मार्केट में चिप शॉर्टेज के चलते कंपनी का प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है।
Apple अपने MacBook Neo को लेकर मुश्किल में नजर आ रही है।
Apple अपने MacBook Neo को लेकर मुश्किल में नजर आ रही है। कंपनी ने अपना सस्ता लैपटॉप हाल ही में पेश किया था जिसे मार्केट में कथित तौर पर जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला। लेकिन यही बात कंपनी के लिए अब मुसीबत बनती दिख रही है। दरअसल MacBook Neo की बढ़ती डिमांड को पूरा करने में कंपनी के पसीने छूट रहे हैं और इसकी आपूर्ति के लिए उसे अन्य कंपनी का सहारा लेना पड़ रहा है। खबर है कि एपल अपने MacBook Neo के लिए अब Intel से चिप बनवाने जा रही है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
Apple MacBook Neo की कथित बढ़ती डिमांड को कंपनी सही ढंग से पूरा नहीं कर पा रही है। मार्केट में चिप शॉर्टेज के चलते कंपनी का प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है। इसी को देखते हुए कंपनी ने अपने नेक्स्ट जेनरेशन MacBook Neo के लिए चिप अब Intel से तैयार करवाने का कदम उठाया है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, Apple और Intel में शुरुआती चिप मेकिंग डील हुई है। इंटेल अब एपल के लिए A27 चिप बनाएगी जो अगली जेनरेशन के मैकबुक निओ में भी इस्तेमाल होंगीं।
एपल के लिए चिपमेंकिंग का काम सालों से ताईवान की कंपनी TSMC करती आ रही है। लेकिन कंपनी की क्षमता अब प्रभावित हुई है क्योंकि AI के आने से मार्केट में चिप शॉर्टेज चल रही है। इसलिए एपल ने अपने चिप प्रोडक्शन की व्यापकता को बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी का मकसद है कि एंट्री लेवल और मेन स्ट्रीम चिप की शॉर्टेज न पड़े।
फिलहाल A18 चिप को कंपनी MacBook Neo और iPhone 16 में इस्तेमाल करती है। इन्हें TSMC तकनीकी के आधार पर बनाया जाता है। शॉर्टेज का असर A18 के प्रोडक्शन पर भी पड़ा बताया जा रहा है। इंटेल के साथ हुई डील से एप्पल को आगामी मैकबुक नियो लैपटॉप की बाजार में आवश्यक मात्रा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। खबरों के मुताबिक, एप्पल चिप संबंधी जरूरतों के लिए Samsung से भी बातचीत कर रही थी ताकि जरूरत पड़ने पर बैकअप विकल्प के तौर पर यहां से भी चिप उपलब्ध हो सकें।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी