मोबाइल टॉवर लगाने के लिये देश में बनेगी नई नीति

विज्ञापन
Bhasha, अपडेटेड: 30 जून 2016 17:24 IST
मोबाइल टावरों से स्वास्थ्य पर किसी प्रतिकूल प्रभाव को नकारते हुए केंद्र ने गुरुवार को कहा कि वह एक ऐसी नई नीति बनाने जा रहा है जिसके तहत टावरों को खासतौर पर रिहायशी इलाकों में लगाना आसान हो जायेगा।

केंद्रीय दूरसंचार सचिव जे एस दीपक ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह नीति अगले दो महीनों में तैयार हो जायेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में संबद्ध पक्षों से हमारी बातचीत चल रही है और मुझे लगता है कि अगले दो माह में यह नीति तैयार हो जायेगी।’’ दीपक ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में अभी तक ऐसा कोई अध्ययन नहीं हुआ है जिससे मोबाइल टॉवरों के विकिरण से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पडने की बात कही गयी हो। उन्होंने कहा कि चाहे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) हो या कोई और संस्थान किसी का भी अब तक इस पर ऐसा कोई अध्ययन सामने नहीं आया है।

कॉल ड्रॉप का जिक्र करते हुए दूरसंचार सचिव ने कहा कि कम मोबाइल टावरों का होना भी इसका एक संभावित कारण हो सकता है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि अभी देशभर में सिर्फ पांच लाख मोबाइल टावर हैं। हांलांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कनेक्टिविटी सुदृढ करने के लिये कितने और मोबाइल टावरों की जरूरत है।

उन्होंने नयी दिल्ली में अकबर रोड का हवाला देते हुए कहा कि पहले वहां कनेक्टिविटी न के बराबर थी लेकिन अब मोबाइल टावर लगने से कनेक्टिविटी ठीक हो गयी है और काल ड्राप के मामले बहुत कम हो गये हैं।

सचिव ने बताया कि बीएसएनएल भी अपनी अलग से एक मोबाइल टावर कंपनी बनाने जा रही है जिससे कनेक्टिविटी की समस्या कम हो जायेगी।
Advertisement

इस बीच, उत्तराखंड के मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और सूचना प्रोद्यौगिकी सचिव दीपक रावत के साथ बातचीत में दूरसंचार सचिव जे एस दीपक ने कहा कि केंद्र आने वाले समय में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के दूर दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों खासकर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों में कनेक्टिविटी बढाने में सहयोग देगा।

प्रदेश के मुख्य सचिव सिंह ने इस दौरान बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारधाम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढाने की मांग रखी। सिंह ने केंद्रीय दूरसंचार सचिव को अवगत कराया कि अभी तक 12 लाख तीर्थयात्री चारधाम की यात्रा पर आ चुके हैं और इसलिये कनेक्टिविटी को बढाना बहुत महत्वपूर्ण है।
Advertisement

सिंह ने यह भी कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात आइटीबीपी और एसएसबी की चौकियों में भी कनेक्टिविटी दी जाये।
Advertisement

दीपक ने सिंह की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि जल्द ही इन विषयों पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि मोबाइल टावरों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव संबंधी दुष्पचार से निपटने के लिये केंद्र पूरे देश में कार्यशाला आयोजित करेगा जिससे लोगों को इस संबंध में सही स्थिति का पता चल सके कि मोबाइल टॉवरों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। दीपक ने कहा कि देहरादून में यह कार्यशाला केंद्र की इसी मुहिम के तहत देश की पहली कार्यशाला है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Mobile, Mobile Drop, Call Drop
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. प्राइस अलर्ट! 1 मार्च से Vivo, iQOO के ये स्मार्टफोन Rs 2500 तक हो सकते हैं महंगे, जानें पूरी लिस्ट
  2. महंगे होंगे मोबाइल! 2026 में स्मार्टफोन मार्केट के लिए बुरी खबर
#ताज़ा ख़बरें
  1. प्राइस अलर्ट! 1 मार्च से Vivo, iQOO के ये स्मार्टफोन Rs 2500 तक हो सकते हैं महंगे, जानें पूरी लिस्ट
  2. 5 हजार सस्ता मिल रहा 7100mAh बैटरी वाला OnePlus का यह धांसू फोन!
  3. Huawei Mate 80 Pro का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. Xiaomi QLED TV X Pro 75 की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  5. Lenovo लॉन्च कर सकती है MWC 2026 में 3D डिस्प्ले वाले लैपटॉप, लीक में खुलासा
  6. Apple खोलेगी 2 मार्च को अपना पिटारा! iPhone 17e, MacBook Air, iPad Air हो सकते हैं लॉन्च, जानें खास बातें
  7. Amazfit Active 3 Premium लॉन्च हुई 3000 निट्स ब्राइटनेस, 4GB रैम, 12 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
  8. महंगे होंगे मोबाइल! 2026 में स्मार्टफोन मार्केट के लिए बुरी खबर
  9. पेमेंट्स कंपनी Block ने AI के चलते 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला!
  10. Noise ने Master Buds 2 किए लॉन्च, 30 घंटे चलेगी बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.