी57 रॉकेट ने जैसे ही उड़ान भरी, श्रीहर‍िकोटा समेत देशभर में इस लॉन्‍च को देख रहे लोग तालियां बजाने लगे। रॉकेट का लिफ्ट ऑफ नॉर्मल था, जो आसमान को चीरते हुए आगे बढ़ गया। 

यह भारत का पहला सौर मिशन है, जिसका मकसद सूर्य के कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परत) का ऑब्‍जर्वेशन करना है। स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ 7 पेलोड लेकर गया है। सभी पेलोड अलग-अलग वेव बैंड में फोटोस्फेयर (प्रकाशमंडल), क्रोमोस्फेयर (सूर्य की दिखाई देने वाली सतह से ठीक ऊपरी सतह) और सूर्य की सबसे बाहरी परत (कोरोना) का ऑब्‍जर्वेशन करने में मदद करेंगे।
Advertisement

आदित्य-एल1 मिशन पूरी तरह से स्वदेशी है। इसे तैयार करने में कई राष्ट्रीय संस्थानों की भागीदारी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इसका प्राइमरी इंस्‍ट्रूमेंट ‘विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ' (वीईएलसी) है। जब आदित्‍य ऑब्‍जर्वेट्री अपना काम शुरू कर देगी, तब वीईएलसी, इसरो के ग्राउंड स्‍टेशन को रोजाना 1440 तस्‍वीरें भेजेगा। इन तस्‍वीरों को परखकर वैज्ञानिक यह जान पाएंगे कि सूर्य में किस तरह की हलचलें हो रही हैं।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco M8 Power के भारत में लॉन्च की तैयारी, 50 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा 
#ताज़ा ख़बरें
  1. फोन के बाद अब Credit Card भी बेच रहा Samsung, शॉपिंग पर कैशबैक और बड़े रिवॉर्ड्स! रजिस्ट्रेशन शुरू
  2. भारतीय मार्केट में Google ला रहा है बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर, लॉन्च से पहले Amazon पर हुआ लिस्ट
  3. Redmi Note 17 कब होगा भारत में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा
  4. ₹7 हजार से कम में 200 इंच स्क्रीन पर देखें सिनेमा! XElectron ने भारत में लॉन्च किया नया प्रोजेक्टर
  5. GATE 2027 की ऑफिशियल वेबसाइट लॉन्च, परीक्षा से लेकर सिलेबस में बदलाव तक मिलेगी सभी जानकारी
  6. Samsung Galaxy Z Fold 8, Z Flip 8 और Galaxy Watch 9 सीरीज की कीमत लॉन्च से पहले आई सामने
  7. Realme C100x vs Redmi 15A 5G vs Samsung Galaxy F70e 5G: जानें कौन सा है बेस्ट?
  8. ₹26000 सस्ता मिल रहा 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला iPhone, ये है पूरी डील
  9. Moto Pad 70 Groove जल्द होगा भारत में लॉन्च, 10,200mAh की बैटरी
  10. Oppo A7 Pro Max में मिल सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.