Firefox और Thunderbird यूजर्स सावधाव! भारत सरकार ने जारी किया अलर्ट, तुरंत करें ये काम

CERT-In ने Firefox और Thunderbird में गंभीर सिक्योरिटी कमजोरियों को लेकर चेतावनी जारी की है और यूजर्स को तुरंत अपडेट करने की सलाह दी है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 2 फरवरी 2026 20:19 IST
ख़ास बातें
  • Firefox और Thunderbird में हाई-सीवेरिटी सिक्योरिटी खामियां सामने आईं
  • CERT-In ने तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करने की सलाह दी
  • पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ज्यादा खतरा

CERT-In ने तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करने की सलाह दी

Photo Credit: Unsplash

भारत सरकार ने Mozilla के पॉपुलर ब्राउजर Firefox और ईमेल क्लाइंट Thunderbird को लेकर एक गंभीर साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी Indian Computer Emergency Response Team यानी CERT-In के जरिए दी गई है। सरकार के मुताबिक, इन दोनों प्लेटफॉर्म्स में कई हाई-सीवेरिटी खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर हमलावर यूजर्स के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस अलर्ट के बाद भारत में इन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाले लाखों यूजर्स को तुरंत कदम उठाने की सलाह दी गई है।

पिछले कुछ हफ्तों में सरकार Android, Apple और Chrome से जुड़े सिक्योरिटी रिस्क्स को लेकर भी एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अब इसी कड़ी में Mozilla के प्रोडक्ट्स पर सवाल खड़े हुए हैं। जनवरी 2026 की सिक्योरिटी बुलेटिन के मुताबिक, अगर कोई यूजर अनजाने में किसी खतरनाक लिंक पर क्लिक करता है या खास तरीके से तैयार की गई वेबसाइट ओपन करता है, तो ये कमजोरियां रिमोट तरीके से एक्सप्लॉइट की जा सकती हैं।

CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि इन खामियों की वजह से प्राइवेसी प्रोटेक्शन को बायपास किया जा सकता है, मेमोरी से जुड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं और कुछ मामलों में आंशिक रूप से एन्क्रिप्टेड ईमेल्स से कंटेंट भी निकाला जा सकता है। सरकारी एजेंसी के मुताबिक, एक रिमोट अटैकर यूजर को खास वेब रिक्वेस्ट या कंटेंट ओपन करने के लिए फुसलाकर इन कमजोरियों का फायदा उठा सकता है।

यह चेतावनी खासतौर पर पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर लागू होती है। जिन सिस्टम्स में Mozilla Firefox का वर्जन 147.0.2 से पुराना है, या Thunderbird के 140.7.1 और 147.0.1 से पुराने वर्जन चल रहे हैं, उन्हें जोखिम में माना गया है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी कमजोरियां हमलावरों को संवेदनशील जानकारी निकालने, सिस्टम क्रैश कराने या डिवाइस पर कंट्रोल हासिल करने का मौका दे सकती हैं।

Mozilla ने इन खामियों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए जरूरी सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं। कंपनी और CERT-In दोनों ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने सॉफ्टवेयर को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें। अपडेट में देरी करने से सिस्टम लंबे समय तक साइबर हमलों के खतरे में रह सकता है।

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